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रात में सोते समय पैरों के तलवों में होती है जलन, तो सिर्फ थकान नहीं पित्त दोष बढ़ने का है संकेत

Burning Feet At Night Causes : क्या आपने रात में सोते समय अक्सर पैरों में जलन महसूस की है। यदि हां तो ये सिर्फ थकान के कारण नहीं है। क्योंकि इस जलन को ज्यादातर लोग केवल थकान मान लेते हैं। आज हम आपको बताएंगे कि कैसे शरीर में पित्त बढ़ने से ऐसा होता है।

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burning feet at night

Burning Feet At Night Causes : अक्सर रात के समय कई लोगों को पैरों के तलवों में जलन महसूस होती है। कुछ लोग इसे सिर्फ थकान या गर्म मौसम का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन आयुर्वेद के अनुसार यह शरीर में पित्त दोष बढ़ने का संकेत है। जब शरीर में पित्त बढ़ जाता है, तो वह निचले अंगों यानी पैरों में जलन पैदा करता है।आधुनिक दृष्टि से देखें तो डायबिटीज के कारण नसों की कमजोरी, विटामिन बी12 या आयरन की कमी, लंबे समय तक खड़े रहना, गलत जूते पहनना या मानसिक तनाव जैसी वजहें भी पैरों की जलन का कारण बनती हैं। इसके लक्षणों में तलवों में चुभन, जलन, रात में गर्मी बढ़ना, पैर भारी लगना या सुन्न पड़ना शामिल हैं।

आयुर्वेद में इसका मुख्य कारण पित्त दोष है, जबकि सहायक वात दोष को बताया गया है। इसलिए इलाज में ठंडक देने वाले, शांत करने वाले और वात-पित्त संतुलित करने वाले उपाय सबसे उपयोगी माने जाते हैं।

पित्त दोष के लिए घरेलू उपाय

घरेलू उपायों में सबसे सरल तरीका है कि रात को ठंडे पानी या गुलाब जल में पैर 10 मिनट तक डुबोएं। उसके बाद एलोवेरा जेल, घी या नारियल तेल से तलवों की हल्की मालिश करें। नीम या खस के पानी से पैर धोना, पुदीना या तुलसी का शरबत पीना और हफ्ते में दो बार त्रिफला पानी से पैरों को धोना भी बहुत असरदार है।

कुछ खास आयुर्वेदिक नुस्खे भी मददगार हैं, जैसे घृतकुमारी (एलोवेरा) जेल में थोड़ा कपूर मिलाकर रात को तलवों पर लगाएं, यह ठंडक और राहत देता है। अंदरूनी गर्मी कम करने के लिए शतावरी चूर्ण या गिलोय रस सुबह खाली पेट लिया जा सकता है। नारियल पानी और ठंडे फल जैसे सेब, तरबूज, बेल और लौकी पित्त को शांत करते हैं।

हालांकि जीवनशैली में भी कुछ बदलाव जरूरी है। रबर या सिंथेटिक जूते की बजाय कॉटन सैंडल पहनें, योग में शीतली प्राणायाम करें और ध्यान लगाकर मन को शांत रखें। शरीर में विटामिन बी12, आयरन और कैल्शियम का संतुलन बनाए रखें। सारिवाद्यासव, अविपत्तिकर चूर्ण और गंधक रसायन जैसी औषधियां वैद्य की सलाह से ली जा सकती हैं।

इनपुट - आईएएनएस

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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