Uniform Civil Code : समान नागरिक संहिता (UCC) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र के बयान के बाद सियासी घमासान मचा है। विपक्षी पार्टियां असहज हो गई हैं और वे इसके खिलाफ अलग-अलग तर्क दे रही हैं। ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी भी मोदी सरकार पर हमलावर हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि 'भारत की विविधिता एवं बहुलतावाद मोदी सरकार के लिए परेशानी है।' हैदराबाद के एमपी ने पीएम मोदी हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) को खत्म करने की चुनौती दी।
पीएम ने कहा-दोहरी व्यवस्था से देश कैसे चलेगा?
'मेरा बूथ सबसे मजबूत' कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने यूसीसी की पुरजोर वकालत की और पूछा कि ‘दोहरी व्यवस्था से देश कैसे चलेगा?’ उन्होंने कहा कि संविधान में भी सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार का उल्लेख है। पीएम ने कहा कि विपक्ष यूसीसी के मुद्दे का इस्तेमाल मुस्लिम समुदाय को गुमराह करने और भड़काने के लिए कर रहा है। भारतीय मुसलमानों को यह समझना होगा कि कौन से राजनीतिक दल उन्हें भड़काकर उनका फायदा लेने के लिए उनको बर्बाद कर रहे हैं।
ओवैसी ने कहा, 'प्रधानमंत्री समान नागरिक संहिता की चर्चा नहीं कर रहे हैं। वह हिंदू नागरिक संहिता की बात कर रहे हैं। (वे) सभी इस्लामी प्रथाओं को अवैध करार दे देंगे और प्रधानमंत्री, कानून के तहत हिंदू प्रथाओं की रक्षा करेंगे।' ओवैसी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के 300 सांसद हैं और वह चुनौती देते हैं कि क्या 'हिंदू अविभाजित परिवार' को खत्म कर दिया जाएगा और क्या वह ऐसा कर पाएंगे?
क्या है HUF
हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) एक अधिनियम है। इसके अंतर्गत हिंदू परिवार में जन्म लेने वाला बच्चा इसका स्वत: सदस्य बन जाता है। इस हिंदू परिवार में जैन, सिख और बौद्ध भी आते हैं। एचयूएफ का कोई व्यक्ति एक कारोबारी इकाई बना सकता है। जिस तरह से एक व्यक्ति की आय पर कर लगता है, उसी तरह एचयूएफ की आय पर अलग टैक्स लगता है। एचयूएफ इकाई के कारोबार से होने वाली आय व्यक्ति के आय में नहीं जड़ी जोती। एचयूएफ के मिले गिफ्ट भी व्यक्तिगत आय में नहीं आते। इसलिए बहुत सारे लोग टैक्स से बचने के लिए एचयूएफ इकाई का निर्माण करते हैं। इनकम टैक्स में HUF को एक अलग इंटिटी के तौर पर देखा जाता है।
यूसीसी पर सियासी विवाद
यूसीसी के संबंध में मोदी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री कुछ भी कह सकते हैं लेकिन उन्हें बेरोजगारी, महंगाई और मणिपुर जैसे देश के असली सवालों का जवाब देना होगा। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने कहा कि प्रधानमंत्री को ऐसे मुद्दों को राजनीति का औजार नहीं बनाना चाहिए। विपक्षी दलों की आलोचना करते हुए केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा, 'यह (यूसीसी) हमारे संविधान में लिखा है। संविधान के अनुच्छेद 44 में, इसे राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत के रूप में उल्लेख किया गया है। इस संबंध में उच्चतम न्यायालय का भी फैसला है।'
