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26 जनवरी से पहले एकजुट हो रहे किसान, फिर जोर पकड़ेगा आंदोलन; दिल्ली मार्च का ऐलान

Farmers Protest: किसानों का आंदोलन 26 जनवरी से पहले एक बार फिर से जोर पकड़ते हुए दिखाई दे रहा है। 101 किसानों के एक समूह ने 26 जनवरी से पहले दिल्ली मार्च का ऐलान किया है। बीते दिनों 15 जनवरी को 111 किसानों के एक समूह ने अपने नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के साथ एकजुटता दिखाते हुए आमरण अनशन शुरू किया और कसम खाई कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वे पीछे नहीं हटेंगे।

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किसान आंदोलन

Photo : ANI

Farmers Protest: किसानों का आंदोलन 26 जनवरी से पहले एक बार फिर से जोर पकड़ते हुए दिखाई दे रहा है। 101 किसानों के एक समूह ने 26 जनवरी से पहले दिल्ली मार्च का ऐलान किया है। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने गुरुवार को कहा कि 101 किसानों का एक समूह 21 जनवरी को शंभू सीमा बिंदु से दिल्ली के लिए अपना मार्च फिर से शुरू करेगा ताकि सरकार पर फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी सहित उनकी मांगों को स्वीकार करने का दबाव बनाया जा सके।

तीन कोशिशें हो चुकी हैं विफल

इससे पहले 101 किसानों के जत्थे ने पिछले साल छह दिसंबर, आठ दिसंबर और 14 दिसंबर को शंभू सीमा से पैदल दिल्ली की ओर जाने के तीन प्रयास किए थे। उन्हें हरियाणा में सुरक्षा कर्मियों द्वारा आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई थी।

51 दिन से आमरण अनशन पर डल्लेवाल

प्रदर्शनकारी किसानों के दिल्ली मार्च के ऐलान से एक दिन पहले, 111 किसानों के एक समूह ने बुधवार को अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के साथ एकजुटता दिखाते हुए खनौरी के पास सीमा के हरियाणा की ओर आमरण अनशन शुरू किया। डल्लेवाल के आमरण अनशन का गुरुवार को 52वां दिन है।

कब शुरू होगा दिल्ली मार्च

पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू सीमा पर गुरुवार को पत्रकारों से बात करते हुए किसान मजदूर मोर्चा के नेता पंधेर ने पिछले 11 महीनों से शंभू और खनौरी में डेरा डाले किसानों की मांगें नहीं मानने के लिए केंद्र सरकार की आलोचना की। पंधेर ने कहा, ''दोनों मंचों (एसकेएम-गैर राजनीतिक, केएमएम) ने आज फैसला किया कि 101 किसानों का जत्था 21 जनवरी को शंभू सीमा से दिल्ली के लिए अपना मार्च फिर से शुरू करेगा।''

उन्होंने कहा कि हमने देखा है और हमें भी लगता है कि सरकार किसी भी बातचीत के लिए तैयार नहीं है। आंदोलन को तेज करने का फैसला दोनों मंचों ने लिया है। बीते दिनों 15 जनवरी को 111 किसानों के एक समूह ने अपने नेता डल्लेवाल के साथ एकजुटता दिखाते हुए आमरण अनशन शुरू किया और कसम खाई कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वे पीछे नहीं हटेंगे।

आमरण अनशन पर बैठा नया 'जत्था'

नया 'जत्था' हरियाणा की सीमा पर आमरण अनशन पर बैठा है। डल्लेवाल पिछले साल 26 नवंबर से पंजाब की तरफ खनौरी सीमा पर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। हरियाणा पुलिस ने सीमा के अपने हिस्से पर सुरक्षा बढ़ा दी है। इसने पहले ही भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू कर दी है, जिसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध है। प्रदर्शनकारी किसानों ने डल्लेवाल के 'बिगड़ते' स्वास्थ्य पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि लंबे समय तक उपवास के कारण उनके कई अंग काम करना बंद कर सकते हैं।

संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के संयोजक डल्लेवाल पिछले साल 26 नवंबर से पंजाब और हरियाणा के बीच खनौरी सीमा पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। एसकेएम (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले किसान पिछले साल 13 फरवरी से पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू और खनौरी सीमा बिंदुओं पर डेरा डाले हुए हैं, जब सुरक्षा बलों ने उन्हें अपनी फसलों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी सहित विभिन्न मांगों को लेकर दिल्ली तक मार्च करने की अनुमति नहीं दी थी।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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