आम आदमी पार्टी (AAP) ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि वह अब विपक्षी गठबंधन इंडिया का हिस्सा नहीं है। सोमवार को आयोजित इंडिया ब्लॉक की बैठक से दूरी बनाते हुए पार्टी ने कहा कि गठबंधन से अलग होने के बाद बैठक में शामिल होने का कोई सवाल ही नहीं उठता।
AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह (Sanjay Singh) ने प्रेस वार्ता में कहा कि पार्टी कई बार साफ कर चुकी है कि उसका INDIA गठबंधन से अब कोई संबंध नहीं है। इसलिए बैठक में भागीदारी का प्रश्न ही नहीं उठता।
संजय सिंह ने बैठक में शामिल होने वाले दलों से यह भी पूछा कि वे किन मुद्दों पर चर्चा करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश को यह जानने का अधिकार है कि विपक्षी दलों की बैठक का एजेंडा क्या है और वहां किन विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
INDIA गठबंधन के भीतर मतभेदों की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि विपक्षी एकता को लेकर कई तरह की बातें भाजपा समर्थकों द्वारा फैलायी जाती हैं, जिन्हें अधिक महत्व नहीं दिया जाना चाहिए।
कांग्रेस के साथ नहीं होगा कोई गठबंधन
वहीं,आम आदमी पार्टी की मुख्य प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने भी कांग्रेस के साथ भविष्य में किसी गठबंधन की संभावना से इनकार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस गठबंधन राजनीति का इस्तेमाल मुख्य रूप से अपने संगठन को मजबूत करने के लिए करती है,न कि राष्ट्रीय हितों के लिए।
प्रियंका कक्कड़ ने दावा किया कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का मुख्य उद्देश्य आम आदमी पार्टी को नुकसान पहुंचाना था। ऐसे में दोनों दलों के बीच भविष्य में किसी राजनीतिक समझौते या गठबंधन की संभावना बेहद कम है।
इंडिया गठबंधन की बैठक में क्या हुआ?
इससे पहले, करीब ढाई साल बाद हुई इंडिया गठबंधन की बैठक में सहयोगी दलों ने आपसी मतभेदों को फिलहाल किनारे रखकर भाजपा और आरएसएस के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का फैसला किया। बैठक में चुनावी गड़बड़ियों, NEET-CBSE विवाद, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि गठबंधन ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित “वोट चोरी” के मुद्दे पर भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखने का फैसला किया है। नेताओं का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ियां हो रही हैं और इस पर न्यायपालिका का ध्यान जाना चाहिए।
