Chronic Diseases On The Rise In India: आजकल अक्सर हम सुनते हैं कि किसी जान-पहचान वाले को अचानक शुगर, हार्ट डिजीज या ब्लड प्रेशर हो गया। ये सिर्फ हमारी सोसायटी की बातें नहीं हैं, बल्कि एक बड़ी हकीकत है। हाल ही में लैंसेट की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि भारत में क्रॉनिक बीमारियां यानी लंबी और गंभीर बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। हैरानी की बात यह है कि इन बीमारियों का सबसे ज्यादा असर महिलाओं पर देखा जा रहा है। चाहे हार्ट डिजीज हो, डायबिटीज हो या कैंसर, महिलाएं इन बीमारियों की चपेट में ज्यादा आ रही हैं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि बदलती जीवनशैली, स्ट्रेस और अनहेल्दी डाइट इसकी सबसे बड़ी वजह हैं। आइए जानते हैं इस रिपोर्ट की मुख्य बातें और क्यों महिलाओं को इन बीमारियों का सबसे ज्यादा खतरा है।
महिलाओं पर सबसे ज्यादा असर
लैंसेट की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में महिलाओं को क्रॉनिक बीमारियों का खतरा पुरुषों की तुलना में ज्यादा है। इसमें डायबिटीज, हार्ट डिजीज और स्ट्रोक जैसी बीमारियां प्रमुख हैं। यह सिर्फ महिलाओं की उम्र बढ़ने के साथ नहीं, बल्कि कम उम्र की महिलाओं को भी प्रभावित कर रही हैं।
नॉन- कम्युनिकेबल डिजीज बनी सबसे बड़ी चुनौती
रिपोर्ट कहती है कि भारत में नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज (NCDs) यानी ऐसी बीमारियां जो लंबे समय तक रहती हैं और संक्रामक नहीं होतीं, सबसे तेजी से बढ़ रही हैं। इनमें कैंसर, हार्ट डिजीज, डायबिटीज और लंग डिजीज शामिल हैं। ये बीमारियां अब देश में मौत के बड़े कारण बन चुकी हैं।
शहरी और ग्रामीण दोनों इलाके प्रभावित
पहले माना जाता था कि ये बीमारियां सिर्फ शहरों तक सीमित हैं, लेकिन रिपोर्ट दिखाती है कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी इनकी दर तेजी से बढ़ रही है। ग्रामीण महिलाएं डाइट, काम का बोझ और सही हेल्थ चेकअप न होने की वजह से ज्यादा प्रभावित हो रही हैं।
महिलाओं की हेल्थ पर डबल बोझ
महिलाओं पर परिवार और काम का दोहरा दबाव रहता है। स्ट्रेस, हार्मोनल बदलाव और नींद की कमी भी उनकी सेहत पर भारी पड़ रही है। यही वजह है कि महिलाएं क्रॉनिक बीमारियों का शिकार जल्दी बन रही हैं और उनका रिकवरी टाइम भी ज्यादा हो रहा है।
बदलती लाइफस्टाइल और खानपान
रिपोर्ट बताती है कि फास्ट फूड, कम फिजिकल एक्टिविटी और बढ़ता स्ट्रेस भारत में बीमारियों को बढ़ा रहा है। खासतौर पर महिलाएं, जो घर और बाहर दोनों जगह का काम संभालती हैं, अक्सर अपनी सेहत को इग्नोर कर देती हैं। इसका नतीजा धीरे-धीरे उनकी सेहत बिगाड़ देता है।
निष्कर्ष
लैंसेट की रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि भारत में क्रॉनिक बीमारियां बड़ी समस्या बन चुकी हैं और सबसे ज्यादा महिलाएं इसकी चपेट में हैं। अगर समय रहते जीवनशैली और खानपान पर ध्यान न दिया गया, तो आने वाले सालों में यह और भी गंभीर रूप ले सकती हैं। इसलिए महिलाओं को अपनी हेल्थ चेकअप, डाइट और स्ट्रेस मैनेजमेंट को प्राथमिकता देनी चाहिए। आखिरकार, एक स्वस्थ महिला ही पूरे परिवार की ताकत होती है।
