हेल्थ

कोविड-19 की वैक्सीन की वजह से नहीं बढ़ रहे अचानक मौत और हार्ट अटैक के मामले, ICMR-AIIMS की स्टडी ने किया साफ

Link Between COVID-19 Vaccines And Sudden Deaths: ICMR और AIIMS की नई स्टडी में साफ हुआ है कि कोविड-19 वैक्सीन और अचानक मौत या हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों के बीच कोई संबंध नहीं है। लंबे समय से कोविड वैक्सीन के दुष्प्रभावों को लेकर यह आशंका जताई जा रही थी कि इससे अचानक मौत और हार्ट अटैक हो सकता है। लेकिन स्टडी ने इसे पूरी तरह खारिज कर दिया है।

Image

Link Between COVID-19 Vaccines And Sudden Deaths

Link Between COVID-19 Vaccines And Sudden Deaths: कोविड वैक्सीन को लेकर कुछ समय से लोगों के मन में ये डर बैठ गया है कि इसके बाद हार्ट अटैक या अचानक मौत का खतरा बढ़ जाता है। सोशल मीडिया पर इस तरह की खबरें खूब वायरल होती रही हैं, जिससे आम लोगों के बीच काफी भ्रम फैला। लेकिन अब ICMR और AIIMS की नई स्टडी ने इस डर को दूर करने वाला जवाब दिया है। इस रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि कोविड-19 वैक्सीन और अचानक मौतों के बीच कोई सीधा संबंध नहीं पाया गया है।

स्टडी ने साफ किया डर का कोई आधार नहीं

ICMR और AIIMS की इस स्टडी ने साबित किया कि टीका लगवाने से हार्ट अटैक या अचानक मौत के मामले नहीं बढ़े हैं। यानी लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है।

युवा उम्र के लोगों पर किया गया रिसर्च

18 से 45 साल के ऐसे लोगों पर स्टडी की गई जो बिना किसी गंभीर बीमारी के अचानक मौत का शिकार हुए। इस रिसर्च में जुलाई 2021 से जून 2023 के बीच के आंकड़े शामिल किए गए थे।

टीका लगवाने और शारीरिक मेहनत का कोई कनेक्शन नहीं

स्टडी में ये भी देखा गया कि वैक्सीनेशन के एक हफ्ते के अंदर अगर किसी ने भारी फिजिकल एक्टिविटी की, तो भी हार्ट अटैक से मौत के मामलों का वैक्सीन से कोई ताल्लुक नहीं निकला।

कोविड संक्रमण ज्यादा जिम्मेदार

रिसर्च में पाया गया कि जिन लोगों को हाल ही में कोविड हुआ था, उनमें अचानक मौत का खतरा ज्यादा था। यानी वैक्सीन नहीं, बल्कि संक्रमण खुद ज्यादा गंभीर असर डाल सकता है।

टीका नहीं, जानकारी की कमी है खतरनाक

AIIMS और ICMR ने ये स्टडी इसलिए की ताकि गलतफहमियां दूर की जा सकें। रिपोर्ट से साफ है कि डरने की नहीं, जागरूक होने की जरूरत है।

टीकाकरण से ही मिलेगा सुरक्षा

इस रिसर्च का यही संदेश है कि वैक्सीन से नुकसान नहीं, बल्कि सुरक्षा मिलती है। इसलिए अफवाहों पर ध्यान देने की बजाय वैज्ञानिक रिपोर्ट्स पर भरोसा करना बेहतर है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

और पढ़ें
End of Article