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दिन भर मोबाइल में गेम खेलता है आपका बच्चा तो हो जाएं सावधान, अस्पताल ले जाने की आ सकती है नौबत

Side Effects Of Mobile Game Addiction : बच्चों में मोबाइल गेम खेलने की लत आज काफी तेजी से बढ़ती जा रही है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये लत उनकी सेहत के लिए काफी खतरनाक हो सकती है। जी हां हाल ही में सामने आए के मामले की मानें तो गेम खेलने की लत ने एक बच्चे को अस्पताल पहुंचा दिया है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला?

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side effects of mobile gaming

Side Effects Of Mobile Game Addiction In Hindi : बच्चों को पहले घर से बाहर निकलने से रोकना काफी मुश्किल हुआ करता था। क्योंकि बाहर निकलना और खेलना बच्चे काफी पसंद करते हैं। लेकिन आज तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी ने बच्चों का घर से बाहर निकलना और गेम्स खेलना बंद करा दिया है। जी हां आज बच्चे हमेशा मोबाइल पर गेम खेलने का शौक ज्यादा रखते हैं। जिसके कारण उनकी सेहत को काफी नुकसान हो रहा है। ऐसे में जरूरी है कि आप अपने बच्चों के मोबाइल यूज को कम से कम करने की कोशिश करें। हाल ही में सामने आई एक खबर की मानें तो बहुत अधिक मोबाइल गेम खेलने के कारण एक किशोर की रीढ़ की हड्डी क्षतिग्रस्त हो गई। जिसके बाद उसकी स्पाइन सर्जरी करनी पड़ी है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला?

क्या है पूरा मामला?

दिल्ली से सामने आई एक खबर की मानें तो PUBG खेलने के कारण एक किशोर को रीढ़ की गंभीर समस्या से जूझना पड़ा। गेम खेलने के कारण उसकी रीढ़ की हड्डी में विकृति आ गई। जिसके बाद उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो ये बच्चा पिछले एक साल से अपने घर में रोजाना 12 घंटे तक वीडियो गेम खेलता था। भारतीय स्पाइनल इंजरी सेंटर के बयान के अनुसार, बहुत अधिक गेमिंग के कारण युवक को रीढ़ की हड्डी में काइफो-स्कोलियोटिक रोग उत्पन्न हो गया है।

क्या है ये रोग?

इंडियन स्पाइनल इंजरीज सेंटर (ISIC) के डॉक्टर ने बताया कि लड़के की रीढ़ में काफी गंभीर समस्या थी। जिसे चिकित्सकीय भाषा में kypho-scoliosis कहा जाता है। इस रोग में आपकी रीढ़ की हड्डी आगे और साइड दोनों ओर झुकने लगती है। बच्चे के मेडिकल टेस्ट में सामने आया कि उसकी रीढ़ के दो भाग (D11 और D12) खराब होने लगे थे। जिससे उसकी स्पाइनल कॉर्ड पर काफी दबाव पड़ रहा था।

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गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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