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अब सलमान खान के पिता सलीम खान को मिली लॉरेंस बिश्नोई के नाम की धमकी, हिरासत में आरोपी

Salman Khan Father Threat: सलमान खान के पिता सलीम खान को यह धमकी एक दिन पहले बुधवार मिली, जब वह सुबह की सैर के बाद बांद्रा बैंडस्टैंड में बैठे थे। एक बुर्का पहने हुए महिला और पुरुष सलीम खान के पास पहुंचे और उन्हें जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का नाम लेकर धमकी दी।

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सलमान खान के पिता को मिली धमकी।

Photo : BCCL

Salman Khan Father Threat: मुंबई के बांद्रा इलाके में अभिनेता सलमान खान के पिता और लेखक सलीम खान को जान की धमकी मिली है। इसके बाद पुलिस ने पुरुष और बुर्का पहने हुए एक महिला को हिरासत में लिया है। गुरुवार को पुलिस अधिकारियों ने बताया कि लेखक सलीम खान को यह धमकी एक दिन पहले बुधवार मिली, जब वह सुबह की सैर के बाद बांद्रा बैंडस्टैंड में बैठे थे।

पुलिस ने बताया कि बांद्रा बैंडस्टैंड में एक बुर्का पहने हुए महिला और पुरुष सलीम खान के पास पहुंचे और उन्हें जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का नाम लेकर धमकी दी। एक अधिकारी ने कहा कि पूछताछ के दौरान दोनों ने पुलिस को बताया कि वे सलीम खान के साथ केवल मजाक कर रहे थे। अधिकारी ने कहा, दोपहिया वाहन पर जा रहे एक पुरुष और बुर्का पहने हुए एक महिला ने बैंडस्टैंड पर सलीम खान को बैठे हुए देखा। वे यूटर्न लेकर उनके पास पहुंचे और कहा कि लॉरेंस बिश्नोई को भेजूं क्या?अधिकारी के मुताबिक सलीम खान को धमकाने के बाद दोनों वहां से चले गए।

सीसीटवी से हुई आरोपियों की पहचान

सलीम खान के सुरक्षाकर्मी ने दोपहिया वाहन का नंबर देखा और बुधवार को बांद्रा थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की और दोनों का पता लगा लिया। उन्होंने बताया कि दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 292 के तहत सार्वजनिक रूप से उपद्रव करने और कुछ अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। बता दें, जून 2022 में जब सलीम खान सुबह की सैर के बाद बांद्रा बैंडस्टैंड में एक बेंच पर बैठे थे, तो एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें एक पत्र दिया था, जिसमें उन्हें और उनके बेटे सलमान को जान से मारने की धमकी दी गई थी।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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