गोवा की राजनीति में बड़ा सियासी उलटफेर हुआ है। आम आदमी पार्टी (AAP) और क्षेत्रीय दल गोवा फॉरवर्ड पार्टी (GFP) ने आगामी विधानसभा चुनाव साथ मिलकर लड़ने का ऐलान किया है। दोनों दलों ने अपने गठबंधन का नाम ‘गोवा फर्स्ट’ रखा है। इस नए मोर्चे के सामने आने से गोवा में चुनावी मुकाबला और दिलचस्प होने के आसार हैं।
विजय सरदेसाई और AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने किया एलान
रविवार को पणजी में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल और गोवा फॉरवर्ड पार्टी अध्यक्ष विजय सरदेसाई ने गठबंधन की औपचारिक घोषणा की। दोनों नेताओं ने साफ संकेत दिया कि यह गठबंधन बीजेपी और कांग्रेस, दोनों से अलग राजनीतिक विकल्प के तौर पर मैदान में उतरेगा।
गठबंधन से पहले पूरे गोवा में AAP और GFP के संयुक्त होर्डिंग्स लगाए गए, जिस पर लिखा था - “कांग्रेस और BJP ने आपको दो बार धोखा दिया, तीसरी बार धोखा मत खाने दो।” ये निशाना कांग्रेस में हुई बड़ी बगावत पर था। 2019 में कांग्रेस के 15 में से 10 विधायक और 2022 में 11 में से 8 विधायक BJP में शामिल हो गए थे।
कांग्रेस को लेकर क्या बोले GFP अध्यक्ष सरदेसाई
इस मौके पर गोवा फॉरवर्ड पार्टी अध्यक्ष विजय सरदेसाई ने बताया कि कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर बातचीत हुई थी, लेकिन दल-बदल के मुद्दे पर उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। इसके बाद उनकी पार्टी ने अलग रास्ता चुनने का फैसला किया। सरदेसाई के मुताबिक, ‘गोवा फर्स्ट’ गैर-बीजेपी और गैर-कांग्रेस मोर्चे के रूप में चुनाव लड़ेगा।
2022 के विधानसभा चुनाव में GFP ने कांग्रेस के साथ किया था गठबंधन
गौरतलब है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में GFP ने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया था। पार्टी को फतोरदा सीट पर जीत मिली थी, जहां से विजय सरदेसाई खुद विधायक हैं। वहीं AAP ने पिछला चुनाव अकेले लड़ा था और दक्षिण गोवा की बेनौलिम और वेलिम सीटों पर जीत हासिल की थी। इन दोनों सीटों से वेंजी वीगस और क्रूज सिल्वा विधायक हैं। गोवा में विधानसभा चुनाव फरवरी 2027 से पहले होने हैं। ‘गोवा फर्स्ट’ के आने से मुकाबला त्रिकोणीय होने के आसार हैं।
