हेल्थ

भारत में डायबिटीज से जूझ रहे 93% लोग बीमारी को लेकर नहीं गंभीर, ICMR की रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे

ICMR Report On Diabetes In India: हाल ही में आई ICMR की रिपोर्ट ने डायबिटीज को लेकर देश में फैली लापरवाही की पोल खोल दी है। अब वक्त आ गया है कि लोग इस बीमारी को गंभीरता से लें और जरूरी कदम उठाएं, वरना आने वाला समय और खतरनाक हो सकता है। चलिए जानते हैं, रिपोर्ट में क्या कुछ सामने आया है।

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ICMR Report On Diabetes In India

ICMR Report On Diabetes In India: आजकल शुगर यानी डायबिटीज कोई नई बीमारी नहीं रह गई है, लेकिन हैरानी की बात ये है कि इतनी आम होने के बावजूद भी ज्यादातर लोग इसे लेकर लापरवाह हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में डायबिटीज के 10 करोड़ से ज्यादा मरीज हैं, लेकिन उनमें से 93% अपनी बीमारी को लेकर गंभीर नहीं हैं। यह आंकड़ा डराने वाला है और यही लापरवाही भविष्य में बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है।

भारत बना दुनिया की डायबिटीज राजधानी

ICMR और अन्य संस्थानों की स्टडी के मुताबिक, भारत में डायबिटीज के मरीजों की संख्या अब 10.1 करोड़ तक पहुंच चुकी है। यानी हम चीन को पीछे छोड़कर सबसे आगे निकल गए हैं। इससे यह साफ है कि ये बीमारी अब सिर्फ एक हेल्थ प्रॉब्लम नहीं, बल्कि एक नेशनल हेल्थ क्राइसिस बन चुकी है।

लोगों को बीमारी का पता ही नहीं होता

रिपोर्ट में ये भी बताया गया कि बहुत से लोगों को तो यह भी नहीं मालूम कि उन्हें डायबिटीज है। यही वजह है कि कई मरीज बिना जांच और इलाज के सालों तक बीमारी के साथ जीते रहते हैं और जब तक उन्हें पता चलता है, तब तक काफी नुकसान हो चुका होता है।

इलाज और कंट्रोल की कमी है बड़ी परेशानी

जिन्हें डायबिटीज का पता भी है, उनमें से बहुत से लोग इसे कंट्रोल नहीं कर पा रहे। 93% लोग ऐसे हैं जो या तो इलाज नहीं करवा रहे, या फिर दवाओं और डायट को लेकर बिल्कुल लापरवाह हैं। इससे शरीर के बाकी अंगों पर असर पड़ता है और बीमारियां बढ़ने लगती हैं।

अलग-अलग राज्यों में हालात भी अलग

तमिलनाडु, केरल और चंडीगढ़ जैसे राज्यों में स्थिति थोड़ी बेहतर है क्योंकि वहां लोगों में जागरूकता ज़्यादा है। लेकिन बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड जैसे राज्यों में हालत काफी खराब है। वहां न जांच की सुविधा है, न ही इलाज को लेकर समझ।

समझदारी और जागरूकता से ही बचाव

इस रिपोर्ट से एक बात साफ है कि जब तक लोग खुद इस बीमारी को गंभीरता से नहीं लेंगे, तब तक कोई इलाज काम नहीं आएगा। डायबिटीज को कंट्रोल में रखना कोई बहुत मुश्किल काम नहीं है, बस समय पर जांच, दवा, सही खाना और थोड़ी सी एक्टिव लाइफस्टाइल काफी है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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