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क्या आप भी कॉटन स्वैब से कान कुरेदते हैं? अनजाने में कर रहे हैं बड़ी गलती, बेहरेपन का हो सकते हैं शिकार

Why Not Use Cotton Swabs In Ears: क्या आप भी कान साफ करने के लिए कॉटन स्वैब (Cotton Swab) का इस्तेमाल करते हैं? यह आदत आपको सुनने की क्षमता खोने तक की बड़ी परेशानी दे सकती है। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि कॉटन स्वैब कान की नाजुक झिल्ली को नुकसान पहुंचाकर इंफेक्शन, ब्लॉकेज और बहरापन तक का कारण बन सकती है। आइए जानें क्यों यह आदत खतरनाक है और कान की सही देखभाल के लिए किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

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Why Not Use Cotton Swabs In Ears

Why Not Use Cotton Swabs In Ears: अक्सर जब कान में खुजली होती है या कान भारी महसूस होता है तो लोग कॉटन स्वैब (Cotton Swab) का इस्तेमाल कर लेते हैं। आपको भी लगता होगा कि इससे कान साफ हो जाता है और सारी गंदगी बाहर आ जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह आदत आपके कान की सेहत के लिए बहुत खतरनाक साबित हो सकती है? एक्सपर्ट्स का मानना है कि कॉटन स्वैब का इस्तेमाल करने से कान के अंदर मौजूद नैचुरल वैक्स और भी गहराई में चला जाता है। इससे कान बंद हो सकता है, इंफेक्शन बढ़ सकता है और गंभीर मामलों में सुनने की क्षमता भी खो सकती है। आइए जानते हैं कॉटन स्वैब से कान कुरेदने के छुपे हुए खतरे और इससे बचाव के उपाय।

कान के वैक्स को साफ करने की जरूरत नहीं

कान में बनने वाला वैक्स (Ear Wax) कोई गंदगी नहीं है, बल्कि यह कान की नैचुरल सुरक्षा का हिस्सा है। वैक्स कान को धूल, बैक्टीरिया और कीड़ों से बचाता है। जब आप कॉटन स्वैब से इसे निकालने की कोशिश करते हैं, तो यह और भी अंदर धकेल दिया जाता है। इससे कान की नली ब्लॉक हो सकती है और सुनने में दिक्कत आ सकती है।

ईयरड्रम को नुकसान का खतरा

कान का पर्दा यानी ईयरड्रम (Eardrum) बेहद नाजुक होता है। कॉटन स्वैब से कान कुरेदने पर यह फट सकता है। ईयरड्रम के फटने से कान में तेज दर्द, सुनाई देने की क्षमता कम होना और चक्कर आना जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। कई मामलों में यह नुकसान हमेशा के लिए हो जाता है।

इंफेक्शन और सूजन का खतरा

जब कॉटन स्वैब कान के अंदर ज्यादा गहराई तक जाती है तो वहां छोटे-छोटे जख्म बन सकते हैं। इन जख्मों से बैक्टीरिया और वायरस आसानी से अंदर पहुंच जाते हैं, जिससे कान में सूजन, मवाद और इंफेक्शन हो सकता है। लंबे समय तक ऐसा होने पर यह क्रॉनिक ईयर डिजीज (Chronic Ear Disease) का रूप ले सकता है।

सुनने की क्षमता पर असर

कॉटन स्वैब से कान कुरेदने की आदत धीरे-धीरे सुनने की क्षमता को कम कर सकती है। वैक्स अंदर जमा होकर हार्ड प्लग बना देता है, जिससे आवाज कान तक ठीक से नहीं पहुंचती। अगर समय पर इलाज न किया जाए तो यह बहरापन (Hearing Loss) तक का कारण बन सकता है।

कान की नैचुरल सफाई प्रक्रिया बाधित

कान खुद को साफ करने की क्षमता रखता है। जबड़े को हिलाने या चबाने जैसी क्रियाओं से वैक्स अपने आप बाहर की तरफ आ जाता है। कॉटन स्वैब का इस्तेमाल करने से यह नैचुरल प्रोसेस रुक जाती है और कान में ब्लॉकेज की समस्या और बढ़ जाती है।

सही तरीके से करें कान की देखभाल

अगर आपको लगता है कि कान में वैक्स ज्यादा जमा हो गया है, तो डॉक्टर से दिखाना सबसे सुरक्षित तरीका है। घर पर कॉटन स्वैब का इस्तेमाल करने से बचें। इसके बजाय ईयर ड्रॉप्स (Ear Drops) का प्रयोग कर सकते हैं या फिर ईएनटी स्पेशलिस्ट से कान साफ करवाना चाहिए।

कान हमारे शरीर का बेहद संवेदनशील हिस्सा है, जिसे गलत तरीके से छेड़ना खतरनाक साबित हो सकता है। कॉटन स्वैब से कान कुरेदना जहां एक आम आदत लगती है, वहीं यह सुनने की क्षमता पर स्थायी असर डाल सकती है। अगर आप चाहते हैं कि आपकी सुनने की शक्ति हमेशा सही बनी रहे, तो इस आदत को तुरंत छोड़ दें और कान की देखभाल के लिए केवल सुरक्षित और डॉक्टर द्वारा सुझाए गए तरीकों को ही अपनाएं।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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