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थायराइड को जड़ से काबू करने के लिए अपनाएं ये आयुर्वेदिक उपाय, डॉक्टर की इस सलाह से होगा बेहतर कंट्रोल

Ayurveda Thyroid Control Tips: क्या आप भी थायराइड की समस्या से परेशान हैं, तो आयुर्वेदिक डॉक्टर दीक्षा भावसार द्वारा बताए गए आसान घरेलू उपाय अपनाकर थायराइड को कंट्रोल में लाया जा सकता है। सुबह की धूप, सही खानपान, नस्य थेरेपी और सही डिनर रूटीन से हार्मोन बैलेंस रखने में मदद मिलती है। जानिए थायराइड को जड़ से काबू करने के वैज्ञानिक और आयुर्वेदिक तरीके।

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थायराइड को काबू करने के आयुर्वेदिक उपाय

Ayurveda Thyroid Control Tips: आजकल थायराइड की समस्या बहुत आम होती जा रही है। वजन बढ़ना, बार-बार थकान, बालों का झड़ना, मूड स्विंग और नींद की परेशानी… ये सब थायराइड के असंतुलन के आम लक्षण हैं। ऐसे में लोग अक्सर सिर्फ दवाओं पर निर्भर हो जाते हैं, लेकिन आयुर्वेद हमें सिखाता है कि सही दिनचर्या और खानपान से भी थायराइड को बेहतर तरीके से कंट्रोल किया जा सकता है। आयुर्वेदिक डॉक्टर और हेल्थ इंफ्लुएंसर दीक्षा भावसार के बताए कुछ आसान और वैज्ञानिक तरीके हैं, जो रोजमर्रा की जिंदगी में अपनाकर थायराइड को जड़ से काबू में लाया जा सकता है।

सुबह 5-10 मिनट धूप में बैठना क्यों है जरूरी

सुबह की हल्की धूप लेना थायराइड के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। इससे शरीर की सर्कैडियन रिदम सही रहती है और कोर्टिसोल हार्मोन बैलेंस में आता है। आयुर्वेद में इसे सूर्य चिकित्सा कहा गया है, जो शरीर की अग्नि को मजबूत करता है और कफ दोष को संतुलित करता है। इससे मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है और मूड भी अच्छा रहता है, जो थायराइड कंट्रोल के लिए बहुत जरूरी है।

आयोडीन युक्त प्राकृतिक चीजें क्यों शामिल करें

थायराइड हार्मोन T3 और T4 के सही निर्माण के लिए आयोडीन बहुत जरूरी होता है। इसके लिए नारियल पानी, सेंधा नमक, सहजन (ड्रमस्टिक), चुकंदर और काले तिल को डाइट में शामिल करने की सलाह दी जाती है। आयुर्वेद के अनुसार ये सभी चीजें शरीर को पोषण देती हैं और आम (टॉक्सिन्स) को बढ़ाए बिना थायराइड को सहारा देती हैं, जिससे हार्मोन बैलेंस में मदद मिलती है।

गर्म देसी घी से नस्य थेरेपी का फायदा

रोज सुबह या रात में 2 बूंद गुनगुना देसी गाय का घी नाक में डालना आयुर्वेदिक नस्य प्रक्रिया का एक आसान तरीका है। इससे दिमाग और थायराइड के बीच का कनेक्शन मजबूत होता है। यह तनाव, चिंता और नींद की परेशानी को कम करने में मदद करता है। आयुर्वेद मानता है कि घी वात दोष को शांत करता है, जो खासतौर पर हाइपोथायराइडिज्म में एक अहम कारण माना जाता है।

रोज मुट्ठीभर कद्दू के बीज खाने का असर

थायराइड को कंट्रोल करने में जिंक की अहम भूमिका होती है। कद्दू के बीज जिंक से भरपूर होते हैं, जो T4 हार्मोन को एक्टिव T3 में बदलने में मदद करते हैं। इससे शरीर में एनर्जी लेवल बेहतर होता है, मेटाबॉलिज्म सुधरता है और बालों की सेहत भी अच्छी रहती है। आयुर्वेद इन्हें स्निग्ध और बल्य यानी शरीर को ताकत देने वाला भोजन मानता है।

रात का खाना जल्दी खाने की आदत क्यों जरूरी है

थायराइड के मरीजों के लिए रात का खाना बहुत देर से खाना नुकसानदायक हो सकता है। कोशिश करें कि डिनर शाम 7 बजे तक या ज्यादा से ज्यादा 8 बजे तक कर लें। इससे पाचन बेहतर रहता है, ब्लोटिंग और सुस्ती कम होती है और शरीर का नेचुरल हार्मोन साइकल सही बना रहता है। आयुर्वेद के मुताबिक जल्दी खाना खाने से अग्नि अपने सबसे अच्छे समय पर काम करती है और कफ जमा नहीं होता, जो थायराइड को धीमा कर सकता है।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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