हेल्थ

डिप्रेशन का कारण बन सकता है वर्क स्ट्रेस, जानें ऑफिस के तनाव को मैनेज करने के कारगर उपाय

अपने और परिवार का ख्याल रखने के लिए हम सभी किसी न किसी ऑर्गनाइजेशन के साथ काम करते हैं। लेकिन तब क्या हो जब ये काम आपकी जान का दुश्मन बन जाए जी हां आज हम आपको काम के दबाव यानी वर्क स्ट्रेस के कारण होने वाले डिप्रेशन से बचाव के कुछ उपाय बताने जा रहे हैं।

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how to manage your office stress

Photo : iStock

एक अच्छी नौकरी करना भला कौन नहीं चाहता है, जिसके लिए लोग बड़े-बड़े संस्थानों से पढ़ाई करके आते हैं। नौकरी लगने पर आपको पहली इंडिपेंडेंट महसूस होता है। नौकरी के केवल एक काम है बल्कि ये आपको जीवन के कई नए पहलुओं से भी दो-चार कराती है। काम के दौरान थोड़ा बहुत तनाव होना भी काफी सामान्य सी बात है, लेकिन तब क्या हो जब आप काम को लेकर जरूर से ज्यादा तनाव में रहने लगे। जी हां काम का तनाव यानी वर्क स्ट्रेस आपको कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम का कारण बन सकता है। आइए जानते हैं कुछ उपाय जो आपको वर्क स्ट्रेस से बचाते हैं।

क्यों होता है वर्क स्ट्रेस?

वर्क स्ट्रेस एक ऐसी समस्या है जिससे आज प्राइवेट सेक्टर में लगे बहुत से लोग परेशान हैं। इसके कई कारण हो सकते हैं, जिसमें नौकरी के लिए आवेदकों की अधिक संख्या, कर्मचारी की कमजोर क्षमता, संसाधनों की कमी आदि शामिल है। वर्क स्ट्रेस यानी काम का तनाव आपकी सेहत पर काफी बुरा असर डालता है। आइए जानते हैं इसे कंट्रोल करने के कुछ आसान उपाय...

1. ओवरटाइम न करें

ऑफिस के काम के लिए आप यदि अपनी शिफ्ट से ज्यादा समय लगाते हैं, तो ये आपको तनाव की तरफ ले जा सकता है। इसलिए जरूरी है कि आप ओवरटाइम करने से बचें। रोजाना ओवरटाइम करने से आपकी मेंटल हेल्थ के साथ फिजिकल हेल्थ भी प्रभावित होती है।

2. ब्रेक भी है जरूरी

काम को समय से खत्म करने के लिए हम अक्सर घंटों तक एक ही जगह बैठे रहते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी ये आपकी मेंटल हेल्थ की बैंड बजा सकती है। जी हां काम के दौरान हर 1-2 घंटे के बाद आपको 10 मिनट का गैप जरूर लेना चाहिए। इससे आपको काफी राहत महसूस होगी।

3. परिवार से साथ समय बिताएं

ये बात आपको जरूर ध्यान रखनी चाहिए कि काम के अलावा आपकी फैमिली भी बहुत जरूरी है। इसलिए उनके लिए भी समय जरूर निकालें। वीकेंड पर काम को पूरी तरह बंद कर आप परिवार के साथ कहीं घूमने जरूर निकल जाएं। ये आपको काम के तनाव से बचाने में रामबाण साबित हो सकता है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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