Dysthymia Disorder: सभी को गुस्सा आता है। दुनिया में हर इंसान को गुस्सा आना स्वाभाविक है। यह एक तरह का इमोशन है। जब हमें कोई बात अच्छी नहीं लगती तो स्वाभाविक रूप से ऐसी क्रोधित प्रतिक्रिया होती है। लेकिन अगर आपको हर बात पर गुस्सा या चिड़चिड़ापन आने लगे तो इसे इग्नोर करने वाली बात नहीं है। यह आपके मानसिक स्वास्थ्य की कमजोरी को दर्शाता है। इसे डिस्टीमिया कहा जाता है। आइए विस्तार से जानते हैं इसके बारे में सबकुछ-
Dysthymia को मेडिकल भाषा में परसिस्टेंस डिप्रेसिव डिसऑर्डर भी कहा जाता है। यह एक प्रकार का क्रॉनिक डिप्रेशन है। अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो व्यक्ति की स्थिति गंभीर हो सकती है। इस समस्या में व्यक्ति हर समय निराश महसूस करता है। हर समय खराब मूड रहता है और हर बात पर गुस्सा आता है। यह वर्षों तक चल सकता है। इस समस्या से पीड़ित लोग बहुत लंबे समय तक किसी भी चीज का आनंद नहीं उठा पाते हैं। अकेले रहना पसंद करते हैं। इस स्थिति में व्यक्ति कभी खुश नहीं रहता और अचानक व्यवहार में बदलाव देखने को मिलता है।
क्या हैं इसके लक्षण? - Symptoms of Dysthymia
- निराशा
- थकान
- लो मूड
- मूड डिस्टर्बेंस
- उर्जा की कमी
- भूख ना लगना
- एकाग्रता में कमी
- बात-बात पर गुस्सा
- दिन में उदास रहना
- निर्णय लेने में कठिनाई
- खुद को दोषी महसूस करना
- किसी भी काम में मन ना लगना
डिस्टीमिया का कारण क्या है? - Causes of Dysthymia
Dysthymia की समस्या का कोई सटीक कारण अब तक पता नहीं चल पाया है। हालांकि डॉक्टर का मानना है कि इन स्थितियों के लिए कुछ कारक जिम्मेदार होते हैं। जैसे नौकरी में असंतोष, तनावपूर्ण जीवन, ब्रेकअप से गुजरना, आर्थिक तंगी, ब्रेन सर्किटरी का संतुलन से बाहर हो जाना, ब्रेन केमिस्ट्री का असंतुलन, जैसे सेरोटोनिन या डोपामाइन की कमी के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
इसका इलाज क्या है? - Treatment of Dysthymia
किसी भी तरह के डिप्रेशन से निपटने के लिए जीवनशैली में बदलाव करना बहुत जरूरी है। अगर आप डिस्टीमिया से पीड़ित हैं, तो सबसे पहले दिमाग के लिए स्वस्थ और फायदेमंद आहार लें, रोजाना व्यायाम और ध्यान करें, तनाव प्रबंधन बहुत जरूरी है, शराब और धूम्रपान से दूरी बनाए रखना जरूरी है। दवा और मनोचिकित्सा की मदद से आप ठीक हो सकते हैं।
