खराब हवा का हमारी सेहत पर काफी गहरा असर देखने को मिलती है। वहीं अब जब सर्दियां आने को हैं तो दिल्ली एनसीआर समेत आसपास के इलाकों में हवा की गुणवत्ता फिर से खराब होने लगेगी। वहीं दीपावली के आसपास तो दिल्ली का AQI 400 के पार तक चला जाता है। जो कि सांस लेने के लिए बिल्कुल भी सेफ नहीं है। इसके चलते लोगों को श्वसन तंत्र से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। एक्यूआई का स्तर 200 पार हो जाने पर कई तरह की बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। आज हम इस लेख के माध्यम से आपको बताने जा रहे हैं कि यदि आपके आसपास का एक्यूआई 200 पार हो जाए तो किस तरह के खतरे आपकी सेहत को हो सकते हैं। आइए जानते हैं कुछ ऐसी बीमारियां जो खराब हवा के कारण आपको हो सकती हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से....
एक्यूआई बढ़ने पर किन बीमारियों का खतरा बढ़ता है?
फेफड़ों से जुड़े रोग
एक्यूआई का लेवल 200 पार हो जाने पर हवा में पीएम 2.5कणों का स्तर बढ़ने लगता है। हवा के ये दूषित कण सांस लेने पर फेफड़ों तक प्रवेश कर सकते हैं। जिससे लंग इंफेक्शन का खतरा पैदा हो सकता है इसके साथ ही सांस लेने में कठिनाई का भी सामना करना पड़ सकत़ा है। यदि यह स्थिति लंबे समय तक चलती है तो अस्थमा या फिर ब्रॉनकाइटिस जैसी बीमारियों के मामले बढ़ने लगते हैं।
आंखों की समस्याएं
200 के पार एक्यूआई लेवल होने से सबसे पहले हमारी आंखों को जलन का सामना करना पड़ता है। क्योंकि आंखें हमारे शरीर का वह अंग हैं, जो सीधा हवा के संपर्क में रहती हैं। इसलिए हवा में मौजूद कणों आंखों के सीधा संपर्क में आते हैं। इस गंभीर स्थिति से आंखों को बचाने के लिए आप आंखों पर हमेशा चश्मा लगाकर रखें। इसके साथ ही वायु प्रदूषण में घर के बाहर निकलने के बाद आंखों को ठंडे पानी से धोना कभी न भूलें।
स्किन संबंधी समस्याएं
एक्यूआई लेवल ज्यादा होने पर आपको त्वचा संबंधी समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है। इसके कारण आपको त्वचा में जलन और खुजली आदि की शिकायत हो सकती है। इसके अलावा लंबे समय तक प्रदूषण की मार झेलने वाली त्वचा समय से पहले बूढ़ी दिखने लगती है। इसके अलावा वायु प्रदूषण के कारण एग्जिमा, एक्ने और सोरायसिस जैसी समस्या भी हो सकती है।
