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मानसून में क्यों बढ़ जाता है जोड़ों का दर्द? जानें इसके कारण और बचाव के उपाय

Joint Pain in Monsoon : मानसून हमारे लिए राहत और आफत दोनों एक साथ लेकर आता है, ऐसे में यदि आपके जोड़ों के दर्द रहता है, तो मानसून के सीजन में ये समस्या और बढ़ सकती है। जी हां आज हम आपको बताएंगे कि क्यों मानसून में जोड़ों का दर्द बढ़ जाता है? जानें इसके कारण और बचाव के उपाय...

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मानसून में क्यों बढ़ जाता है जोड़ों का दर्द (Photo - Canva)

गर्मी के बाद आने वाला मानसून का मौसम आपको काफी राहत दिलाता है। लेकिन ये मौसम का बदलाव आपकी सेहत के लिए कई तरह की चुनौतियां भी लेकर आता है। इस मौसम में मच्छरों का आतंक बढ़ जाता है, जिससे कई तरह की बीमारियां जैसे डेंगू-मलेरिया आदि का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में यदि आप जॉइन पेन से परेशान रहते हैं, तो मानसून आपके इस दर्द को और भी बढ़ा सकता है। जी हां आज हम आपको बताएंगे कि मानसून में जोड़ों का दर्द क्यों बढ़ने लगता है। इसके साथ ही इसे ठीक करने के उपाय भी बताने जा रहे हैं।

मानसून में जोड़ों के दर्द का कारण?

नमी बढ़ने की वजह

मानसून के दौरान वातावरण में नमी काफी बढ़ जाती है, जिससे जोड़ों में फ्लूइड जमा होने लगता है। इस मौसम में जोड़ों में सूजन की समस्या बढ़ जाती है, जिससे जोड़ों में दर्द की समस्या बढ़ सकती है।

वायुमंडलीय दबाव

वातावरण में तेजी से बढ़ी उमस और नमी वायुमंडल में अतिरिक्त दबाव (बैरोमेट्रिक प्रेशर) पैदा करती है। जिससे जोड़ों में दर्द और सूजन की समस्या ट्रिगर हो सकती है।

फिजिकल एक्टिविटी की कमी

मानसून में बारिश के कारण लोगों का घर से बाहर निकल पाना काफी मुश्किल हो जाता है। जिससे वह फिजिकल एक्टिविटी नहीं कर पाते हैं। शारीरिक गतिविधियों में कमी के कारण आपकी मांसपेशियां और हड्डियां कमजोर होने लगती है, जिससे दर्द बढ़ जाता है।

जोड़ों के दर्द से बचाव के उपाय

  • आपको अपना वॉटर इंटेक दुरुस्त रखना चाहिए, इससे शरीर से टॉक्सिन बाहर निकलते रहें और दर्द से राहत मिल सके।
  • जोड़ों के दर्द से निजात पाने के लिए फिजिकल एक्टिविटी भी काफी जरूरी है, इसलिए स्ट्रेचिंग, वॉक और जंपिंग करते रहें।
  • खाने में नमक का सेवन कम करें, क्योंकि ये आपके जोड़ों में फ्लूइड को रोकता है, जिससे दर्द बढ़ता है।
  • डाइट में हल्दी का सेवन जरूर करें, हल्दी में मौजूद करक्यूमिन आपके जोड़ों के दर्द को कम करने में मदद करता है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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