Heart Attack: लगातार 8 घंटे बैठकर काम करने से बढ़ सकता है दिल की बीमारी का खतरा: शोध

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 8, 2022, 06:13 AM IST

Heart Attack: लगातार बैठे रहने से कुछ तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं। शोध की मानें, तो जो लोग 8-9 घंटे तक लगातार बैठकर काम करते हैं, उनमें दिल संबंधी बीमारी होने का खतरा काफी बढ़ जाता है।

Heart Attack: लगातार 8 घंटे बैठकर काम करने से बढ़ सकता है दिल की बीमारी का खतरा: शोध

Heart Attack: कोरोना की महामारी में वर्किंग लाइफ इस तरह से बदल गई है कि ज्यादातर लोगों को वर्क फ्रॉम होम करना पड़ रहा है, ऐसे में घर पर 8-9 घंटे बैठकर लगातार काम करना होता है। हालांकि, कुछ लोगों को लगता है कि ये उनके लिए बहुत सुविधाजनक है, लेकिन ऐसा नहीं है। लगातार बैठे रहने से कुछ तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं। शोध की मानें, तो जो लोग 8-9 घंटे तक लगातार बैठकर काम करते हैं, उनमें दिल संबंधी बीमारी होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। आज इस लेख में हम आपको बताने जा रहे हैं, लगातार बैठे रहने से होने वाली दिल की बीमारियों के बारे में-

लगातार 8 घंटे बैठकर काम करने से हो सकती है असमय मौत

देर तक बैठने और दिल की बीमारियों के बीच का संबंध

एक शोध के अनुसार, जो लगातार बैठे रहने और दिल के स्वास्थ्य पर आधारित था, 11 लोगों पर किया गया था। इस रिसर्च में सामने आया कि जो लोग ज्यादा देर तक बैठे रहते हैं, उनमें जल्दी मृत्यु होने दिल की बीमारी होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। 

ज्यादा देर तक बैठने से बढ़ जाता है समय से मरने मौत का खतरा

एक अन्य शोध में 100,000 से अधिक व्यक्तियों पर रिसर्च किया गया, जिसमें पाया गया कि जो लोग दिन में 6-8 घंटे के बीच बैठे रहते हैं, उनमें समय से पहले मौत का खतरा 12 से 13 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। वहीं, जो लोग नियमित रूप से रोजाना लगातार 8 घंटे बैठकर काम करते हैं, उनमें ये जोखिम बढ़कर 20 प्रतिशत हो जाता है। 

काम के बीच में एक्सरसाइज है जरूरी

यहां इन दोनों शोधों में  ये पाया गया है कि जो लोग लगातार बैठे रहते हैं, उनमें इन बीमारियों का ज्यादा खतरा रहता है। ऐसे में काम के बीच-बीच में ब्रेक लेकर एक्सरसाइज करना जरूरी है, ताकि असमय मौत और दिल की बीमारियों से बचा जा सके। शोध में ये भी पाया गया है कि काम के बीच में एक्सरसाइज करने से जोखिम दो प्रतिशत तक कम पाया गया। 

( डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)

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