Foods To Avoid For Better Sleep: कभी-कभी ऐसा होता है कि पूरा दिन थकान भरा गुजरने के बाद भी रात को नींद आने में मुश्किल होती है। कई लोग सोचते हैं कि इसका कारण तनाव या मोबाइल हो सकता है, लेकिन क्या आपने कभी अपने रात के खाने पर ध्यान दिया है? दरअसल, जो चीजें हम रात में खाते हैं, वही हमारी नींद की सबसे बड़ी वजह या दुश्मन बन जाती हैं। न्यूट्रिशनिस्ट्स का मानना है कि अगर थाली में सही चीजें शामिल की जाएं तो बिना दवा के भी गहरी, सुकून भरी नींद आ सकती है। आइए जानते हैं कैसे।
हल्का और पचने वाला डिनर दे चैन की नींद
न्यूट्रिशनिस्ट्स के अनुसार रात का खाना हमेशा हल्का और जल्दी पचने वाला होना चाहिए। देर रात भारी खाना खाने से पेट को पचाने में समय लगता है, जिससे शरीर रिलैक्स नहीं कर पाता और नींद टूटती रहती है। कोशिश करें कि डिनर में दाल, सब्जी, दलिया या सूप जैसी चीजें शामिल करें। रात का खाना सोने से कम से कम दो घंटे पहले खा लें ताकि पेट को पचाने का वक्त मिले।
ट्रिप्टोफैन युक्त फूड्स बनते हैं नींद के साथी
ट्रिप्टोफैन एक अमीनो एसिड है जो दिमाग में सेरोटोनिन और मेलाटोनिन जैसे नींद बढ़ाने वाले हार्मोन बनाने में मदद करता है। न्यूट्रिशनिस्ट्स के अनुसार दूध, दही, अंडा, बादाम और केले जैसे फूड्स रात में शामिल करने से नींद की क्वालिटी बेहतर होती है। सोने से आधा घंटा पहले हल्का गुनगुना दूध पीना नींद लाने में बहुत असरदार माना गया है।
ज्यादा मसालेदार और तली चीजों से करें परहेज
रात में तीखा, मसालेदार या फ्राइड खाना खाने से एसिडिटी और ब्लोटिंग की समस्या हो सकती है, जिससे नींद बार-बार टूटती है। खासतौर पर लाल मिर्च और तले स्नैक्स शरीर का तापमान बढ़ाते हैं, जो नींद आने में रुकावट डालते हैं। इसलिए रात में तली चीजों से दूरी बनाना ही बेहतर है।
कैफीन और चाय-कॉफी से रखें दूरी
कई लोग रात के वक्त कॉफी या ग्रीन टी पीते हैं, लेकिन इनमें मौजूद कैफीन दिमाग को एक्टिव रखता है, जिससे नींद देर से आती है। न्यूट्रिशनिस्ट्स की सलाह है कि सोने से चार घंटे पहले तक किसी भी कैफीन युक्त ड्रिंक से बचें। चाहें तो उसकी जगह हर्बल टी या हल्दी वाला दूध पी सकते हैं।
शुगर बढ़ने और देर रात की क्रेविंग्स रोकें
रात में मीठा या ज्यादा कार्ब वाले फूड्स ब्लड शुगर को बढ़ा देते हैं, जिससे शरीर में एनर्जी स्पाइक आती है और नींद भाग जाती है। इसलिए डिनर में कॉम्प्लेक्स कार्ब्स जैसे ब्राउन राइस, ओट्स या सब्जियां लें जो धीरे-धीरे डाइजेस्ट हों और ब्लड शुगर को स्टेबल रखें। इससे नींद गहरी और रिलैक्सिंग आती है।
डिनर टाइम ही तय करें, देर से खाना न खाएं
नींद की क्वालिटी सिर्फ खाने से नहीं बल्कि खाने के समय पर भी निर्भर करती है। रोज एक तय समय पर डिनर करने से शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक सेट होती है और नींद अपने आप आने लगती है। कोशिश करें कि रात का खाना 8 बजे तक खा लें और उसके बाद सिर्फ हल्का पानी पिएं।
अगर रात को नींद नहीं आती या बार-बार नींद टूटती है, तो सबसे पहले अपनी थाली और टाइमिंग पर ध्यान दें। सही डाइट से शरीर को आराम मिलता है, दिमाग शांत होता है और नींद अपने आप गहरी और सुकूनभरी आने लगती है। इसलिए आज से ही अपनी थाली को नींद की दोस्त बना लीजिए।
