पशुपतिनाथ-बैद्यनाथ धाम को जोड़ेगा नया एक्सप्रेसवे, बनेगा 250 KM का हाई-स्पीड कॉरिडोर; बिहार के इन जिलों का होगा फायदा
- Edited by: शिव शुक्ला
- Updated Feb 10, 2026, 10:52 PM IST
नेपाल के पशुपतिनाथ से बिहार होते हुए झारखंड के बैद्यनाथधाम तक ’पशुपतिनाथ-बैद्यनाथधाम हाई-स्पीड कॉरिडोर’ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा। लगभग 250 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे काठमांडू से भीमनगर और बीरपुर होते हुए बिहार के सुपौल जिला में भारतीय सीमा में प्रवेश करेगा। इसके बाद यह मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया, मुंगेर और बांका जिलों से गुजरते हुए झारखंड के देवघर जिले स्थित बैद्यनाथधाम तक पहुंचेगा।
बनने जा रहा नया हाई स्पीड कॉरिडोर।
बिहार सरकार ने धार्मिक पर्यटन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई गति देने की दिशा में एक अहम पहल की है। पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने मंगलवार को विधानसभा में जानकारी दी कि नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर से लेकर झारखंड के बैद्यनाथधाम तक ‘पशुपतिनाथ-बैद्यनाथधाम हाई-स्पीड कॉरिडोर’ के रूप में एक नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा।
काठमांडू से देवघर का सीधा रूट
पथ निर्माण विभाग के बजट पर चर्चा के दौरान मंत्री ने बताया कि लगभग 250 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे नेपाल की राजधानी काठमांडू से शुरू होकर भीमनगर और बीरपुर के रास्ते बिहार में प्रवेश करेगा। इसके बाद यह सुपौल जिले से होते हुए मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया, मुंगेर और बांका जिलों से गुजरते हुए झारखंड के देवघर जिले में स्थित बैद्यनाथधाम तक पहुंचेगा।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
डॉ. जायसवाल ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि दो प्रमुख शिव धामों को सीधे जोड़कर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना और भारत-नेपाल के बीच सांस्कृतिक संपर्क को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि इससे श्रद्धालुओं को सुगम यात्रा सुविधा मिलेगी और क्षेत्र में पर्यटन आधारित गतिविधियों में तेजी आएगी।
रक्सौल-हल्दिया और दरभंगा-अमस एक्सप्रेसवे जैसे प्रमुख मार्गों से भी जुडेगा
मंत्री के अनुसार, इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के निर्माण से बिहार और झारखंड के कई जिलों में आर्थिक विकास, रोजगार के अवसर और परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही यह एक्सप्रेसवे रक्सौल-हल्दिया और दरभंगा-अमस एक्सप्रेसवे जैसे प्रमुख मार्गों से भी जोड़ा जाएगा, जिससे पूर्वी भारत में सड़क नेटवर्क और अधिक सुदृढ़ होगा।
भारत-नेपाल सीमा सड़क परियोजना के तहत बिहार में हो रहा काम
इसके अलावा, सदन को यह भी बताया गया कि भारत-नेपाल सीमा सड़क परियोजना के तहत बिहार में कुल 554.08 किलोमीटर लंबाई में सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर है। यह परियोजना पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज-इन सात सीमावर्ती जिलों से होकर गुजरेगी। यह मार्ग पश्चिमी चंपारण के मदनपुर से शुरू होकर किशनगंज के गलगलिया तक जाएगा।
मंत्री ने कहा कि इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने से सीमावर्ती क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा, साथ ही व्यापार, पर्यटन और सुरक्षा के लिहाज से भी बिहार को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (News in Hindi) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। देश (India News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से ।
