ईरान-हिज्बुल्लाह से जंग के बीच इजराइल ने संयुक्त राष्ट्र संघ को ही लपेट लिया है। इजराइल ने संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को इजराइल में घुसने पर पाबंदी लग दी है। एंटोनियो गुटेरेस को इजराइल ने बैन कर दिया है। इजराइल ने गुटेरेस पर कई गंभीर आरोप लगाया है। आइए समझते हैं कि आखिर एंटोनियो गुटेरेस को इजराइल ने क्यों बैन किया।
पांच प्वाइंट में समझिए क्यों इजराइल ने लिया बैन का फैसला
- दरअसल गुटेरेस इजराइल की कई बार सीधी आलोचना कर चुके हैं। चाहे वो गाजा पट्टी में इजराइल का एक्शन हो या फिर लेबनान पर हमला। गुटरेस कई बार इजराइल को असहज कर चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ में इजराइल के खिलाफ प्रस्ताव भी पास हो चुका है। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख को इजरायल से बाहर रखना इजरायल और गुटेरेस के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद को और बढ़ाने वाला है। गुटेरेस ने इजरायल की ओर से नाराजगी भरी प्रतिक्रिया तब पैदा की जब उन्होंने कहा कि हमास का 7 अक्टूबर का हमला "अचानक नहीं हुआ" और उन्होंने गाजा में इजरायली सेना द्वारा नागरिकों की हत्या की बार-बार निंदा की।
- इजराइल लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र और कई अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ विवाद में रहा है। हालांकि, यह संबंध तब से एक नए निम्न स्तर पर पहुंच गए हैं, जब से इजराइल ने गाजा में अपना एक्शन शुरू किया है।
- संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने गाजा में इजराइली एक्शन को लेकर कहा था कि गाजा में हम जिस स्तर की पीड़ा देख रहे हैं, वह संयुक्त राष्ट्र के महासचिव के रूप में मेरे कार्यकाल में अभूतपूर्व है। मैंने गाजा में पिछले कुछ महीनों में जिस स्तर की मौत और विनाश देखा है, वह मैंने पहले कभी नहीं देखा।”
- पिछले महीने के अंत में जब युद्ध लेबनान तक फैल गया और इजराइल ने अपना मुख्य ध्यान हिजबुल्लाह पर केंद्रित कर लिया, तो गुटेरेस ने कहा कि वह बढ़ती स्थिति और “बड़ी संख्या में नागरिकों के हताहत होने” से “गंभीर रूप से चिंतित” हैं। पिछले शुक्रवार को इजरायल द्वारा हिजबुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह की हत्या के बाद गुटेरेस ने सभी पक्षों से “युद्ध के कगार से पीछे हटने” की मांग की थी और कहा था कि क्षेत्र “पूर्ण युद्ध” बर्दाश्त नहीं कर सकता।
- ईरान के इजराइल पर हमले के बाद गुटेरेस ने मंगलवार को एक संक्षिप्त बयान जारी कर “मध्य पूर्व संघर्ष के विस्तार” की निंदा की और युद्ध विराम का आह्वान किया, लेकिन ईरान द्वारा इजरायल पर मिसाइलों से बमबारी का कोई प्रत्यक्ष उल्लेख नहीं किया।
इजराइल ने क्या-क्या आरोप लगाए
इजराइल के विदेश मंत्री ने बुधवार को कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को देश में प्रवेश करने से रोक रहे हैं क्योंकि उन्होंने इजराइल पर ईरान के मिसाइल हमले की "स्पष्ट रूप से" निंदा नहीं की है। इजरायल के विदेश मंत्री इजरायल कैट्ज ने कहा कि गुटेरेस द्वारा ईरान को दोषी ठहराने में विफलता के कारण वे इजरायल में अवांछित व्यक्ति बन गए हैं। कैट्ज ने कहा0- "जो कोई भी ईरान द्वारा इजरायल पर किए गए जघन्य हमले की स्पष्ट रूप से निंदा नहीं कर सकता, जैसा कि दुनिया के लगभग सभी देशों ने किया है, वह इजरायल की धरती पर पैर रखने का हकदार नहीं है। इजराइल अपने नागरिकों की रक्षा करना और अपनी राष्ट्रीय गरिमा को बनाए रखना जारी रखेगा, चाहे एंटोनियो गुटेरेस हों या न हों"

इजराइल के हमले में तबाह इमारत
चार दुश्मनों से घिरा इजराइल
इजराइल इस समय एक साथ चार दुश्मनों से निपट रहा है। एक और गाजा पट्टी में वो हमास के खिलाफ लड़ रहा है, उसका सफाया कर रहा है, तो दूसरी ओर यमन की ओर से हूती विद्रोही भी इजराइल पर मिसाइल दाग रहे हैं। तीसरी ओर से हिज्बुल्लाह भी इजराइल पर अटैक कर रहा है। अब इस जंग में सीधे तौर पर ईरान भी शामिल हो चुका है। कई सैन्य अधिकारियों को मारे जाने के बाद ईरान सीधे इस जंग में कूद गया है और इजराइल पर मिसाइलों की बारिश कर दी है। हमास और हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजराइल निर्णायक जीत के करीब है। हमास के इलाके में ही इजराइल उसे मार रहा है, हिज्बुल्लाह के चीफ समेत कई बड़े कमांडर मारे जा चुके हैं। ईरान के इस मिसाइल हमले के बाद इजराइल भी बड़ा पलटवार की तैयारी कर रही है।

इजराइल की ओर बढ़ती हुई ईरान की मिसाइलें
एक और जंग
ईरान ने कहा कि मिसाइलें हिजबुल्लाह के नेता और उसके शीर्ष कमांडरों की हत्या के जवाब में दागी गई थीं। इसमें हमास के एक शीर्ष नेता इस्माइल हनीयेह का भी उल्लेख किया गया, जिनकी जुलाई में तेहरान में एक संदिग्ध इजरायली हमले में हत्या कर दी गई थी। इन हमलों के बाद इजराइल ने गाजा पर अपने हमलों में और तेजी लाई है। गाजा में इजरायली जमीनी और हवाई अभियानों में महिलाओं और बच्चों सहित कम से कम 51 लोग मारे गए। इजराइल के समर्थन में अमेरिका सीधे तौर पर उतर आया है। मतलब यह संघर्ष और बड़ा हो सकता है। पहले ही दुनिया रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध देख रही थी, अब एक और जंग होने की आशंका गहरा रही है।
