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Heart Surgery: कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्टिंग सर्जरी क्या है? यह क्यों और किन मरीजों पर किया जाता है?

  • Written by: प्रणव मिश्र
  • Updated May 1, 2023, 03:14 PM IST

Coronary Artery Bypass Grafting Surgery in Hindi:कोरोनरी धमनी बाईपास ग्राफ्टिंग या CABG की सिफारिश उन रोगियों के लिए की जाती है जिन्हें हृदय की गंभीर बीमारी है या जिन्हें दौरा पड़ने का खतरा है। आइये डॉक्टर से जानते हैं कि कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्टिंग सर्जरी क्या है? यह क्यों और किन मरीजों पर किया जाता है?

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CABG Surgery: कोरोनरी धमनियों में सिकुड़न आने का एक बड़ा कारण क्या है?

Photo : iStock

Coronary Artery Bypass Grafting in Hindi: व्यस्त जीवनशैली, तनाव आदि के कारण हृदय रोग की दर बढ़ रही है। बढ़ती उम्र में दिल से जुड़ी समस्याएं होना स्वाभाविक है। कोरोनरी धमनी बाईपास ग्राफ्टिंग या CABG, उन रोगियों को रेकमेंड किया जाता है जिन्हें हृदय की गंभीर बीमारी है या जिन्हें दौरा पड़ने का खतरा है।

कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्टिंग या CABG एक महत्वपूर्ण और नियमित कार्डिएक सर्जरी है। कार्डिएक सर्जन रोगी के हृदय में ब्लड वेसेल्स में रुकावट को बायपास करने और हृदय के कार्य को नियंत्रित करने का काम करते हैं। अधिकांश रोगियों को यह उपचार डरावना लगता है; लेकिन यह सर्जरी सुनने में जितनी डरावनी लगती है उतनी है नहीं। CABG एक नियमित सर्जरी है और उन रोगियों के लिए अनुशंसित है जिन्हें बार-बार हृदय की समस्याएं और दौरे पड़ते हैं।

यह एक ऐसी प्रक्रिया है जो हृदय को बेहतर कार्य करने में मदद करेगी। इस सर्जरी को लेकर मरीज और उनके परिजन में कई तरह के सवाल होते हैं। CABG क्या है, यह सर्जरी क्यों की जाती है, इसके पीछे क्या कारण हैं जैसे सवालों के जवाब हम इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स के रोबोटिक्स और मिनिमली इनवेसिव कार्डिएक सर्जरी विभाग के कंसल्टेंट डॉ वरुण बंसल से जानते हैं -

क्या है कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्टिंग सर्जरी? - What Is Coronary Artery Bypass Grafting?

डॉ वरुण बंसल ने टाइम्स नाउ नवभारत से बातचीत में बताया कि कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्टिंग सर्जरी, जिसे आमतौर पर CABG सर्जरी के रूप में जाना जाता है, गंभीर कोरोनरी धमनी रोग वाले रोगियों में हृदय की मांसपेशियों में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने के लिए उपयोग की जाने वाली प्रक्रिया है। इसमें शरीर के दूसरे हिस्से से एक हेल्दी ब्लड वेसेल्स लेना शामिल है, जैसे कि छाती के अंदर से (Internal Mammary Artery), और अवरुद्ध या संकुचित कोरोनरी धमनी के चारों ओर चक्कर लगाने के लिए इसका उपयोग करना।

किन लोगों में की जाती है कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्टिंग सर्जरी? - In whom is CABG performed?

यह ब्लड को हृदय की मांसपेशियों में स्वतंत्र रूप से प्रवाहित करने की अनुमति देता है, जिससे दिल का दौरा पड़ने या अन्य गंभीर जटिलताओं का खतरा कम हो जाता है। CABG सर्जरी की सिफारिश आमतौर पर उन रोगियों के लिए की जाती है जिनकी कोरोनरी धमनियों में महत्वपूर्ण रुकावट या संकुचन होता है जिसे कोरोनरी स्टेंट, दवा या जीवनशैली में बदलाव के साथ ठीक नहीं किया जा सकता है।

कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्टिंग सर्जरी कब किया जाता है ? - When is Coronary Artery Bypass Grafting Surgery performed?

CABG सर्जरी कराने का निर्णय आमतौर पर हृदय रोग विशेषज्ञ और कार्डियक सर्जन द्वारा गहन परीक्षण के बाद किया जाता है। इस मूल्यांकन के दौरान, रोगी के चिकित्सा इतिहास, लक्षण और परीक्षण के परिणामों की समीक्षा की जाती है ताकि उनकी कोरोनरी धमनी रोग की सीमा और सबसे उपयुक्त उपचार विकल्प निर्धारित किए जा सकें। CABG सर्जरी आमतौर पर जरनल एनीथिसिया के तहत की जाती है और इसके लिए कुछ दिनों तक अस्पताल में रहने की आवश्यकता होती है।

प्रक्रिया के दौरान, सर्जन छाती में एक चीरा लगाता है और हृदय तक पहुंचने के लिए ब्रेस्टबोन को खोलता है। हेल्दी ब्लड वेसेल्स को फिर शरीर के दूसरे हिस्से से लिया जाता है और रुकी हुई या संकुचित कोरोनरी धमनी से जोड़ा जाता है। एक बार जब नया वेसेल्स आ जाता है, तो ब्रेस्टबोन बंद हो जाती है और स्टिचेस को बंद कर दिया जाता है।

सर्जरी के बाद रिकवरी में कितना समय लगता है ? - How long does recovery take after CABG surgery?

हालांकि CABG सर्जरी एक प्रमुख सर्जिकल प्रक्रिया है, यह आमतौर पर हृदय में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने के लिए सुरक्षित और प्रभावी है। हालांकि, किसी भी सर्जरी की तरह, इसमें ब्लीडिंग, इंफेक्शन और कभी-कभी अन्य कॉम्प्लिकेशन सहित कुछ रिस्क भी होते हैं। सीएबीजी सर्जरी से गुजरने वाले मरीजों को आमतौर पर अपनी सामान्य गतिविधियों में वापस आने से पहले कुछ हफ्तों के रिकवरी समय की आवश्यकता होती है।

नो-बोन-कट सर्जरी - Minimally Invasive Heart Surgery

तकनीकी प्रगति और सर्जिकल विशेषज्ञता ने सर्जनों को रोबोटिक तकनीक की मदद से छाती की हड्डी को काटे बिना भी CABG सर्जरी करने में सक्षम बना दिया है। इसमें छाती के किनारों पर छोटे-छोटे छेद किए जाते हैं और छाती की धमनियों और हृदय तक पहुंचने के लिए रोबोटिक उपकरण डाले जाते हैं। हृदय को आपूर्ति करने के लिए धमनियों को चेस्ट वॉल से फिर से रूट किया जाता है। नो-बोन-कट सर्जरी के कारण इसमें कम रिस्क, कम कॉम्प्लिकेशन और जल्दी रिकवरी होती है। मरीजों को सर्जरी के 3-4 दिनों के भीतर छुट्टी मिल जाती है और छुट्टी के बाद 10-14 दिनों के भीतर एक्टिव लाइफ शुरू कर सकता है।

प्रणव मिश्र
प्रणव मिश्रauthor

मीडिया में पिछले 5 वर्षों से कार्यरत हैं। इस दौरान इन्होंने मुख्य रूप से टीवी प्रोग्राम के लिए रिसर्च, रिपोर्टिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए काम किया है। इससे पहले जनसत्ता, लोकसभा टीवी/संसद टीवी, पेबेल मीडिया नेटवर्क, टाइम 8, डीडी न्यूज़ के लिए काम कर चुके हैं। इस समय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पेशल करेस्पोंडेंट के पद पर कार्यरत हैं।

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