Delhi Pollution level side effects on Diabetes Patients: दिल्ली समेत देश भर के बड़े शहर जैसे मुंबई, चेन्नई आदि में इन दिनों प्रदूषण के बढ़ते स्तर ने हाहाकार मचा दिया है। वहीं एक ताजा स्टडी ने और भी ज्यादा खतरनाक खुलासे किए हैं, जिसके मुताबिक डायबिटीज के पेशेंट्स के लिए प्रदूषण सबसे ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है। स्टडी के मुताबिक प्रदूषित हवा में कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो आपके शरीर में ब्लड शुगर के लेवल को बढ़ाने में बहुत हद तक जिम्मेदार होते हैं। जिससे दिल की बीमारियों से लेकर डायबिटीज आदि तक की रिस्क बहुत हद तक बढ़ जाती है। यहां देखें डायबिटीज वालों के लिए कैसे प्रदूषण वाली हवा में सांस लेना खतरनाक है, वहीं इससे स्वस्थ्य लोगों में भी डायबिटीज के टाइप 2 से पीढित होने की आशंका हो सकती है।
प्रदूषण से डायबिटीज होता है? Pollution side effects for Diabetes Patients
हाल ही में ओपन डायबिटीज रिसर्च एंड केयर जर्नल द्वारा प्रकाशित शोध में डायबिटीज रोगियों के लिए प्रदूषण के खतरनाक साइड इफेक्ट्स को लेकर चिंता जाहिर की है। शोध में बताया गया है कि, कैसे प्रदूषित हवा में सांस लेने की वजह से स्वस्थ्य व्यक्ति को भी टाइप 2 डायबिटीज होने का खतरा हो सकता है। स्टडी के मुताबित प्रदूषित हवा में PM 2.5 ज्यादा होता है, जिससे इस हवा में सांस लेने पर शरीर का ब्लड शुगर लेवल अपने आप काफी बढ़ जाता है। डायबिटीज के साथ साथ प्रदूषण दिल के लिए भी बहुत बुरा होता है।
कैसे करें बचाव?
ऐसे में अगर आप अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहते हैं, तो दिल्ली एनसीआर आदि के लोगों के लिए अपने घर में रहना, अच्छा खाना और मास्क लगाएं रखना बहुत ही ज्यादा जरूरी हो सकता है। वहीं जितना हो सके आपको इस वातावरण में बाहर निकलने से बचना ही चाहिए, अथवा आपको सांस लेने से लेकर, आंखों में जलन, छाती में दर्द आदि की शिकायत हो सकती है।
