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पीरियड्स में होता है तेज दर्द तो रोज करें ये 3 योगासन, हंसते खेलते बीत जाएंगे मुश्किल दिन

Yoga For Period Pain In Hindi : पीरियड्स के दिन महिलाओं के लिए सबसे मुश्किल होते हैं। इसलिए इन 4-5 दिनों में महिलाओं में विशेष रूप से आराम करने की सलाह दी जाती है। यदि आप पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द से परेशान हैं, तो आज हम आपको इससे निजात दिलाने वाले कुछ योगासन बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं विस्तार से...

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yoga for periods pain

Yoga For Period Pain : महिलाओं को हर महीने पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द से परेशान होना पड़ता है। पेट और कमर में होने वाले दर्द के अलावा मूड स्विंग्स, थकान और चिड़चिड़ापन जैसी कई समस्याएं होती हैं। कभी-कभी ये दर्द इतना ज्यादा होता है कि दिनभर का परेशान होना पड़ता है। ऐसे में योग एक कारगर और सेफ तरीका है, जो बिना दवाई आपको पीरियड्स के दर्द से आराम दिला सकता है। आज हम आपको कुछ ऐसे आसन बताएंगे जिससे शरीर के निचले हिस्से में ब्लड फ्लो बढ़ता है, जिससे दर्द और क्रैम्प्स में राहत मिलती है। आइए जानते हैं कुछ आसान योगासन जो पीरियड के दर्द से राहत दिला सकते हैं।

बालासन (Child’s Pose)

पीरियड के दर्द से निजात दिलाने में बालासन बहुत ही कारगर पोज है। इस आसन को करने से कमर, पेट और जांघों में खिंचाव आता है, जिससे दर्द कम होता है। इसे करने के लिए घुटनों के बल बैठ जाएं, आगे झुककर माथा जमीन पर रखें और हाथ सामने की ओर फैलाएं। कुछ देर गहरी सांस लें और धीरे-धीरे वापस आएं।

सुप्त बद्धकोणासन (Reclining Butterfly Pose)

इसे बटरफ्लाई पोज के नाम से जाना जाता है। ये आपको पीरियड के दर्द से निजात दिलाने में कारगर साबित होता है। इस आसन से पेट और हिप्स में खिंचाव आता है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। इसे करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं, पैरों के तलवे आपस में मिलाएं और घुटनों को साइड में फैला दें। हाथ रिलैक्स पोज में रखें और धीरे-धीरे गहरी सांस लें।

पवनमुक्तासन (Wind Relieving Pose)

पीरियड के दर्द से निजात पाने के लिए पवनमुक्तासन एक कारगर योगासन है। पीरियड के दौरान गैस और पेट दर्द से पवनमुक्तासन एक कारगर अभ्यास है। इसे करने के लिए पीठ के बल लेटकर दोनों पैरों को मोड़ें और घुटने को छाती से लगाएं। हाथों से घुटनों को पकड़ें और सिर को ऊपर उठाएं।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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