Ahmedabad-Mumbai Bullet Train project: भारत में बन रहे पहले बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को इतना सुरक्षित बनाया जा रहा है कि इसे शक्तिशाली भूकंप भी कुछ नहीं बिगाड़ सकता है। मुंबई अहमदाबाद रूट पर बन रहे इस बुलेट ट्रेन कॉरिडोर में कई जगह पर सिस्मोमीटर लगाया जाएगा, जिससे भूकंप का पता पहले ही चल जाएगा। जिसके बाद ऑटोमेटिक सिस्टम के जरिए बुलेट ट्रेन को रोका जा सकेगा।
कहां-कहां लगेगा सिस्मोमीटर
28 सिस्मोमीटर में से 22 मार्ग पर स्थापित किए जाएंगे। इनमें से आठ महाराष्ट्र में मुंबई, ठाणे, विरार और बोईसर में, जबकि 14 गुजरात के वापी, बिलीमोरा, सूरत, भरुच, वडोदरा, आणंद, महेमदाबाद और अहमदाबाद में लगाए जाएंगे। 28 सिस्मोमीटर में से बाकी के छह महाराष्ट्र में खेड, रत्नागिरी, लातूर और पांगरी में तथा गुजरात में अदेसर और ओल्ड भुज जैसे भूकंप के लिहाज से संवेदनशील इलाकों में लगाए जाएंगे।
क्या होगा फायदा
इस कॉरिडोर में लगे सिस्मोमीटर प्रारंभिक तरंगों के माध्यम से भूकंप से आने वाले झटकों का पता लगाएंगे। जिसके बाद कॉरिडोर की बिजली अपने आप ही बंद हो जाएगी। बिजली बंद होने पर आपातकालीन ब्रेक सक्रिय हो जाएंगे और प्रभावित इलाके में चल रही बुलेट ट्रेन रुक जाएगी।
भूंकप प्रभावित इलाकों में सिस्मोमीटर
ये सिस्मोमीटर उन इलाकों में लगाए जाएंगे जहां पिछले 100 सालों में 5.5 तीव्रता से ज्यादा के भूकंप आ चुके हैं। इनका जापानी विशेषज्ञों द्वारा सर्वेक्षण किया गया है।
