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सेवा से सशक्तिकरण तक: PM मोदी के 25 साल की 10 बड़ी उपलब्धियां जिनसे बदली देश की तस्वीर

अपने नेतृत्व एवं अपनी सरकार की योजनाओं के जरिए पीएम मोदी ने देश के विकास का एक रोडमैप पेश किया। देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए महात्वाकांक्षी 'मेक इन इंडिया' की कार्यक्रम शुरुआत की। इस कार्यक्रम का असर रक्षा से लेकर अथर्व्यवस्था तक दिखा है।

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7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के सीएम बने नरेंद्र मोदी। तस्वीर-AI
Written by: आलोक कुमार राव
Updated Oct 7, 2026, 14:28 IST
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Narendra Modi: 7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। आज इस सार्वजनिक जीवन-यात्रा को 25 साल पूरे हो चुके हैं। 13 साल मुख्यमंत्री और 2014 से प्रधानमंत्री रहे मोदी के समर्थक इसे 'सेवा से सशक्तिकरण' की यात्रा कहते हैं, यानी सरकार को सिर्फ सत्ता नहीं, सेवा का माध्यम बनाने की कोशिश। नीचे वे 10 उपलब्धियां हैं जिन्हें उनके समर्थक और सरकार देश की तस्वीर बदलने वाला मानते हैं। अपने नेतृत्व एवं अपनी सरकार की योजनाओं के जरिए पीएम मोदी ने देश के विकास का एक रोडमैप पेश किया। देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए महात्वाकांक्षी 'मेक इन इंडिया' की कार्यक्रम शुरुआत की। इस कार्यक्रम का असर रक्षा से लेकर अथर्व्यवस्था तक दिखा है। यहां हम देश को आगे बढ़ाने वाली प्रधानमंत्री की कुछ योजनाओं के बारे में चर्चा करेंगे-

1. जन धन से वित्तीय समावेशन

2014 में शुरू हुई प्रधानमंत्री जन धन योजना ने करोड़ों गरीबों को पहली बार बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा। आज 50 करोड़ से ज्यादा जन धन खाते हैं। आधार और मोबाइल के साथ मिलकर इसने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) की नींव रखी, जिसमें सब्सिडी और योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंचता है। सरकार का दावा है कि इससे बिचौलिए और रिसाव घटे।

2. UPI और डिजिटल क्रांति

UPI आज भारत की पहचान बन चुका है। चाय की दुकान से लेकर बड़े शोरूम तक QR कोड से भुगतान आम बात है। भारत दुनिया में रियल-टाइम डिजिटल भुगतान के सबसे बड़े बाजारों में गिना जाता है, और UPI की तकनीक अब कई देशों तक पहुंच रही है। डिजिलॉकर, ई-केवाईसी और ओपन नेटवर्क जैसी पहलों ने डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर का एक भारतीय मॉडल खड़ा किया।

3. बुनियादी सुविधाएं: शौचालय, गैस, पानी, घर

स्वच्छ भारत मिशन के तहत करोड़ों शौचालय बने। उज्ज्वला योजना ने 10 करोड़ से ज्यादा घरों तक एलपीजी कनेक्शन पहुंचाया, जिससे धुएं में खाना पकाने वाली महिलाओं को राहत मिली। जल जीवन मिशन ने करोड़ों ग्रामीण घरों में नल से पानी पहुंचाने का काम किया और प्रधानमंत्री आवास योजना ने करोड़ों परिवारों को पक्का घर दिया। समर्थकों के अनुसार ये योजनाएं गरिमा से जीने की बुनियादी जरूरतों को पूरा करती हैं।
PM Modi

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4. आयुष्मान भारत: स्वास्थ्य सुरक्षा

आयुष्मान भारत-PMJAY को दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में गिना जाता है। इसमें प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक का सालाना कैशलेस इलाज मिलता है, और अब 70 साल से ऊपर के बुजुर्गों को भी इसके दायरे में लाया गया है। कोविड काल में 200 करोड़ से ज्यादा टीके लगाना और करीब 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन देना भी इसी स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा ढांचे की मिसाल के तौर पर गिनाया जाता है।

5. इंफ्रास्ट्रक्चर का कायाकल्प

हाईवे, एक्सप्रेसवे, मेट्रो, वंदे भारत ट्रेनें, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और हवाई अड्डों का विस्तार पिछले ढाई दशक में तेजी से हुआ है। 2014 के बाद देश में हवाई अड्डों की संख्या करीब दोगुनी हुई। गति शक्ति जैसी योजनाओं का मकसद लॉजिस्टिक्स की लागत घटाना और अलग-अलग मंत्रालयों के बीच तालमेल बनाना है।

6. नारी शक्ति और महिला सशक्तिकरण

उज्ज्वला, मुद्रा लोन, स्वयं सहायता समूह, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और सैनिक स्कूलों में लड़कियों के प्रवेश जैसे कदमों को महिला-केंद्रित नीति के रूप में पेश किया जाता है। 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम ने लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण का रास्ता खोला, जिसे ऐतिहासिक माना गया।

7. एक राष्ट्र, एक कर और अनुच्छेद 370

2017 में लागू GST ने अलग-अलग राज्यों के करों के जाल को एक राष्ट्रीय व्यवस्था में बदला। 2019 में अनुच्छेद 370 हटाकर जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण का दावा किया गया। समर्थक इसे "एक देश, एक विधान" की दिशा में बड़ा कदम बताते हैं। साथ ही दिवाला कानून (IBC) और रेरा जैसे आर्थिक सुधार भी इसी कड़ी में गिने जाते हैं।

8. सुरक्षा नीति में आक्रामक रुख

2016 की सर्जिकल स्ट्राइक, 2019 की बालाकोट एयर स्ट्राइक और 2025 का ऑपरेशन सिंदूर भारत की बदली हुई सुरक्षा नीति के उदाहरण के तौर पर पेश किए जाते हैं। इनमें संदेश दिया गया कि आतंकी हमलों का जवाब सीमा पार भी दिया जा सकता है। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, स्वदेशी हथियारों और रक्षा निर्यात में बढ़ोतरी पर भी जोर दिया गया।

9. अंतरिक्ष, उद्योग और आत्मनिर्भर भारत

2023 में चंद्रयान-3 की चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास सफल लैंडिंग से भारत की वैज्ञानिक साख बढ़ी। अंतरिक्ष क्षेत्र निजी कंपनियों के लिए खोला गया और स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से फैला। मेक इन इंडिया और PLI योजनाओं के जरिए मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य क्षेत्रों में घरेलू विनिर्माण बढ़ाने की कोशिश हुई। भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और अब तीसरे नंबर पर पहुंचने का लक्ष्य रखता है।

10. वैश्विक मंच पर बढ़ता कद

2023 में G20 की सफल अध्यक्षता, अफ्रीकी संघ को स्थायी सदस्यता दिलाने में भूमिका, "ग्लोबल साउथ" की आवाज बनने की कोशिश और प्रमुख शक्तियों के साथ एक साथ संबंध साधने की रणनीति को विदेश नीति की उपलब्धि माना जाता है। इसके अलावा योग को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में वैश्विक मान्यता मिलना भारत की सॉफ्ट पावर का उदाहरण बताया जाता है।
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दूसरा पक्ष भी जानना जरूरी

ऊपर की बातें सरकार और समर्थकों का पक्ष हैं। आलोचक कई मुद्दों पर अलग राय रखते हैं।
  • रोजगार और महंगाई: बेरोजगारी, खासकर युवाओं में, और महंगाई को वे बड़ी चुनौती मानते हैं।
  • आर्थिक असमानता: उनके अनुसार विकास का लाभ सबको समान रूप से नहीं मिला।
  • संस्थाएं और संघवाद: वे संस्थाओं की स्वायत्तता, केंद्र-राज्य संबंधों, प्रेस स्वतंत्रता और विपक्ष पर कार्रवाई जैसे सवाल उठाते हैं।
  • सामाजिक सौहार्द: अल्पसंख्यकों से जुड़ी चिंताएं भी उठाई जाती हैं।
  • आंकड़ों की विश्वसनीयता: गरीबी और रोजगार के कुछ आंकड़ों पर भी बहस है।
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