“भारत की सफलता से दुनिया को लाभ”, गणतंत्र दिवस 2026 पर उर्सुला वॉन डेर लेयेन का बड़ा संदेश
- Edited by: Nilesh Dwivedi
- Updated Jan 26, 2026, 07:42 PM IST
गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर भारत–यूरोपीय संघ संबंधों को नई मजबूती मिली है, जब यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भारत को एक निर्णायक वैश्विक साझेदार बताया। ईयू के टॉप नेताओं की मौजूदगी और आगामी ईयू-भारत शिखर सम्मेलन ने दोनों पक्षों के बीच रणनीतिक, व्यापारिक और सुरक्षा सहयोग को और गति दी है।
गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष (फोटो: ANI)
Ursula Von Der Leyen India Visit: गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सोमवार को भारत को एक अहम वैश्विक साझेदार बताया और कहा कि “एक सफल भारत दुनिया को अधिक स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित बनाता है।” यह बयान ऐसे समय आया है जब टॉप यूरोपीय नेता 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने के लिए नई दिल्ली पहुंचे हैं और मंगलवार को होने वाले ईयू-भारत शिखर सम्मेलन की तैयारियां चल रही हैं।
गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किए जाने को वॉन डेर लेयेन ने “अपने जीवन का सबसे बड़ा सम्मान” बताया। उन्होंने कहा कि यह आमंत्रण भारत और यूरोपीय संघ के बीच बढ़ते रणनीतिक तालमेल को दर्शाता है। एक्स पर साझा किए गए पोस्ट में उन्होंने लिखा कि भारत की सफलता से पूरी दुनिया को लाभ होता है। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा, यूरोपीय आयोग की वाइस प्रेसिडेंट काजा कालास और व्यापार व आर्थिक सुरक्षा, साथ ही अंतर-संस्थागत संबंध एवं पारदर्शिता के आयुक्त मारोश शेफकोविच समेत कई वरिष्ठ ईयू नेता भारत दौरे पर हैं। इन नेताओं की मौजूदगी ने व्यापार, सुरक्षा और रक्षा सहयोग जैसे क्षेत्रों में ईयू-भारत संबंधों में तेजी से बढ़ रही साझेदारी को रेखांकित किया है।
यूरोपीय संघ की वाइस प्रेसिडेंट ने कहा ये
यूरोपीय संघ की वाइस प्रेसिडेंट काजा कालास ने एक्स पर कहा कि भारत के साथ सहयोग को और मजबूत करने को लेकर “काफी सकारात्मक गति” बनी हुई है और यूरोपीय संघ इस मौके का पूरा लाभ उठा रहा है। उन्होंने नई दिल्ली में मौजूद होने और भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने को अपने लिए सम्मान की बात बताया। कालास ने बताया कि पहली बार यूरोपीय संघ के नौसैनिक अभियानों अटलांटा और एस्पाइड्स से जुड़े कर्मी गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने इसे भारत और यूरोपीय संघ के बीच बढ़ते भरोसे और गहराते रिश्तों का प्रतीक बताया। उन्होंने यह भी घोषणा की कि शिखर सम्मेलन के दौरान यूरोपीय संघ और भारत एक ईयू-भारत सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। इस पहल से समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आतंकवाद से निपटने जैसे अहम क्षेत्रों में ठोस और व्यावहारिक सहयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप
इस बीच, यूरोपीय संघ के व्यापार आयुक्त मारोश शेफकोविच ने भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में आमंत्रित किए जाने को “गहरा सम्मान” बताया। उन्होंने कहा कि यह अवसर यूरोपीय संघ और भारत के बीच साझेदारी को दोबारा मजबूती से स्थापित करने और उसे आगे बढ़ाने के लिए बेहद उपयुक्त है। एक्स पर साझा किए गए अपने संदेश में उन्होंने कहा कि इससे बेहतर समय नहीं हो सकता जब दोनों पक्ष एक महत्वाकांक्षी ईयू-भारत मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप देकर आपसी सहयोग को और सुदृढ़ करें।
मंगलवार को होगा ईयू-भारत शिखर सम्मेलन
मंगलवार को होने वाला ईयू-भारत शिखर सम्मेलन ऐसे समय आयोजित किया जा रहा है जब दोनों पक्ष वर्ष 2004 से चली आ रही अपनी रणनीतिक साझेदारी को और ऊंचाई पर ले जाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए), निवेश संरक्षण समझौते और भौगोलिक संकेत (जीआई) समझौते को लेकर बातचीत ने हाल के महीनों में तेजी पकड़ी है, और दोनों पक्षों का लक्ष्य 2025 के अंत तक इन वार्ताओं को पूरा करना है।
किन-किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
यूरोपीय संघ भारत को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक अत्यंत महत्वपूर्ण साझेदार मानता है। इसके पीछे भारत की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, तेजी से बढ़ता बाजार, और क्षेत्रीय सुरक्षा व समुद्री आवागमन की स्वतंत्रता बनाए रखने में उसकी भूमिका प्रमुख कारण हैं। भारत और यूरोपीय संघ पहले से ही जलवायु एवं ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, संपर्क, अनुसंधान, नवाचार और अंतरिक्ष जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग कर रहे हैं। इस शिखर सम्मेलन में व्यापार, तकनीक, सुरक्षा और रक्षा के साथ-साथ ईयू-भारत की नई रणनीतिक रूपरेखा पर भी चर्चा होने की उम्मीद है, ताकि दोनों पक्ष आपसी साझेदारी की पूरी संभावनाओं को साकार कर सकें।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (News in Hindi) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। देश (India News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से ।