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इन राज्यों में बेहतर प्रदर्शन से ही BJP छू पाएगी 370, 400+ सीटों की बुलंदी, बनानी होगी प्रचंड भगवा लहर

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Apr 9, 2024, 10:34 AM IST

Lok Sabha Election 2024 : हिंदी बेल्ट के राज्यों बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली में वह अधिकतम सीटें हासिल कर चुकी है। सबसे बड़े राज्य यूपी में इस बार वह ज्यादा सीटें हासिल कर सकती है।

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भाजपा को इस बार बढ़ाना होगा अपना स्ट्राइक रेट।

Lok Sabha Election 2024 : मोदी लहर पर सवार भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी जीत की हैट्रिक लगाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है। 2014, 2019 के बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में भगवा पार्टी ने सीट जीतने का अपना लक्ष्य बढ़ाया है। भाजपा अपने लिए 370 सीटें और एनडीए के लिए 400 से ज्यादा सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। भाजपा के पिछले दो लोकसभा चुनाव के प्रदर्शन को देखते हुए उसका यह मिशन असंभव नहीं है लेकिन मुश्किल जरूर लगता है। अपने इस लक्ष्य को पाने के लिए उसे हिंदी बेल्ट के उन राज्यों में सीटें बढ़ानी होंगी जहां उसे कम सीटें मिलीं। साथ ही दक्षिण भारत में उसे उम्मीद से बढ़कर प्रदर्शन करना होगा। 400 प्लस का आंकड़ा अगर उसे छूना है तो दक्षिण भारत के राज्यों खासकर तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल और तेलंगाना में उसे बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

इन राज्यों में अधिकतर सीट हासिल कर चुकी है BJP

हिंदी बेल्ट के राज्यों बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली में वह अधिकतम सीटें हासिल कर चुकी है। सबसे बड़े राज्य यूपी में इस बार वह ज्यादा सीटें हासिल कर सकती है। यहां उसके पास 16 सीटों की गुंजाइश है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तेलंगाना और असम में वह अपनी सीटें बढ़ा सकती है। अपने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए भाजपा ने इस बार एनडीए का कुनबा बढ़ाया है और जिताऊ उम्मीदवार पर दांव लगाया गया है।

राजीव गांधी को मिला था प्रचंड 400 प्लस का बहुमत

पीएम मोदी सहित भाजपा के बड़े नेता लगातार ताबड़तोड़ रैलियां कर रहे हैं। इससे पहले 400 सीटों का आंकड़ा कांग्रेस ने 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए लोकसभा चुनाव में छूआ था। इंदिरा गांधी की हत्या के बाद देश भर में कांग्रेस के प्रति सहानुभूति की लहर दौड़ी थी जिसके बाद कांग्रेस को प्रचंड बहुमत हासिल हुआ। जानकार मानते हैं कि इस समय मोदी लहर तो है लेकिन भाजपा को अपना यह लक्ष्य हासिल करने के लिए मतदाताओं के बीच भारी माहौल एवं प्रचंड मोदी लहर बनाना होगा।

क्या कहते हैं 2014 और 2019 के चुनाव नतीजे

2014 के मुकाबले 2019 में भाजपा की 21 सीटें और एनडीए की 16 सीटें बढ़ीं। वोट प्रतिशत में भी छह प्रतिशत का इजाफा हुआ। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को 303 सीटें, कांग्रेस को 52 और अन्य को 188 सीटें मिलीं। इस चुनाव में एनडीए को 37 प्रतिशत, यूपीए को 19 और अन्य को 44 फीसदी वोट मिला जबकि 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को 282 सीटें, कांग्रेस को 44 और अन्य को 217 सीटें मिलीं। इस चुनाव में भाजपा को 31 फीसद, कांग्रेस को 19 और अन्य को 50 प्रतिशत वोट मिला। गठबंधन की लिहाज से देखें तो 2019 में एनडीए 352 सीटें, यूपीए को 91 और अन्य को 100 सीटें मिलीं। एनडीए का वोट प्रतिशत 45 फीसद, यूपीए का 27 और अन्य का 28 प्रतिशत रहा। 2014 के लोकसभा चुनाव में एनडीए को 336 सीटें, यूपीए को 59 और अन्य को 148 सीटें मिलीं। इस चुनाव में एनडीए का वोट प्रतिशत 39 फीसद, यूपीए का 23 और अन्य का 38 फीसद रहा।

इन राज्यों में एनडीए का स्ट्राइक रेट 90 फीसदी से ज्यादा रहा

राज्य, सीटेंNDA, 2019
महाराष्ट्र (48) 41
बिहार (40) 39
मध्य प्रदेश (29)28
कर्नाटक (28)26
गुजरात (26)26
राजस्थान (25)25
झारखंड (14)12
छत्तीसगढ़ (11)9
हरियाणा (10)10
दिल्ली (7)7
उत्तराखंड (5)5
केंद्र शासित (6)3
हिमाचल प्रदेश (4)4
गोवा (2)1
जम्मू (2)2
इन 257 सीटों में से एनडीए 238 जीतने में कामयाब रहा जबकि यूपीए मात्र 19 सीटें जीतने में सफल हो पाया।

2024 में इन राज्यों में एनडीए अपनी सीटें बढ़ा सकता है

राज्य-सीटें2019 की NDA/UPA की सीटें
उत्तर प्रदेश (80)64/16
पश्चिम बंगाल (42) 18/24
ओडिशा (21) 8/13
तेलंगाना (17)4/13
असम (14) 9/5
पूर्वोत्तर (11) 6/5
पिछले चुनाव में इन राज्यों की 185 सीटें में से एनडीए 109 सीटें जीत पाया। 76 पर उसे हार मिली।

400 प्लस का आंकड़ा छूने में ये राज्य होंगे अहम

राज्य (सीटें)2019 NDA/UPA
तमिलनाडु-पुड्डुचेरी (40) 1/39
केरल (20) 0/20
पंजाब (13) 4/9
आंध्र प्रदेश (25) 0/25
कश्मीर (3) 0/3
2019 के चुनाव में इन राज्यों की कुल 101 सीटों में से एनडीए को महज 5 सीटों पर जीत मिली जबकि 96 सीटों पर उसे हार का सामना करना पड़ा। इन राज्यों में एनडीए की जीत का स्ट्राइक रेट केवल 5 फीसदी रहा।
आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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