देश

Farmers Protest: शंभू बॉर्डर पर एक और किसान ने की आत्महत्या, किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने सरकार को ठहराया जिम्मेदार

Farmers Protest: शंभू बॉर्डर पर किसानों को आंदोलन जारी है। इस बीच किसान आंदोलन के दौरान एक किसान ने सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली है। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि रेशम सिंह किसान की आज सल्फास खाने से मौत हो गई है। रेशम सिंह की मौत की जिम्मेदार सरकार है।

Image

शंभू बॉर्डर पर किसान ने की आत्महत्या की कोशिश

Photo : Twitter

Farmers Protest: शंभू बॉर्डर पर अपनी मांगों को लेकर किसान डटे हुए हैं। इसी बीच, आज एक किसान ने सुसाइड कर लिया है। जानकारी के अनुसार, किसान ने सल्फास की गोलियां खा ली। हालत गंभीर होने के बाद में उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मिली जानकारी के मुताबिक, किसान रेशम सिंह तरनतारन जिले के पहुविंड गांव के रहने वाले थे। रेशम सिंह इस बात से नाराज थे कि शंभू और खनौरी बॉर्डर पर 11 महीनों से चल रहे आंदोलन के बावजूद समस्या का सरकार द्वारा कोई समाधान नहीं किया जा रहा है।

इस बीच, किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि रेशम सिंह किसान की आज सल्फास खाने से मौत हो गई है। रेशम सिंह की मौत की जिम्मेदार सरकार है मरने से पहले उन्होंने कहा है क्योंकि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है जगजीत सिंह डल्लेवाल आमरण अनशन पर है लेकिन फिर भी सरकार बात नहीं कर रही है इसलिए वो आत्महत्या कर रहे हैं इसलिए जिन लोगों ने रेशम सिंह को आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज होना चाहिए। रेशम सिंह पर काफी कर्ज भी था इसलिए उनके परिवार को 25 लाख रुपए की आर्थिक मदद और एक परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए। जब तक सरकार मांगे नहीं मानती है तब तक रेशम सिंह का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा ना ही पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की भी हालत नाजुक

वहीं अगर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की बात करें तो उनकी हालत काफी नाजुक बनी हुई है। मेडिकल बुलेटिन जारी करते हुए अवतार सिंह ने बताया कि डल्लेवाल सही से बोल भी नहीं पा रहे हैं और वह मंगलवार को करीब एक घंटे तक बेहोश भी रहे थे। बुधवार को जगजीत सिंह डल्लेवाल ने प्रदर्शन कर रहे अपने किसानों से कहा था कि उनके मरने के बाद भी अनशन को जारी रखें। अपने करीबी साथी काका सिंह कोटड़ा को भेजे एक मार्मिक संदेश में डल्लेवाल ने कहा कि उनके पार्थिव शरीर को धरना स्थल पर रखा जाए और किसी अन्य नेता द्वारा अनशन जारी रखा जाए। कोटड़ा ने कहा कि अनशनकारी नेता ने किसी से मिलने से साफ मना कर दिया।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

और पढ़ें
End of Article