हेल्थ

हेल्दी समझ कर आप भी तो नहीं खा रहे ये अनहेल्दी चीजें, पेट में जाते ही कर देती हैं बीमार!

Unhealthy Foods : हेल्दी खाने का मतलब सिर्फ हेल्दी दिखना या ब्रांडिंग नहीं होता है। जी हां हेल्दी का साफ मतलब है कि आप क्या खा रहे हैं और कितना खा रहे हैं। आज हम आपको कुछ ऐसी चीजों की लिस्ट बताने जा रहे हैं, जो दिखने में हेल्दी लेकिन वास्तव में अनहेल्दी होती हैं।

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Unhealthy Foods : हेल्दी खाने का मतलब सिर्फ नाम, लेबल या ब्रांड नहीं है। बल्कि हेल्दी खाने का मतलब है कि आप क्या खा रहे हैं, कितना खा रहे हैं, और यह कैसे बना है। अगर आपने सोचा है कि यह “हेल्दी ब्रेकफास्ट” या “डाइट स्नैक” है तो दोबारा सोचें। क्योंकि पैकेट में बंद वही चीजें आपकी हेल्थ को फायदे की जगह नुकसान कर सकती हैं। इसलिए खाने में सतर्कता बरतना जरूरी है। आइए जानते हैं कुछ ऐसी चीजें जो केवल दिखने में हेल्दी हैं जबकि इन्हें खाने से फायदे की जगह नुकसान ही होता है।

फ्लेवर्ड ओटमील

ओटमील को आमतौर पर एक बेहतरीन नाश्ते के रूप में देखा जाता है क्योंकि इससे हमें फाइबर मिलता है। लेकिन ओटमील जब “फ्लेवर” के साथ आता है, तो ये सेहत के लिए नुकसानदायक हो जाता है। ऐसा ओटमील जिसे चीनी से मीठा किया गया हो या तैयार पैकेट वाले ओटमील सेहत के लिए नुकसानदायक होता हैं। क्योंकि इस प्रोसेसिंग के दौरान अतिरिक्त शुगर, नमक और एडिटिव्स से भर जाता है। इससे ब्लड शुगर जल्दी बढ़ सकती है।

पैक्ड जूस और स्मूदी

'फ्रूट जूस' या 'स्मूदी' सुनकर लगता है कि यह फलों से भरपूर है और सेहत के लिए अच्छा विकल्प है। लेकिन इनके पैकेट को गहनता से देखने पर पता चलता है कि इनमें फलों की मात्रा बहुत कम होती है। वहीं इनमें शुगर और आर्टिफिशियल कलर भरपूर होते हैं। वहीं फलों में मौजूद फाइबर भी इसमें लगभग खत्म कर दिया जाता है। कई ब्रांड के फ्रूट जूस तो सॉफ्ट ड्रिंक्स जितने ही हानिकारक हो सकते हैं।

ब्राउन ब्रेड

ब्रेड का चयन करते समय लोग अक्सर सफेद की जगह ब्राउन ब्रेड को वरीयता देते हैं। हालांकि सफेद मैदा वाले ब्रेड की जगह आटे से तैयार ब्राउन ब्रेड में ज्यादा फाइबर होता है। जो आपकी सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है। लेकिन आज मार्केट में मौजूद ज्यादातर ब्राउन ब्रेड को कलर मिलाकर ब्राउन किया जाता है। जिसमें शुगर, मैदा और आर्टिफिशियल कलर का इस्तेमाल किया जाता है।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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