हेल्थ

डेस्क पर घंटों बैठने से 30-40 की उम्र में बढ़ रही हैं खतरनाक बीमारियां, नई रिपोर्ट का दावा

Long Hours Sitting Jobs Side Effects: हाल ही में एक नई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि घंटों तक डेस्क पर बैठने की आदत से 30-40 की उम्र के कर्मचारियों में खतरनाक और क्रॉनिक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। लगातार बैठे रहने से डायबिटीज, हार्ट डिजीज और मोटापे जैसी गंभीर समस्याएं सामने आ रही हैं। जानिए रिपोर्ट के अनुसार किन-किन बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है और कैसे यह आदत युवाओं की सेहत को नुकसान पहुंचा रही है।

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Long Hours Sitting Jobs Side Effects

Long Hours Sitting Jobs Side Effects: आजकल ऑफिस की नौकरी का मतलब है घंटों कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठे रहना। यही आदत धीरे-धीरे हमारे शरीर को अंदर से कमजोर बना रही है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट ने यह साफ किया है कि डेस्क पर लंबे समय तक बैठना सिर्फ पीठ या गर्दन दर्द की समस्या नहीं है, बल्कि इससे 30 से 40 की उम्र के बीच ही लोगों में गंभीर और खतरनाक बीमारियां पनपने लगी हैं। ट्रूर्थ वेलनेस (Truworth Wellness) की 'इंडिया वर्कप्लेस वेलबीइंग रिपोर्ट 2025' में यह जानकारी शेयर की गई है। आइए जानते हैं रिपोर्ट में क्या खुलासा हुआ है।

लगातार बैठे रहना बना रहा है बड़ा खतरा

रिपोर्ट में कहा गया है कि डेस्क पर बिना हिले-डुले लंबे समय तक बैठना शरीर के लिए बेहद खतरनाक है। इससे ब्लड सर्कुलेशन पर असर पड़ता है और धीरे-धीरे मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है। यही वजह है कि कम उम्र में ही लोगों को गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।

30-40 की उम्र में बढ़ रहीं क्रॉनिक बीमारियां

जहां पहले डायबिटीज, हाई बीपी और हार्ट डिजीज जैसी बीमारियां 50 साल की उम्र के बाद ज्यादा देखने को मिलती थीं, वहीं अब ये 30-40 की उम्र में ही तेजी से बढ़ रही हैं। रिपोर्ट का दावा है कि इसका सीधा कारण है घंटों तक बैठकर काम करना और एक्टिविटी की कमी।

मोटापा और मेटाबॉलिक सिंड्रोम का बढ़ा खतरा

डेस्क जॉब करने वालों में मोटापे का खतरा कई गुना ज्यादा है। लंबे समय तक बैठने से कैलोरी बर्न कम होती है और फैट तेजी से जमा होने लगता है। यही मोटापा आगे चलकर मेटाबॉलिक सिंड्रोम, डायबिटीज और हार्ट डिजीज जैसी बीमारियों का रास्ता खोल देता है।

हार्ट और लिवर पर पड़ रहा असर

रिपोर्ट के अनुसार, डेस्क पर घंटों बैठने से सिर्फ वजन ही नहीं बढ़ता बल्कि दिल और लिवर पर भी सीधा असर होता है। लंबे समय तक बैठने से ब्लड शुगर लेवल और कोलेस्ट्रॉल बिगड़ जाता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ जाता है।

कामकाजी युवाओं के लिए अलार्म बेल

यह रिपोर्ट खासतौर पर उन युवाओं के लिए चेतावनी है, जो अपने 30s और 40s में हैं और ज्यादातर समय कुर्सी पर बैठे रहते हैं। इस उम्र में शरीर को सबसे ज्यादा एक्टिविटी की जरूरत होती है, लेकिन डेस्क जॉब की वजह से यह जरूरत पूरी नहीं हो पा रही। अगर यह आदत नहीं बदली गई तो आने वाले सालों में बीमारियां और भी खतरनाक रूप ले सकती हैं।

यह रिपोर्ट साफ करती है कि डेस्क पर बैठना अब सिर्फ एक आदत नहीं, बल्कि हमारी सेहत के लिए बड़ा खतरा बन चुका है। ऐसे में जरूरी है कि हम बीच-बीच में ब्रेक लें, हल्की एक्सरसाइज करें और लाइफस्टाइल को एक्टिव रखें।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीत author

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विष... और देखें

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