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AI-171 प्लेन क्रैश की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट कब तक? नागर विमानन मंत्री ने कहा- मंत्रालय पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित कर रहा है

एयर इंडिया के AI-171 प्लेन 12 जून को उड़ान भरने के साथ ही क्रैश कर गया था। यह प्लेन गुजरात के अहमदाबाद से लंदन जा रहा था, तभी यह हादसा हुआ।

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एयर इंडिया प्लेन क्रैश (फोटो- PTI)

नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने शुक्रवार को अहमदाबाद में पिछले महीने हुई एअर इंडिया विमान दुर्घटना के संबंध में विमान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (एएआईबी) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जल्द आने की उम्मीद जताई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस जांच प्रक्रिया में मंत्रालय पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित कर रहा है।

12 जून को हुआ था प्लेन क्रैश

12 जून को एअर इंडिया का बोइंग 787-8 विमान (उड़ान एआई 171) लंदन गैटविक के लिए अहमदाबाद से उड़ान भरने के तुरंत बाद एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दर्दनाक दुर्घटना में कुल 260 लोग सवार थे, जिनमें से 241 की मौत हो गई। हालांकि, इस हादसे में एक यात्री जीवित बच गया था, जो इस घटना की दुर्लभ और चौंकाने वाली बात बनी।

जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही

नायडू ने एक सम्मेलन के बाहर संवाददाताओं को बताया कि मंत्रालय सुनिश्चित कर रहा है कि जांच प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही हो। यह बात विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि विमान दुर्घटना के पीछे की वास्तविक वजह जानने के लिए जनता और सभी हितधारक पूरी तरह से संतुष्ट होना चाहते हैं। मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा, “बहुत जल्द... एएआईबी इस पर काम कर रहा है... यह एएआईबी की जिम्मेदारी है, उन्हें अपना काम करने दें।”

अंतरराष्ट्रीय मानदंड और रिपोर्ट की समयसीमा

अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के नियमों के तहत, विमान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो को दुर्घटना के 30 दिन के भीतर प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जमा करनी होती है। इस घटना की जांच की शुरुआत के बाद 26 जून को मंत्रालय ने दुर्घटना की स्थिति रिपोर्ट जारी की थी, जो इस प्रक्रिया का हिस्सा थी।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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