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Dry Ginger powder benefits: कोरोना मरीजों के इलाज में बेहद कारगर है सूखी अदरक का पाउडर, नए अध्धयन में हुआ खुलासा

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, आईआईटी-बीएचयू व गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए अध्ययन में दावा किया गया है कि सुंठी (सूखी अदरक का पाउडर) कोविड19 के प्रबंधन में प्रभावी साबित हो सकता है।अध्ययन के अनुसार सुठी का इस्तेमाल कोविड19 के प्रसार को रोकने में कारगर है। बीएचयू के वैद्य सुशील कुमार दुबे ने बताया कि यह अपनी तरह का पहला अंतर-विषययी अध्ययन है, जो कोरोना वायरस के संबंध में उच्चतम महत्व की औषधि (सुंठी) के आयुर्वेदिक संश्लेषण की चिकित्सकीय सुरक्षा और प्रभावकारिता पर प्रारंभिक प्रमाण प्रदान करता है।

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Dry Ginger powder benefits

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, आईआईटी-बीएचयू व गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए अध्ययन में दावा किया गया है कि सुंठी (सूखी अदरक का पाउडर) कोविड19 के प्रबंधन में प्रभावी साबित हो सकता है।अध्ययन के अनुसार सुठी का इस्तेमाल कोविड19 के प्रसार को रोकने में कारगर है। बीएचयू के वैद्य सुशील कुमार दुबे ने बताया कि यह अपनी तरह का पहला अंतर-विषययी अध्ययन है, जो कोरोना वायरस के संबंध में उच्चतम महत्व की औषधि (सुंठी) के आयुर्वेदिक संश्लेषण की चिकित्सकीय सुरक्षा और प्रभावकारिता पर प्रारंभिक प्रमाण प्रदान करता है।

उन्होंने बताया कि वाराणसी में सरकार द्वारा संचालित कोविड19 अस्पतालों में भर्ती कोरोना वायरस संक्रमित रोगियों के घर के सदस्यों और स्वास्थ्य कर्मियों (डॉक्टर, नर्स, वार्ड बॉय, पैरामेडिक) समेत 800 से अधिक प्रतिभागियों पर अध्ययन किया गया। डॉ. दुबे ने कहा कि इस अध्ययन के लिए वाराणसी के तत्कालीन जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा द्वारा सहयोग उपलब्ध कराया गया। इस अध्ययन में बहु-केंद्रीय, नॉन-रैंडमाइज्ड, ओपन-लेबल, सिंगल-आर्म, प्री-पोस्ट डिज़ाइन का उपयोग किया गया।

प्रतिभागियों ने 15 दिनों तक सुंठी पाउडर का चार बार रोज़ाना सेवन किया, दो बार मौखिक रूप से (2 ग्राम) और दो बार नासिका द्वारा (0.5 ग्राम) लिया। उनका 15, 30 और 90 दिनों के बाद अध्ययन किया गया। इसके अलावा, फाइटोकेमिकल विश्लेषण में लिक्विड क्रोमाटोग्राफी को मास स्पेक्ट्रोमेट्री के साथ जोड़कर किया गया।

शोधकर्ताओं के मुताबिक नतीजों से स्थापित हो पाया कि अदरक में फाइटोकेमिकल्स होते हैं, जो कोविड 19 के प्रसार को रोकने में मदद करते हैं, और इसका आयुर्वेदिक संश्लेषण कोविड 19 के लक्षणों व प्रसार को कम करने में मददगार हैं। इस अध्ययन के नतीजे जर्नल ऑफ हर्बल मेडिसिन में प्रकाशित हुए हैं, जो ब्रिटेन में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल हर्बलिस्ट्स की औपचारिक पत्रिका है। ब्रिटेन में हर्बल चिकित्सकों का अग्रणी पेशेवर संगठन है। वैद्य सुशील दुबे के अनुसार यह अध्ययन, अब तक इस प्रतिष्ठित पत्रिका में प्रकाशित भारत के मात्र दो कोविड 19 संबंधित चिकित्सा अध्ययनों में से एक है।

अध्ययनकर्ताओं का सुझाव है कि सम्पूर्ण विश्व में सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों के कोविड 19 निवारण और प्रबंधन प्रोटोकॉल में सूखी अदरक को शामिल करना संक्रमण के ख़तरे की जद में आने वाले लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए सुरक्षित, प्रभावी, तुरंत लागू करने योग्य, और लागत-कुशल तरीका हो सकता है। इस शोध दल में डॉ. सुनील कुमार मिश्रा (आईआईटी बीएचयू) तथा डॉ. हितेश जानी (गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय) शामिल हैं।

TNN Health Desk
TNN हेल्थ डेस्क author

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