Amethi, Raebarely, Kaisarganj Seat: देश में लोकसभा की 543 सीटों के लिए चुनाव हो रहा है। दो चरणों में 190 सीटों पर मतदान संपन्न भी हो गया है। तीसरे चरण के मतदान के लिए चुनाव प्रचार जोरों पर है। चौथे और पांचवें चरण के लिए नामांकन की प्रक्रिया जारी है लेकिन उत्तर प्रदेश में कुछ सीटें ऐसी हैं जहां अभी तक उम्मीदवारों का ऐलान हुआ है। इन हाई प्रोफाइल सीटों में अमेठी, रायबरेली और कैसरगंज सीट शामिल है।
कांग्रेस ने अपनी परंपरागत सीट अमेठी और रायबरेली से अपने उम्मीदवार नहीं उतारे हैं जबकि महिला पहलवानों को लेकर विवादों में रहे भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह को इस बार टिकट मिलेगा कि नहीं, इस पर सस्पेंस बना हुआ है। अमेठी से स्मृति ईरानी भाजपा उम्मीदवार हैं तो रायबरेली सीट से भाजपा के प्रत्याशी का इंतजार है। इन तीन सीटों को लेकर कई तरह के सियासी अटकलें और चर्चाएं चल रही हैं। चर्चा यह भी है कि रायबरेली से यदि प्रियंका गांधी को टिकट मिलता है तो भाजपा यहां से वरुण गांधी को चुनाव मैदान में उतार सकती है।
कैसरगंज
बहरहाल इन सीटों पर प्रत्याशी को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। सियासी चक्रव्यूह में ये तीन सीटें फंसी हुई हैं। सबसे पहले बात करते हैं कैसरगंज सीट की। कैसरगंज सीट पर अभी बृज भूषण शरण सिंह सांसद हैं। वह कई बार से इस सीट से सांसद हैं। इलाके में बृजभूषण शरण का अच्छा-खासा दबदबा, रसूख एवं प्रभाव है। कैसरगंज के अलावा वह आस-पास की सीटों को भी प्रभावित करते हैं। बावजूद इसके भाजपा ने अब तक उन्हें टिकट नहीं दिया है। इसकी सबसे बड़ी वजह देश की महिला पहलवानों का भाजपा सांसद पर लगाए गए आरोप हैं।

Brij Bhushan singh
महिला पहलवानों ने उन पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। हालांकि, बृज भूषण सिंह अपनी इस सीट पर भाजपा के लिए प्रचार कर रहे हैं। चर्चा यह भी है कि भाजपा बृज भूषण की जगह उनकी पत्नी को टिकट दे सकती है। दिलचस्प बात यह है कि इस सीट पर सपा और बसपा ने भी अभी अपने उम्मीदवार घोषित नहीं किए हैं। जानकारों को मानना है कि भाजपा यदि इस सीट पर बृज भूषण शरण सिंह को टिकट देती है तो सपा किसी बड़े पहलवान को इस सीट पर उम्मीदवार बना सकती है।
अमेठी
अमेठी सीट से राहुल गांधी चुनाव लड़ेंगे कि नहीं इस पर तस्वीर अभी तक साफ नहीं हो पाई है। रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि राहुल इस सीट से चुनाव लड़ना नहीं चाहते। हालांकि, कुछ दिनों पहले मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए राहुल ने कहा था कि वह पार्टी के फैसले के अनुरूप चुनाव लड़ेंगे। इस सीट पर भाजपा से स्मृति ईरानी ने अपना पर्चा दाखिल कर दिया है। पहले यह चर्चा थी कि वायनाड में मतदान समाप्त हो जाने के बाद अमेठी से राहुल की उम्मीदवारी की घोषणा होगी लेकिन वोटिंग के पांच दिन हो गए हैं लेकिन राहुल के इस सीट से चुनाव लड़ाने को लेकर कांग्रेस अभी तक फैसला नहीं कर पाई है।
rahul gandhi
रणनीतिकारों का मानना है कि प्रियंका गांधी हों या राहुल गांधी कांग्रेस तब तक इन्हें चुनावी मैदान में उतारेगी जब तक उनकी जीत की 100 प्रतिशत गारंटी न हो। अमेठी में स्मृति ईरानी राहुल को हरा चुकी हैं। ऐसे में वह फूंक-फूंककर कदम रख रही है।
रायबरेली
अमेठी की तरह रायबरेली सीट पर भी सस्पेंस कायम है। पिछले चुनाव में कांग्रेस यूपी में मात्र एक सीट रायबरेली जीती थी। इस सीट पर सोनिया गांधी ने जीत दर्ज की लेकिन इस बार उन्होंने चुनाव लड़ने की जगह राजस्थान से राज्यसभा जाने का निर्णय लिया। रायबरेली कांग्रेस की परंपरागत सीट और उसका गढ़ है। शुरू में यह कहा गया कि कांग्रेस इस सीट से प्रियंका गांधी को चुनाव लड़ाएगी। रायबरेली में कार्यकर्ताओं ने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी लेकिन अब कहा जा रहा है कि प्रियंका ने भी चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया है। इसके पीछे उन्होंने वजह भी बताई है।
Priyanka Gandhi
रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा गया कि प्रियंका नहीं चाहतीं कि गांधी परिवार के सभी सदस्य संसद में दिखें। प्रियंका का कहना है कि वह देश भर में चुनाव-प्रचार में अपना फोकस लगाना चाहती हैं। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि रायबरेली से प्रियंका के चुनाव लड़ने पर भाजपा वरुण गांधी को मैदान में उतार सकती है। ऐसे में वरुण का सामना करना उनके लिए आसान नहीं रहेगा। भाजपा ने इस सीट पर अभी अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है।
