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Pregnancy: एक्सपर्ट से जानिए गर्भावस्था में ब्लीडिंग क्यों होती है? इन बातों को नजरअंदाज किया तो हो सकता है गर्भपात!

  • Written by: प्रणव मिश्र
  • Updated Apr 2, 2023, 10:53 AM IST

Bleeding during pregnancy: कुछ महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान रक्तस्राव की समस्या होती है। लेकिन इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसके बुरे दुष्प्रभाव हो सकते हैं। इस बारे में विशेषज्ञ से विस्तार से जानिए -

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Miscarriage : गर्भपात के पीछे मुख्य कारण क्या है?

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Bleeding during pregnancy Causes and Effect in Hindi: गर्भावस्था का हर दिन बच्चे के गर्भ में आने के समय से हर महिला के लिए अलग और नाजुक होता है। इस दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं। उन परिवर्तनों और लक्षणों पर करीब से ध्यान देने की आवश्यकता है।

ऐसे में एक छोटी सी भी गलती मां और बच्चे के लिए परेशानी का सबब बन सकती है। इन्हीं में से एक है प्रेग्नेंसी के दौरान ब्लीडिंग होना। गर्भावस्था के दौरान ब्लीडिंग हो रही हो तो यह बात कितनी सामान्य या सामान्य है या इसका क्या प्रभाव हो सकता है, आइए स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉक्टर लवली जेठवानी से जानते हैं-

गर्भावस्था के दौरान रक्तस्राव क्यों होता है? | Vaginal Bleeding and Blood Clots During Pregnancy

स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉक्टर लवली जेठवानी ने टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से बातचीत में बताया कि गर्भावस्था के दौरान ब्लीडिंग होने पर आपको इसके लक्षणों को पहचानना चाहिए और इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को यह समस्या किसी भी महीने में हो सकती है और योनि से रक्तस्राव शुरू हो जाता है और यह मां और बच्चे के लिए अच्छा नहीं होता है। ऐसा दिखे तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

प्रेग्नेंसी में ब्लीडिंग होने के कारण | What causes bleeding during pregnancy ?

पहले तीन महीनों में रक्तस्राव होने से गर्भवती महिलाओं में गर्भपात का जोखिम बढ़ सकता है। अगर गर्भपात का खतरा है तो बेड रेस्ट और डॉक्टर के सलाह से दवाईयों के माध्यम द्वारा इस जोखिम से बचा जा सकता है। गर्भ में बच्चे की स्थिति की जांच के लिए अल्ट्रासाउंड का उपयोग किया जाता है। दूसरी और तीसरी तिमाही के दौरान ब्लीडिंग होना सामान्य बात नहीं है, इसलिए तुरंत अपने डॉक्टर को दिखाएं। हालांकि, प्रसव का समय नजदीक होने पर ब्लीडिंग इस बात का संकेत हो सकता है कि बच्चा बाहर आ सकता है।

पहले 3 महीनों में ब्लीडिंग होना |Bleeding in the first 3 months

मेयो क्लिनिक के अनुसार, एक्टोपिक प्रेग्नेंसी (जिसमें अंडा या भ्रूण गर्भाशय के बाहर बढ़ता है), इम्प्लांटेशन ब्लीडिंग (गर्भाधान के 10 से 14 दिन बाद होता है, जब अंडा गर्भाशय में प्रत्यारोपित होता है), गर्भपात (गर्भावस्था की समाप्ति से पहले 20वां सप्ताह), मोलर गर्भावस्था (यह (एक दुर्लभ घटना जिसमें बच्चे के बजाय असामान्य कोशिकाएं विकसित होती हैं) और प्लेसेंटा की समस्याएं, यानी प्लेसेंटा की सूजन या बढ़ना, पहली तिमाही में रक्तस्राव का कारण बन सकता है।

दूसरी और तीसरी तिमाही में रक्तस्राव | Bleeding in the second and third trimesters

दूसरी और तीसरी तिमाही के दौरान योनि से खून बहना Short Cervicitis (गर्भाशय का समय से पहले खुलना, जिससे समय से पहले जन्म हो सकता है), गर्भपात या गर्भ में भ्रूण की मृत्यु, अपरा गर्भपात (Placental Abruption) - जब बच्चा हो सकता है पर्याप्त पोषक तत्व और ऑक्सीजन नहीं मिल रहा है। इन स्थितियों में प्लेसेंटा प्रेविया (Placenta Previa) (प्लेसेंटा गर्भाशय ग्रीवा को कवर करता है और गर्भावस्था के दौरान गंभीर रक्तस्राव का कारण बनता है), समय से पहले प्रसव-हल्की ब्लीडिंग शामिल है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान रक्तस्राव से सावधान रहना चाहिए और कोई जोखिम नहीं उठाना चाहिए।

प्रणव मिश्र
प्रणव मिश्रauthor

मीडिया में पिछले 5 वर्षों से कार्यरत हैं। इस दौरान इन्होंने मुख्य रूप से टीवी प्रोग्राम के लिए रिसर्च, रिपोर्टिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए काम किया है। इससे पहले जनसत्ता, लोकसभा टीवी/संसद टीवी, पेबेल मीडिया नेटवर्क, टाइम 8, डीडी न्यूज़ के लिए काम कर चुके हैं। इस समय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पेशल करेस्पोंडेंट के पद पर कार्यरत हैं।

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