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यूपी में 582 जजों का तबादला, ज्ञानवापी केस में फैसला सुनाने वाले न्यायाधीश रवि दिवाकर का भी हुआ ट्रांसफर

Allahabad High Court: इलाहाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण भंसाली के आदेश पर रविवार को 582 न्यायिक अधिकारियों का तबादला किया गया। कानपुर से 13 अलीगढ़ से 11 और बरेली से 5 जजों का ट्रांसफर हुआ है।

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इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 582 न्यायाधीशों का तबादला किया

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Allahabad High Court: इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 582 न्यायिक अधिकारियों का तबादला कर दिया है। इनमें 236 अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, 207 सिविल न्यायाधीश (वरिष्ठ श्रेणी) और 139 सिविल न्यायाधीश (कनिष्ठ श्रेणी) शामिल हैं। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के संयुक्त रजिस्ट्रार सतीश कुमार पुष्कर ने रविवार शाम को वार्षिक तबादला-2025 का आदेश जारी किया। न्यायाधीशों को तत्काल नए पदस्थापन स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने को कहा गया है। तबादले में सबसे अधिक 13 न्यायाधीश कानपुर से हैं। इसके अलावा अलीगढ़ से ग्यारह और बरेली से पांच न्यायाधीशों का भी तबादला किया गया है।

ज्ञानवापी मस्जिद का निर्णय देने वाले जज का भी हुआ तबादला

जानकारी के अनुसार, इस सूची में न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर का भी नाम शामिल हैं, जिन्होंने वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वेक्षण का निर्णय दिया था। वह बरेली में थे और अब उनका ट्रांसफर चित्रकूट जिला अदालत के लिए कर दिया गया है। अपर जिला न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर अपने निर्णयों में धार्मिक ग्रंथों का संदर्भ देते हैं।

बता दें, इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली के आदेश पर रजिस्ट्रार जनरल ने रविवार को अधिसूचना जारी करके प्रदेश के विभिन्न न्यायालयों में तैनात 582 न्यायिक अधिकारियों का अलग-अलग जिलों में ट्रांसफर किया है। ट्रांसफर किए गए न्यायिक अधिकारियों में 236 एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेंशन जज, 207 सिविल जज सीनियर डिवीजन तथा 139 सिविल जज जूनियर डिवीजन रैंक के अधिकारी शामिल हैं।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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