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क्या दिल्ली का दूषित ग्राउंडवॉटर आपकी किडनी के लिए खतरा है? जांच में यूरेनियम की मौजूदगी का खुलासा, जानें रिस्क

Delhi Water Contaminated with Uranium: दिल्ली के ग्राउंडवॉटर में यूरेनियम मिलने की रिपोर्ट ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कई इलाकों से लिए गए सैंपल में यूरेनियम की मौजूदगी सामने आई, जो लंबे समय तक सेवन करने पर किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। पानी कैसे दूषित हुआ, इससे शरीर को क्या खतरा है और क्या सावधानियां जरूरी हैं - जानें रिपोर्ट में क्या कुछ सामने आया है।

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यूरेनियम का स्वास्थ्य पर प्रभाव

Delhi Water Contaminated with Uranium: दिल्ली में ग्राउंडवॉटर की गुणवत्ता को लेकर हाल ही में एक गंभीर रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि पानी में यूरेनियम के स्तर मानक से अधिक हैं। केंद्रीय भूजल बोर्ड द्वारा जारी वार्षिक ग्राउंडवॉटर गुणवत्ता रिपोर्ट 2025 में पाया गया कि 30 पीपीबी (पार्ट्स प्रति बिलियन) से अधिक यूरेनियम की मौजूदगी है, जो किडनी के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है। इस रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली अब पंजाब और हरियाणा के बाद तीसरे स्थान पर है, जहां पानी में यूरेनियम की मात्रा चिंता का विषय बन चुकी है।

यूरेनियम का स्वास्थ्य पर प्रभाव

यूरेनियम का उच्च स्तर किडनी की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह तत्व किडनी में नफ्रो-टॉक्सिसिटी का कारण बनता है, जिससे किडनी की ट्यूब्यूल्स को नुकसान पहुँचता है। लंबे समय तक यूरेनियम के संपर्क में रहने से किडनी की कार्यक्षमता में कमी आ सकती है।

किडनी की कार्यप्रणाली पर असर

यूरेनियम का संपर्क किडनी की कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को प्रभावित कर सकता है। यह उपयोगी तत्वों जैसे पानी, ग्लूकोज और इलेक्ट्रोलाइट्स के पुनः अवशोषण को बाधित करता है। इसके अलावा, यह शरीर से विषाक्त पदार्थों के निष्कासन में भी बाधा उत्पन्न करता है।

क्रोनिक किडनी डिजीज का खतरा

किडनी पर यूरेनियम की टॉक्सिसिटी का सीधा संबंध क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) से है। इस स्थिति में किडनी की कोशिकाएँ मरने लगती हैं, जिससे सूजन और अन्य जटिलताएँ उत्पन्न होती हैं।

बायोमार्कर्स में परिवर्तन

यूरेनियम की विषाक्तता से कई बायोमार्कर्स में परिवर्तन हो सकता है, जैसे कि मूत्र में अल्कलाइन फॉस्फेटेज और लैक्टेट डिहाइड्रोजेनेज (LDH) के स्तर में वृद्धि। ये सभी संकेतक किडनी के स्वास्थ्य में गिरावट का संकेत देते हैं।

क्या यूरेनियम कैंसर का कारण बन सकता है?

यूरेनियम एक रेडियोधर्मी तत्व है, और इसके संपर्क में आने से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि, अधिकांश अध्ययनों में यह पाया गया है कि प्राकृतिक यूरेनियम के संपर्क से कैंसर का कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं मिला है।

दिल्ली के ग्राउंडवॉटर में यूरेनियम की बढ़ती मात्रा न केवल किडनी के लिए, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस समस्या का समाधान तुरंत करना आवश्यक है। हमें अपने पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच करनी चाहिए और सुरक्षित जल आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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