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किचन में छिपा यूरीन इन्फेक्शन का खतरा, हर 5 में से 1 केस का कनेक्शन बाथरूम नहीं, रसोई से - रिसर्च में बड़ा खुलासा

One in 5 UTIs Starts in the Kitchen Not the Bathroom: आमतौर पर हम में से ज्यादातर लोग सोचते हैं कि यूरिन इन्फेक्शन की समस्या टॉयलेट में बैठने या साफ-सफाई का ध्यान रखने की वजह से होती है। लेकिन हाल ही में यूरीनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) के लिए जिम्मेदार को लेकर एक नई रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। अध्ययन में सामने आया है कि यूटीआई बाथरूम या टॉयलेट से नहीं, बल्कि हमारे किचन से अधिक फैलता है। जानें इसके पीछे का कारण और कैसे करें इससे बचाव।

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किचन में छुपा UTI का खतरा (फोटो:Istock)

One in 5 UTIs Starts in the Kitchen Not the Bathroom: क्या आपने कभी सोचा है कि किचन में छिपा यूरीन इन्फेक्शन का खतरा आपके स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित कर सकता है? हाल ही में एक अध्ययन ने यह बताया है कि हर 5 में से 1 यूरीनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) बाथरूम से नहीं, बल्कि रसोई से शुरू होता है। यह शोध यूनिवर्सिटी ऑफ साउदर्न कैलिफोर्निया द्वारा किया गया था, जिसमें पाया गया कि E. coli बैक्टीरिया, जो आमतौर पर आंतों में संक्रमण का कारण बनता है, अब आपके खाने के माध्यम से यूरीनरी ट्रैक्ट में प्रवेश कर रहा है। खासकर भारत जैसे देशों में, जहां यूटीआई महिलाओं में बहुत आम है, इस अध्ययन के परिणाम महत्वपूर्ण हैं। चलिए, इस अध्ययन के प्रमुख बिंदुओं पर एक नजर डालते हैं।

किचन में छुपा अनदेखा खतरा

हालांकि यूरीनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन को अक्सर व्यक्तिगत स्वच्छता से जोड़ा जाता है, लेकिन यह अध्ययन हमें दिखाता है कि रसोई में भी बैक्टीरिया का खतरा छिपा होता है। E. coli बैक्टीरिया का संक्रमण अब किचन से शुरू हो रहा है, और इसके पीछे का मुख्य कारण है कच्चे मांस का उचित तरीके से हैंडल न करना।

कैसे किया गया शोध

यूनिवर्सिटी ऑफ साउदर्न कैलिफोर्निया द्वारा किए गए इस अध्ययन में लगभग 6,000 E. coli के नमूनों का विश्लेषण किया गया। वैज्ञानिकों ने इन नमूनों के जीन की पहचान की और पाया कि इनमें से 20% यूरीनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन के कारण बने बैक्टीरिया का स्रोत विभिन्न प्रकार के मांस से जुड़ा हुआ था। विशेष रूप से, कुक्कुट उत्पादों में E. coli का उच्च स्तर पाया गया।

फूड प्रोसेसिंग में क्रॉस-कंटैमिनेशन

शोध में यह भी बताया गया है कि कच्चे मांस के संपर्क में आने से बैक्टीरिया अन्य खाद्य पदार्थों में फैल सकता है। जैसे ही कच्चा मांस काटा जाता है, यह चॉपिंग बोर्ड और अन्य सतहों पर बैक्टीरिया छोड़ता है, जिससे अन्य खाद्य पदार्थ जैसे फल और सब्जियां भी संक्रमित हो सकते हैं।

भारत के लिए अध्ययन का महत्व

भारत जैसे देश में जहां किचन की स्वच्छता अक्सर नजरअंदाज की जाती है, यह अध्ययन हमारे लिए एक चेतावनी है। कच्चे मांस के साथ काम करते समय सावधानी बरतना बहुत जरूरी है, क्योंकि यह बैक्टीरिया कई जीवन-धातक संक्रमणों का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि किचन की स्वच्छता को UTI-निवारण शिक्षा का हिस्सा बनाना अत्यंत आवश्यक है।

UTI के जोखिम को कैसे कम करें?

यदि आप UTI के जोखिम को कम करना चाहते हैं, तो कुछ सरल उपाय करें। कच्चे मांस को अलग रखें, हमेशा इसे धोकर पकाएं, और मांस को संभालने के बाद अपने हाथों को अच्छी तरह से धोएं। इसके अलावा, किचन की सतहों को नियमित रूप से साफ करें और स्पंज को sanitize करें।

निष्कर्ष

किचन में छिपे इस खतरे को समझना और इससे बचाव के उपाय अपनाना हर किसी के लिए आवश्यक है। स्वस्थ जीवनशैली और स्वच्छता के प्रति जागरूकता ही इस समस्या का समाधान है।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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