हेल्थ

इन लोगों को होता है किडनी फेल्योर का ज्यादा खतरा, हल्के में न लें ये 3 बीमारियां निकाल देती हैं किडनी की जान

लाइफस्टाइल से जुड़ी कुछ बीमारियों के कारण आपको कई तरह की गंभीर समस्याओं का शिकार होना पड़ सकता है। जी हां आपको आज हम 3 ऐसी बीमारियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसमें किडनी फेल होने का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...

Image

kidney failure risk

बढ़ती उम्र और खानपान की गलतियां आपकी सेहत के लिए काफी परेशानियां पैदा कर देती हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप सेहत का ख्याल रखने के लिए कुछ बातों को ध्यान में जरूर रखें। हाल ही में एक शोध में इस बात का खुलासा हुआ है कि कुछ क्रोनिक बीमारियों के कारण किडनी फेल होने जैसी कंडीशन बढ़ती जा रही है। वहीं यदि आपकी उम्र ज्यादा है और क्रोनिक डिजीज के शिकार हैं, तो आपको किडनी फेल्योर का खतरा काफी बढ़ सकता है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...

शोध में हुआ खुलासा

हाल में जर्नल ऑफ द अमेरिकन जेरिएट्रिक सोसायटी में छपी एक स्टडी की मानें तो डायबिटीज, हाई बीपी, और हार्ट डिजीज जैसे रोगों का बुरा असर आपकी किडनी पर पड़ता है। जी हां इन रोगों से जूझ रहे लोगों को किडनी फेल होने का खतरा काफी ज्यादा होता है। एक्सपर्ट्स की मानें तो कार्डियो मेटाबोलिक रोग जैसे दिल से जुड़ी बीमारी और मेटाबॉलिज्म से जुड़ी समस्याएं जैसे- डायबिटीज, हाई बीपी, और हार्ट डिजीज हमारी किडनी को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती हैं।
Diabetes

Diabetes

डायबिटीज

डायबिटीज टाइप-1 हो या टाइप-2 दोनों ही आपकी किडनी को बुरी तरह प्रभावित कर सकती हैं। क्योंकि आपका हाई शुगर लंबे समय तक खून में मिलते हुए किडनी की लाखों छोटी फिल्टरिंग कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है। जिससे किडनी फेल होने का खतरा बढ़ जाता है।

High Blood Pressure

High Blood Pressure

हाई ब्लड प्रेशर

हाई ब्लड प्रेशर भी आपकी किडनी को काफी नुकसान पहुंचाता है, क्योंकि इससे आपकी नसों को भारी नुकसान पहुंचता है। जिससे किडनी के ब्लड वेसल्स को भारी नुकसान होता है। जिसके फल स्वरूप किडनी फेल भी हो सकती है। इसलिए ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करना जरूरी है।

Heart Disease

Heart Disease

हार्ट रोग

हार्ट रोग और गुर्दे की बीमारी में एक गहरा संबंध हो सकता है। हृदय रोग से जूझ रहे लोगों में किडनी फेल होना मृत्यु का सबसे आम कारण है। क्योंकि हार्ट में समस्या होने पर आपका दिल खून ठीक से पंप नहीं कर पाता है, जिससे किडनी में खून पर्याप्त नहीं पहुंच पाता है। यही कारण है कि किडनी फेल होने का खतरा बढ़ जाता है।

क्या हैं शोध के आंकड़े?

जर्नल ऑफ द अमेरिकन जेरिएट्रिक सोसायटी में छपी एक स्टडी में 15 वर्षों तक 3,100 से अधिक बुजुर्गों के आंकड़ों को शामिल किया गया है। इस शोध में शामिल लोगों की औसत उम्र 74 वर्ष थी जिसमें से दो-तिहाई महिलाएं प्रतिभागी थीं। शोधकर्ताओं ने आंकड़े बनाने से पहले बॉडी चेकअप, मेडिकल हिस्ट्री, रेगुलर हेल्थ चेकअप के आधार पर अपना डेटा तैयार किया है। आपको ध्यान देना होगा कि शोध में शामिल प्रतिभागियों की Glomerular Filtration Rate (eGFR) के माध्यम से किडनी फंक्शन को जांचा गया। स्टडी के चौंकाने वाले आंकड़े बताते हैं कि कुल प्रतिभागियों में से 87 प्रतिशत लोगों को दो या उससे ज्यादा क्रोनिक बीमारियां थीं, जो यह साफ बताता है कि बुजुर्गों में मल्टीपल हेल्थ कंडीशन काफी साधारण होती जा रही हैं। शोधकर्ताओं ने बताया कि सबसे खतरनाक वह ग्रुप था, जिसमें कार्डियो मेटाबोलिक बीमारियां थी। इन लोगों की किडनी खराब होने का खतरा 3 गुना अधिक था।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

और पढ़ें
End of Article