एक्सप्लेनर्स

क्या कर्नाटक के जरिए दक्षिण भारत में दस्तक देगी AAP? अच्छा नहीं रहा पिछला विस चुनाव

  • Authored by: आलोक कुमार राव
  • Updated Apr 7, 2023, 11:56 AM IST

Karnataka Assembly Election 2023: कर्नाटक में आम आदमी पार्टी दूसरी बार विधानसभा चुनाव लड़ रही है। 2018 के विस चुनाव में उसने 29 सीटों पर चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में उसका प्रदर्शन बेहद खराब रहा। इन सभी सीटों पर उसके उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। पार्टी की हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कर्नाटक AAP अध्यक्ष पृथ्वी रेड्डी को महज 1,861 वोट मिले।

Image

कर्नाटक में 10 मई को होंगे विधानसभा चुनाव।

Photo : PTI

Karnataka Assembly Election 2023: कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपना पूरा दम-खम लगा दिया है। पिछले साल पंजाब में सरकार बनाने और गुजरात में बेहतर प्रदर्शन के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की यह पार्टी कर्नाटक (Karnataka) के जरिए दक्षिण भारत (South India)में दस्तक देना चाहती है। कर्नाटक में 10 मई को विधानसभा चुनाव होंगे। केजरीवाल की पार्टी यहां विधानसभा की सभी 224 सीटों पर चुनाव लड़ने जा रही है। सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की उसकी इस योजना एवं घोषणा से उसकी महात्वाकांक्षा समझी जा सकती है। AAP अभी तक अपने 140 उम्मीदवारों (AAP Candidates) की घोषणा कर चुकी है। सवाल यह है कि भाजपा (BJP) की तरह क्या AAP के लिए भी कर्नाटक दक्षिण भारत की राजनीति के लिए का एक रास्ता या गलियारा बनेगा?

पिछले विस चुनाव में बेहद खराब रहा AAP का प्रदर्शन

कर्नाटक में आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) दूसरी बार विधानसभा चुनाव (Assembly election) लड़ रही है। 2018 के विस चुनाव में उसने 28 सीटों पर चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में उसका प्रदर्शन बेहद खराब रहा। इन सभी सीटों पर उसके उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। पार्टी की हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कर्नाटक AAP अध्यक्ष पृथ्वी रेड्डी (Prithvi Reddy) को महज 1,861 वोट मिले और वह चौथे स्थान पर आए। इन 28 सीटों में 18 सीटें बेंगलुरु (Bengaluru) में थीं। केजरीवाल की पार्टी किसी भी सीट पर अपना प्रभाव नहीं छोड़ पाई। 2018 के चुनाव में AAP को 0.55 फीसदी वोट मिले। 2018 के चुनाव में भाजपा (BJP) को 104, कांग्रेस (Congress) को 78, जेडी-एस (JD-S) को 37 और बसपा (BSP)को एक सीट मिली। एक सीट केपीजेपी (KPJP)और एक सीट निर्दलीय के खाते में गई। कुल मिलाकर केजरीवाल की पार्टी के लिए पिछला विधानसभा चुनाव बेहद खराब रहा।

इस बार पिछली गलतियों को नहीं दोहराना चाहती AAP

AAP पार्टी इस चुनाव में अपने पिछले गलतियों को दोहराना नहीं चाहती। इस बार वह ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं तक पहुंचना चाहती है। इसके लिए चुनाव में उसने अपने केजरीवाल (Kejriwal) सहित स्टार प्रचारकों को उतारने की तैयारी में है। खासकर पार्टी की नजर धारवाड़ एवं उत्तर कर्नाटक (North Karnataka) के इलाकों पर है। पिछले महीने केजरीवाल ने दावणगेरे से चुनावी बिगुल फूंका। धारवाड़ जिले में चुनाव प्रचार के प्रमुख श्रीरंगा मुतालिक देसाई का कहना है कि हमने प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में ब्लाक्स बनाए हैं। प्रत्येक ब्लाक में 50,000 वोटर हैं और प्रत्येक ब्लाक में एक अध्यक्ष और सर्कल हैं। एक सर्कल में 10,000 वोटर रखे गए हैं। इन सर्कलों को देखने के लिए करीब 10 एग्जीक्यूटिव कमेटियां बनाई गई हैं।

घोषणापत्र में सभी वर्ग को लुभाने की कोशिश

कर्नाटक चुनाव के लिए AAP ने 29 मार्च को अपना घोषणा पत्र (AAP Manifesto) जारी कर दिया। आप नेता एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह (Sanjay Singh) ने बेंगलुरु में राज्य की जनता से 10 वादे किए। संजय सिंह ने कहा कि किसानों को स्वामीनाथन समिति की रिपोर्ट के अनुसार MSP प्रदान किया जाएगा।

  • स्वामीनाथन समिति की रिपोर्ट के अनुसार एमएसपी
  • किसानों को खेती के लिए 12 घंटे मुफ्त बिजली
  • 12वीं उत्तीर्ण छात्रों को 5,000 रुपये प्रति माह के हिसाब से वजीफा
  • छात्रों के लिए रोजगारपरक प्रशिक्षण देने के लिए कार्यक्रम
  • स्थानीय निकाय चुनावों में मतदान की उम्र घटाकर 16 साल
  • महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये दिया जाएगा
  • वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाकर 1500 रुपये करने का वादा
  • विधवा पेंशन 800 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये
  • आश्रित बच्चों के लिए 500 रुपये प्रति माह
  • दिव्यांगों के लिए पेंशन बढ़ाकर 1500 रुपये माह
  • दिल्ली की तरह कर्नाटक के हर क्षेत्र में मोहल्ला क्लीनिक

भ्रष्टाचार को बड़ा चुनावी मुद्दा बना रहे केजरीवाल

कर्नाटक (Karnataka) में आप के पास कोई बड़ा चेहरा और लोकप्रिय नेता नहीं है। पार्टी इस बात को समझती भी है। प्रदेश अध्यक्ष पृथ्वी रेड्डी का कहना है कि इस चुनाव में आम आदमी पार्टी अपने बारे में प्रचलित नरेटिव को बदलना चाहेगी। पार्टी राज्य के ग्रामीण इलाकों तक पहुंचेगी। इस चुनाव में केजरीवाल की पार्टी दिल्ली और पंजाब के विकास मॉडल एवं सरकारी योजनाओं को आगे रख रही है। राज्य में भ्रष्टाचार (Corruption) के मुद्दे को वह जोर-शोर से उठाने में नहीं चूक रही। भ्रष्टाचार को लेकर केजरीवाल ने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर हमला बोला है। कर्नाटक चुनाव भ्रष्टाचार को एक बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश की जा रही है। भ्रष्टाचार को लेकर केजरीवाल लगातार भाजपा को निशाने पर ले रहे हैं। वह लोगों से भ्रष्टाचार मुक्त सरकार देने का वादा कर रहे हैं।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

और पढ़ें
End of Article