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गर्मी में क्यों बढ़ जाता है ब्रेन स्ट्रोक का खतरा? जानें कैसे धूप में निकलने की गलती ले सकती है आपकी जान

दिल्ली एनसीआर के इलाकों में इन दिनों तापमान में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जिसके चलते लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी होने लगी हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गर्मी का ये कहर आपके लिए जानलेवा भी साबित हो सकता है। जी हां आज हम आपको बताएंगे कि क्यों गर्मी में ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है?

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why brain stroke in summer

दिल्ली-NCR के इलाके के साथ-साथ पूरे उत्तर भारत के इलाके में तेज गर्मी और लू ने अपना कहर बरपाना शुरू कर है। लगातार तेज होते तापमान से गर्मी में न केवल हीट स्ट्रोक बल्कि ब्रेन स्ट्रोक जैसी जानलेवा कंडीशन का खतरा भी तेजी से बढ़ जाता है। इसके लिए हेल्थ एक्सपर्ट अपना ख्याल थोड़ा ज्यादा रखने की सलाह भी देते हैं। हाल ही में सामने आई एक खबर की मानें तो गर्मी के कारण एक 45 वर्षीय व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिसे लकवे की समस्या के चलते अस्पताल में लाया गया था। खेत में काम करते हुए उसे अचानक से चक्कर आया और वह बेहोश हो गया। अस्पताल में कुछ जरूरी जांच के बाद पता चला कि वह ब्रेन स्ट्रोक का शिकार हुआ है। आइए जानते हैं गर्मी में क्यों बढ़ जाता है ब्रेन स्ट्रोक का खतरा?

गर्मी में क्यों बढ़ता है ब्रेन स्ट्रोक का खतरा?

हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो गर्मियों में बाहर का तापमान बहुत अधिक होता है। ऐसे में यदि शरीर को पर्याप्त पानी न मिल पाए, तो हमारा खून गाढ़ा होने लगता है और दिमाग में खून का फ्लो रुक जाता है। जिससे ब्रेन स्ट्रोक जैसी जानलेवा कंडीशन पैदा हो सकती है। ऐसे में उन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है, जो खुले आसमान के नीचे धूप में काम करते हैं।

गर्मी में ब्रेन स्ट्रोक से बचाव के घरेलू उपाय - Home remedies to prevent brain stroke in summer

  • गर्मी के दिनों में कम से कम 3-4 लीटर पानी जरूर पीएं।
  • गर्मी में घर से बाहर निकलने से पहले नींबू पानी, नारियल पानी जैसी चीजों का सेवन करें।
  • दोपहर के समय सीधे धूप के संपर्क में आने से बचें।
  • दोपहर के समय में बहुत ज्यादा शारीरिक मेहनत वाला काम करने से बचें।
  • धूप में चक्कर आना, सिर दर्द, और बहुत अधिक कमजोरी जैसे लक्षणों को साधारण न समझें।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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