PM Modi Pariksha Pe Charcha 2025: हर साल पीएम मोदी ‘परीक्षा पे चर्चा’ में बच्चों, माता-पिता और शिक्षकों से बात करते हैं। लेकिन इस साल का कार्यक्रम काफी खास है। इस साल पीए सिर्फ स्टूडेंट्स की हेल्थ और पढ़ाई को लेकर ही टिप्स शेयर नहीं कर रहे, बल्कि वह माता पिता के लिए भी कुछ खास टिप्स शेयर कर रहे हैं, जो बच्चों के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने में बहुत मददगार साबित हो सकते हैं। इस साल परीक्षा पे चर्चा 2025 (Pariksha Pe Charcha 2025) के कार्यक्रम में उन्होंने खासतौर पर माता-पिता को एक बड़ी चूक भी शेयर की है, जिसे ज्यादातर पेरेंट्स अक्सर अनजाने में कर बैठते हैं। कई बार माता-पिता अपने बच्चों की सफलता और अच्छे नंबरों पर इतना ध्यान देते हैं कि वे उनके मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर देते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि बच्चों की भावनाओं को समझना और उन्हें एक सपोर्टिव माहौल देना बहुत जरूरी है, वरना तनाव, डिप्रेशन और चिंता जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
पीएम मोदी ने बताई माता-पिता की सबसे आम गलती
पीएम मोदी ने कार्यक्रम में की बड़ी चूक का खुलासा किया, उन्होंने बताया ज्यादातर पेरेंट्स अक्सर अनजाने में यह भूल जाते हैं, बच्चों के लिए सही पोषण कितना जरूरी है। वह उनकी सफलता और अच्छे नंबरों पर इतना ध्यान देते हैं, लेकिन कहीं न कहीं बच्चे को जरूरी पोषण देने में चूक कर जाते हैं, जिससे बच्चे का न शारीरिक स्वास्थ्य ठीक रहता है और न ही मानसिक स्वास्थ्य। खानपान में पोषण की कमी से उसके दिमाग का विकास भी ठीक से नहीं हो पाता, जिससे उसका पढ़ाई में मन नहीं लगता और चीजें याद रखने में भी दिक्कतें आती हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार परीक्षा पे चर्चा 2025 में पढ़ाई के साथ-साथ सेहत पर भी जोर दिया। उन्होंने खासतौर पर अच्छी नींद और सही खान-पान को परीक्षा की सफलता के लिए जरूरी बताया। इसके लिए कुछ सरल टिप्स भी शेयर किए,
सुपरफूड्स को बनाए बच्चों का दोस्त
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा पे चर्चा 2025 में छात्रों को अच्छी सेहत और पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन के लिए सही खान-पान और नींद पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सुपरफूड्स, खासकर मोटे अनाज जैसे रागी, ज्वार, बाजरा और फॉक्सटेल मिलेट को अपने खाने में शामिल करना बहुत फायदेमंद हो सकता है।
ये अनाज फाइबर, प्रोटीन और मिनरल्स से भरपूर होते हैं, जो पाचन को दुरुस्त रखते हैं और शरीर को ज्यादा एनर्जी देते हैं। इसके अलावा, उन्होंने स्टूडेंट्स को फल और सब्जियां भरपूर मात्रा में खाने की सलाह दी। उन्होंने तिल (sesame seeds) खाने की भी सलाह दी। तिल में एंटीऑक्सीडेंट, कैल्शियम और विटामिन E होते हैं, जो याददाश्त और एकाग्रता बढ़ाने में मदद करते हैं।
बच्चों की नींद को न करें नजरअंदाज
पीएम मोदी ने बताया कि अगर नींद पूरी नहीं होती, तो दिमाग सही से काम नहीं करता और पढ़ाई पर असर पड़ता है। परीक्षा के समय देर रात तक जागने से नुकसान ज्यादा होता है। उन्होंने कहा कि 7-8 घंटे की अच्छी नींद लेना बहुत जरूरी है ताकि दिमाग तरोताजा रहे और पढ़ाई में मन लगे।
उन्होंने अच्छी नींद लेने के महत्व पर भी जोर दिया। सही डाइट और पूरी नींद से फोकस बढ़ता है, जिससे पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन किया जा सकता है। इसलिए, छात्रों को हेल्दी डाइट और पर्याप्त नींद पर ध्यान देना चाहिए।
मेंटल हेल्थ का रखें ध्यान
परीक्षा का समय टेंशन लेने का नहीं, बल्कि अच्छी आदतें अपनाने का होता है। सही खान-पान और अच्छी नींद से पढ़ाई आसान हो जाती है और रिजल्ट भी बेहतर आता है। पेरेंट्स को बच्चों पर ज्यादा दबाव डालने से बचना चाहिए, उनके शरीर को पर्याप्त पोषण देने और मेंटल हेल्थ को दुरुस्त रखने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
