नई दिल्ली: आप खूब पानी पीते हैं फिर भी मुंह सूखा रहता है। यहां तक कि जब आप सुबह सोकर उठते हैं तो जीभ तलवे से चिपकी रहती है, तो इस समस्या को अनदेखा करना सही नहीं है। हो सकता है कि आप ड्राई माउथ की चपेट में आ गए हैं, जिसे जेरोस्टोमिया भी कहा जाता है। यदि ऐसा है, तो समझ जाइए कि केवल पानी पीने से आपको इस समस्या से मुक्ति मिलने वाली नहीं है। इसके लिए क्या करें और क्या न करें, इसके बारे में जानना बेहद जरूरी है।
क्या है ड्राई माउथ की समस्या
ड्राई माउथ की वजह से न केवल मुंह सूख जाता है, बल्कि गले में भी खराश और सूखापन होता है। खाने को निगलने में दिक्कत होती है। जीभ, होंठ कट जाते हैं और खाने का स्वाद भी नहीं आता। इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। इसकी समस्या बढ़ने पर आंखें लाल हो जाती हैं, दांतों में सड़न, त्वचा पर चकत्ते पड़ने के साथ ही जोड़ों में दर्द भी होता है। यदि आप ब्लड प्रेशर कंट्रोल, मधुमेह या डिप्रेशन समेत अन्य समस्याओं के लिए नियमित रूप से दवाएं लेते हैं, तो ड्राई माउथ का आपको ज्यादा सामना करना पड़ेगा।
सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट पूजा मखीजा ने इंस्टाग्राम पोस्ट पर ड्राई माउथ के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जेरोस्टोमिया या ड्राई माउथ की समस्या तब होती है, जब आपके मुंह में लार नहीं बनती। इसका मतलब है कि आपका तंत्रिका तंत्र प्रभावित हो रहा है और हार्मोन भी बदल रहे हैं, जिसकी वजह से लार ग्रंथियां प्रभावित होती हैं।

Xerostomia or Dry Mouth
क्या है ड्राई माउथ का उपचार
विशेषज्ञों के अनुसार, इस समस्या से बचने के लिए आपको लार ग्रंथियों को फिक्स करना होगा। लार एंजाइम फंक्शन के लिए जिंक, ग्रंथियों को सक्रिय करने के लिए विटामिन बी, तंत्रिका तंत्र में सूजन को कम करने के लिए ओमेगा थ्री और अन्य एडाप्टोजेन्स को शामिल करके इस समस्या से दूर रहा जा सकता है।
कुछ घरेलू उपचार भी इससे संबंधित परेशानियों को दूर करने में सहायक हो सकते हैं। लार बढ़ाने के लिए बिना चीनी वाला गम चबाना चाहिए। बर्फ के टुकड़े को मुंह में रखना चाहिए। माउथवॉश का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके साथ ही अंग्रेजी दवाओं को खाने से पहले थोड़ा सा पानी पी लेना चाहिए। इससे मुंह में नमी बनी रहती है।
इसके साथ ही स्वास्थ्य विशेषज्ञ धूम्रपान, अल्कोहल युक्त ड्रिंक्स और मसालेदार खानों से भी दूर रहने की सलाह देते हैं।
Input: आईएएनएस
