हेल्थ

मोटे ही नहीं दुबले पतले भी हो सकते हैं शुगर के मरीज, जानें कैसे टाइप-2 डायबिटीज का शिकार हो रहे लोग

डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसे सामान्य रूप से मोटे लोगों से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि डायबिटीज पतले लोगों को भी अपना शिकार बना सकती है। जी हैं हाल ही में हुए शोध में ये बात सामने आई है कि टाइप-2 डायबिटीज के मरीज दुबले-पतले लोग भी हो सकते हैं।

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Photo : iStock

खानपान और लाइफस्टाइल की गलतियों के कारण डायबिटीज आज एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। एक समय ऐसा भी था जब डायबिटीज केवल मोटे लोगों की परेशानी समझी जाती थी। लेकिन हाल ही में हुए एक शोध ने लोगों को चौंका दिया है। जिसमें कहा गया है कि मोटे लोग ही नहीं बल्कि दुबले-पतले लोग भी टाइप-2 डायबिटीज के शिकार हो सकते हैं। शोध में सामने आया है कि वजन कम होने का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि आपके शरीर में फैट की मात्रा कम है। इसलिए आपको अपनी बॉडी में फैट की मात्रा पर हमेशा ध्यान देना चाहिए। आइए जानते हैं क्या है ये शोध और क्या हैं इसके आंकड़े?

क्या कहता है शोध?

टाइप-2 डायबिटीज को लेकर गुजरात के अहमदाबाद में हुई एक स्टडी ने लोगों को चौंका दिया है। जिसमें कहा गया है कि नॉर्मल वेट ओबेसिटी का सीधा मतलब है कि इस व्यक्ति का बॉडी मास इंडेक्स (BMI) सामान्य है। लेकिन ऐसे व्यक्ति के शरीर में फैट की मात्रा ज्यादा हो सकती है। हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो सामान्य वजन वाले लोगों की बात करें तो ऐसे पुरुषों में 25% फैट वहीं महिलाओं में 32% तक फैट की मात्रा पाई गई। जो मोटापा की श्रेणी में शामिल होती है।

क्या हैं शोध के आंकड़े?

आपको बता दें कि ये हेल्थ स्टडी गुजरात के शहर अहमदाबाद के एम पी शाह सरकारी मेडिकल कॉलेज में की गई। अहमदाबाद में टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों की संख्या ज्यादा है। इस शोध में 432 लोगों को शामिल किया गया। जिसमें सामने आया कि नॉर्मल BMI वाले 91% पुरुषों और 51.8% महिलाओं में फैट की मात्रा ज्यादा थी। वहीं सामान्य वजन वाले बहुत से लोगों में भी दिल से जुड़ी समस्याओं की संभावना भी ज्यादा पाई गई।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि नॉर्मल वेट ओबेसिटी मोटापा से भी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है। क्योंकि ऐसे लोग ज्यादा निश्चित रहते हैं कि उनका वजन तो सामान्य है। इसलिए उन्हें सेहत से जुड़ी कोई समस्या नहीं हो सकती है। जिसके कारण वह न तो अपना मेडिकल चेकअप कराते हैं और न ही खानपान का भी ख्याल रखते हैं।

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गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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