हेल्थ

भारतीय लोगों की थाली में नहीं है पर्याप्त प्रोटीन, 90% लोगों की खाने की प्लेट में कमी, ICMR की नई रिपोर्ट में आया सामने

Protein Deficiency In Indian Diet: ICMR की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 90% भारतीयों की डाइट में प्रोटीन की कमी है। ज्यादा कार्बोहाइड्रेट और कम प्रोटीन की वजह से लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। जानिए इस रिपोर्ट की अहम बातें, प्रोटीन की कमी के कारण और इसके समाधान।

Image

Protein Deficiency In Indian Diet

Protein Deficiency In Indian Diet: शरीर में सभी अंगों के संचालन और कार्यक्षमता को बनाए रखने के लिए पोषण से भरपूर आहार लेना बहुत जरूरी है। अगर आपकी थाली में रोज वो पोषक तत्व ही न हों जो शरीर को ताकत देते हैं, तो सेहत कैसी बनेगी? हाल ही में ICMR की एक ताजा रिपोर्ट ने इसको लेकर चिंता जताई है। रिपोर्ट के मुताबिक, 90% भारतीयों की डाइट में प्रोटीन की भारी कमी है। यानी हमारी थाली में वो जरूरी चीज नहीं है, जो मसल्स, इम्यूनिटी और शरीर के विकास के लिए सबसे अहम है। जानिए इस रिपोर्ट की अहम बातें और क्या करना जरूरी है।

भारतीयों की थाली में नहीं है पूरा पोषण

ICMR और NIN की रिपोर्ट की मानें तो देश में ज्यादातर लोगों की डाइट में प्रोटीन की कमी है। भारत में लोग पेट भरने के लिए तो खाते हैं, लेकिन पर्याप्त पोषण पर ध्यान नहीं देते। हमारी थाली में दाल, अंडा, दूध जैसे प्रोटीन युक्त चीजें कम हो गई हैं।

कार्बोहाइड्रेट ज्यादा और प्रोटीन कम

भारतीयों का खाना चावल, रोटी, आलू जैसे कार्ब्स से भरपूर होता है, लेकिन प्रोटीन से बहुत गरीब। यही वजह है कि लोग थकान, कमजोरी और बार-बार बीमार पड़ने जैसी समस्याओं से जूझते हैं।

बच्चों और युवाओं पर असर

रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि प्रोटीन की कमी का सबसे ज़्यादा असर बच्चों और टीनएजर्स पर हो रहा है। उनकी ग्रोथ धीमी हो रही है और इम्यून सिस्टम भी कमजोर पड़ रहा है, जो आगे चलकर बड़ी दिक्कत बन सकती है।

शहर हो या गांव एक जैसे हालात

यह कमी सिर्फ ग्रामीण इलाकों तक सीमित नहीं है। शहरों में रहने वाले लोग भी प्रोटीन की सही मात्रा नहीं ले पा रहे हैं। इसका कारण है महंगे प्रोटीन फूड्स, जानकारी की कमी और फास्ट फूड का बढ़ता चलन।

क्या है समाधान?

डॉक्टर्स और एक्सपर्ट्स का मानना है कि हमें अपनी रोज की डाइट में प्रोटीन युक्त चीजों को शामिल करना चाहिए जैसे दालें, अंडा, दूध, पनीर, मछली या सोया। साथ ही, लोगों को इसके बारे में जागरूक करना भी जरूरी है ताकि थाली से कमजोरी को दूर किया जा सके।

निष्कर्ष

ICMR की रिपोर्ट ने एक बड़ी सच्चाई सामने रख दी है। अगर हम अब भी अपनी डाइट पर ध्यान नहीं देंगे, तो आगे चलकर सेहत से जुड़ी दिक्कतें और बढ़ेंगी। जरूरी है कि हम प्रोटीन को अपनी थाली में जगह दें और सेहतमंद जिंदगी की ओर कदम बढ़ाएं।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

और पढ़ें
End of Article