हरियाणा

दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा, 9 घंटे मदद को तरसते रहे दंपति, अंत में हुई मौत, कार के उड़े परखच्चे

हरियाणा के नूंह में दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया, जिसमें पति–पत्नी की दर्दनाक मौत हो गई। तेज रफ्तार वाहन की टक्कर के बाद उनकी कार बुरी तरह दब गई और दोनों लगभग नौ घंटे तक फंसे रहे, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। परिजन पूरी रात फोन करते रहे, जबकि हाईटेक कहे जाने वाले एक्सप्रेसवे पर किसी सिस्टम ने हादसे का पता नहीं लगाया। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज की जांच कर आरोपी वाहन की तलाश में जुटी है।

Tragic Accident on Delhi-Mumbai Expressway

दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक घटना

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Nuh News: हरियाणा के नूंह जिले में दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे पर गांव नौसेरा के पास एक दर्दनाक हादसा सामने आया। तेज रफ्तार से आ रही एक गाड़ी ने पीछे से कार में टक्कर मार दी। पीछे से लगी यह टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार आगे चल रही दूसरी गाड़ी से जा भि‍ड़ी और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। कार में सवार पति-पत्नी हिंडन से दिल्ली की ओर जा रहे थे। हादसे के बाद दोनों गंभीर रूप से घायल होकर वाहन के अंदर ही फंसे रहे। हाईवे पर लगभग नौ घंटे तक वे मदद की उम्मीद में पड़े रहे, लेकिन किसी ने रुककर सहायता नहीं की और उनकी तड़पकर मौत हो गई। काफी देर बाद पुलिस मौके पर पहुंची और कार को काटकर दोनों के शव बाहर निकाले। जांच में सामने आया कि दुर्घटना के तुरंत बाद दंपती ने बाहर निकलने की कोशिश भी की थी, मगर कार बुरी तरह दब जाने के कारण वे बाहर नहीं निकल सके।

राजस्थान के करौली रहने वाले थे दंपति

दंपति में से पति हादसे से ठीक पहले किसी तरह अपनी पत्नी के पास पहुंचने में सफल हुआ और उन्हें बाहों में पकड़ लिया, संभवतः उसके बाद दोनों ने दम तोड़ा। पुलिस ने घटनास्थल से दोनों के शव निकाले और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। रात भर परिजन लगातार दोनों के मोबाइल पर कॉल करते रहे। सुबह जब पुलिस मौके पर पहुंची, तब उन कॉलों का जवाब देकर परिवार को हादसे की सूचना दी गई। इसके बाद परिजन नूंह पहुंचे और शवों को अपने साथ ले गए। मृतकों की पहचान राजस्थान के करौली जिले की तहसील हिंडौन के कोटापुरियान गांव निवासी लच्छी राम (42) और उनकी पत्नी कुसुमलता के रूप में हुई। लच्छी राम दिल्ली में नौकरी करते थे और किसी काम से पत्नी के साथ हिंडौन गए थे; वापसी के दौरान यह दुर्घटना हुई। दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे के महाप्रबंधक व परियोजना निदेशक प्रमोद कौशिक ने बताया कि घटना पर जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मंगवाया गया है और यह स्पष्ट करने के लिए पूरी जांच कराई जाएगी कि इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई।

काम के सिलसिले में आए थे हिंडन

राजस्थान के करौली जिले के हिंडौन तहसील के कोटापुरियान का पुरा गांव निवासी देवी सिंह ने बताया कि उनका बेटा लच्छी राम (42) करीब एक दशक से अपनी पत्नी कुसुमलता (40) और चार बच्चों, दो बेटे और दो बेटियों के साथ दिल्ली के डी-62, मांगेराम पार्क, बुद्ध विहार में रह रहा था। लच्छी राम वहीं टाइल और पत्थर लगाने का ठेका कार्य करता था। देवी सिंह के अनुसार, 1 दिसंबर को लच्छी राम किसी काम के सिलसिले में पत्नी के साथ हिंडन आया था। अगले दिन, यानी 2 दिसंबर की शाम करीब 7 बजे काम निपटाने के बाद दोनों कार से दिल्ली लौटने के लिए रवाना हो गए। हिंडौन से निकलते समय परिवार से उनकी बात भी हुई थी। बातचीत समाप्त करते हुए उन्होंने कहा था कि घर पहुंचकर दोबारा बात करेंगे, लेकिन इसके बाद संपर्क नहीं हो पाया।

पिता ने क्या बताया?

पिता देवी सिंह ने बताया कि उनका बेटा और बहू जब दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे से होकर नूंह के सदर थाना क्षेत्र के नौसेरा गांव के पास पहुंचे, तभी पीछे से आए एक अज्ञात भारी वाहन ने उनकी कार को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद वह वाहन चालक मौके से भाग निकला। यह घटना लगभग रात 12 बजे की है। परिजनों के अनुसार, उन्होंने पूरी रात अपने बेटे और बहू को फोन मिलाने की कोशिश की, लेकिन कोई कॉल रिसीव नहीं हुई। अगली सुबह 3 दिसंबर को करीब आठ बजे एक पुलिसकर्मी ने फोन उठाकर दुर्घटना की सूचना दी। देवी सिंह ने सवाल उठाया कि दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे को हाईटेक कहा जाता है, जहां हर ओर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और NHAI की एम्बुलेंस व पेट्रोलिंग टीमें लगातार गश्त करती हैं। इसके बावजूद करीब नौ घंटे तक न तो कैमरों में हादसा दिखाई दिया और न ही किसी कर्मी की निगाह घायलों पर पड़ी। उनके अनुसार, उनका बेटा और बहु पूरी रात कार में ही तड़पते रहे। अगर समय पर दुर्घटना का पता चल जाता और पुलिस मौके पर पहुंच जाती, तो शायद दोनों की जान बचाई जा सकती थी।

दंपति के हैं चार बच्चे

देवी सिंह के अनुसार, उनके बेटे की कार को सबसे पहले पीछे से एक वाहन ने जोरदार टक्कर मारी, जिसके कारण कार आगे चल रही दूसरी गाड़ी में जा टकराई। झटके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि दोनों पति–पत्नी कार के भीतर ही बुरी तरह फंस गए। हादसा करने वाला चालक बिना रुके मौके से फरार हो गया और दोनों को तड़पता छोड़ गया। देवी सिंह ने बताया कि दुर्घटना की खबर मिलते ही वे अपने परिजनों के साथ नूंह के सरकारी अस्पताल पहुंचे। 3 दिसंबर की देर शाम पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें बेटे और बहू के शव सौंपे गए। दोनों का अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह गांव में किया गया। घटना के बाद परिवार गहरे सदमे में है। मृतक दंपति के चारों बच्चे लगातार रो रहे हैं, और घर में शोक का माहौल बना हुआ है।

मामले की जांच जारी

पुलिस ने इस घटना में अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जांच टीम दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे पर लगे सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से समीक्षा कर रही है, ताकि आरोपी चालक की पहचान की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सबूत मिलते ही दोषी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इधर, दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे के महाप्रबंधक और परियोजना निदेशक प्रमोद कौशिक ने बताया कि हादसे के बाद संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से जवाब-तलब किया गया है। उन्होंने कहा कि इतनी गंभीर चूक कैसे हुई, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। एक्सप्रेसवे के रखरखाव से जुड़े पीपीसी ठेकेदार तथा अथॉरिटी इंजीनियर से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। कौशिक ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर लगे सीसीटीवी कैमरे 24 घंटे निगरानी करते हैं और जो तथ्य जांच में सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

 Nilesh Dwivedi
Nilesh Dwivedi author

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अप... और देखें

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