Which Foods Can Trigger Asthma In Hindi: जब भी अस्थमा का जिक्र होता है, तो सबसे पहले दिमाग में प्रदूषण, धूल और धुएं का ख्याल आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी थाली में रखे कुछ खाने-पीने के आइटम भी अस्थमा की वजह बन सकते हैं? आपको बता दें कि कुछ ऐसे खास फूड्स ऐसे होते हैं जो अस्थमा के लक्षणों को बढ़ा सकते हैं या अचानक अटैक की स्थिति ला सकते हैं। इस विश्व अस्थमा दिवस पर, जरूरी है कि हम सिर्फ हवा की नहीं, बल्कि अपने खाने की क्वालिटी की भी जांच करें। सही खानपान अपनाकर अस्थमा को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।
अस्थमा किन फूड्स से ट्रिगर हो सकता है इस विषय पर बेहतर जानकारी के लिए हमने डॉ. सौरभ पहूजा से बात की, अमृता हॉस्पिटल, फरीदाबाद के पल्मोनोलॉजी विभाग में सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर हैं। चलिए जानते हैं कौन से फूड्स अस्थमा या सांस लेने की परेशानी बढ़ा सकते हैं।
कौन से फूड्स अस्थमा को ट्रिगर कर सकते हैं - Which Foods Can Trigger Asthma In Hindi
ड्राय फ्रूट्स, चिप्स और पैक्ड फूड
ड्राय फ्रूट्स जैसे किशमिश, पैकेज्ड सब्जियां, आलू चिप्स और रेड वाइन जैसी चीजों में सल्फाइट्स नामक प्रिजर्वेटिव पाया जाता है। ये देखने में तो आम फूड आइटम्स लगते हैं, लेकिन कुछ लोगों में ये सांस लेने में दिक्कत या अस्थमा अटैक तक ला सकते हैं। सल्फाइट्स शरीर में एलर्जी रिएक्शन पैदा कर सकते हैं, जिससे अस्थमा के लक्षण बढ़ जाते हैं। इसलिए अगर आपको इन चीजों के बाद सांस लेने में परेशानी महसूस हो, तो इन्हें अपनी डाइट से हटाना ही बेहतर है।
रंग-बिरंगी टॉफियां और बेकरी आइटम्स
बच्चों की टॉफी हो या केक-पेस्ट्री जैसी बेकरी आइटम्स आदि में मिलने वाले आर्टिफिशियल कलर्स और फ्लेवरिंग एजेंट्स अस्थमा के मरीजों के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं। ये शरीर के इम्यून सिस्टम को एलर्जी जैसी प्रतिक्रिया देने के लिए उकसाते हैं, जिससे खांसी, सीने में जकड़न या सांस फूलने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। खासतौर पर बच्चों के मामले में ये चीजें और भी अधिक ध्यान देने योग्य हैं।
आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक्स और ठंडा दूध
बहुत से लोगों को ठंडी चीजें खाने के बाद सांस लेने में तकलीफ होती है। इसका कारण होता है सांस की नली का अचानक सिकुड़ जाना, जिसे ब्रोंकोस्पाज्म कहते हैं। आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक्स या ठंडा दूध अस्थमा के लक्षणों को ट्रिगर कर सकते हैं। अगर किसी को खाने के बाद तुरंत सांस फूलने लगे या गले में घरघराहट महसूस हो, तो यह संकेत हो सकता है कि ठंडी चीजें उनके लिए सही नहीं हैं।
फ्रोजन और रेडी-टू-ईट फूड्स
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में फ्रीज में रखे रेडी-टू-ईट फूड्स का चलन बढ़ गया है। लेकिन ये सुविधाजनक खाने की चीजें सोडियम और प्रिजर्वेटिव से भरपूर होती हैं, जो शरीर में एलर्जी का कारण बन सकते हैं। अस्थमा के मरीजों के लिए ये पदार्थ फेफड़ों की सूजन को बढ़ा सकते हैं और लक्षणों को और गंभीर बना सकते हैं। इसलिए बेहतर है कि ऐसे खाने से दूरी बनाकर रखें।
क्या खाएं जिससे फायदा हो
डॉ. सौरभ पहूजा की मानें तो अस्थमा के मरीजों को ज्यादा से ज्यादा ताजा, घर का बना और संतुलित खाना खाना चाहिए। खासतौर पर ऐसे फूड्स जो ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर हों जैसे अलसी के बीज, अखरोट, मछली, सेब, गाजर, पालक और ब्रोकली। ये फूड्स फेफड़ों में सूजन को कम करते हैं और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं। साथ ही, हल्दी, अदरक और तुलसी जैसी देसी चीजें भी प्राकृतिक एंटी-इंफ्लेमेटरी होती हैं, जो अस्थमा में राहत देती हैं।
लक्षणों को नजरअंदाज न करें
डॉ. पहूजा कहते हैं, "अगर किसी खास खाने के बाद बार-बार खांसी आती है, सांस फूलती है या सीने में भारीपन लगता है, तो इसे मामूली समझकर न टालें। यह किसी खाद्य एलर्जी का संकेत हो सकता है। ऐसे में जल्द से जल्द एलर्जी प्रोफाइलिंग टेस्ट करवाएं और अपनी डाइट में सुधार करें।"
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
