एक्सप्लेनर्स

सिंधिया के करीबी का कटा टिकट, हार के बावजूद इन 12 पर भरोसा; BJP के 3 फैसलों ने चौंकाया

MP BJP List: ज्योतिरादित्य सिंधिया के किन करीबियों को टिकट मिला और किसे निराशा हाथ लगी? मध्य प्रदेश में भाजपा की पहली लिस्ट के बाद कई सारे सवाल खड़े हो रहे हैं। 39 उम्मीदवारों की लिस्ट में हारे हुए 12 नेताओं का भी नाम शामिल है। तीन सबसे हैरान करने वाले फैसलों को समझिए।

Image

मध्य प्रदेश में भाजपा ने पहली बार क्यों किया ऐसा?

BJP Candidates List For MP Chunav 2023: मध्य प्रदेश में चुनाव के लिए भाजपा ने पहली 39 उम्मीदवारों के नाम पर मुहर लगाकर चुनावी सरगर्मी बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी कुर्सी बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। दूसरी ओर कमलनाथ घूम-घूमकर ये दावे कर रहे हैं कि इस बार कांग्रेस की जोरदार वापसी होने वाली है। मगर भाजपा ने अपने इस फैसले से ये समझाने की कोशिश की है कि वो एमपी से अपनी पकड़ आसानी से नहीं कमजोर होने देगी।

भाजपा के इन तीन फैसले ने हर किसी को चौंकया

भारतीय जनता पार्टी ने पहली बार ऐसा किया है कि चुनाव की घोषणा से पहले ही उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी गई हो। इस फैसले के कई मायने निकाले जा रहे हैं। विरोधी इसे भाजपा की घबराहट बता रहे हैं तो भाजपाई इस फैसले को मास्टरस्ट्रोक करार दे रहे हैं। मध्य प्रदेश में बीजेपी की पहली चुनावी लिस्ट में वैसे तो कई उलटफेर हैं, मगर आपको भाजपा के उन तीन फैसलों को समझना चाहिए जिसने हर किसी को चौंका दिया है।

पहला फैसला). सिंधिया के करीबी नेता का भाजपा ने काटा टिकट

भाजपा के इस फैसले से सिंधिया खेमे में बड़ा झटका लगा है। अपने 39 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट में भाजपा ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी नेता रणवीर जाटव को टिकट नहीं दिया है। जाटव को दरकिनार कर उसी नेता को टिकट दिया गया, जिसे उन्होंने पिछली बार चुनावी मैदान में पटखनी दी थी। साल 2018 के विधानसभा चुनाव में जाटव ने लाल सिंह आर्य को हराया था। जब सिंधिया के साथ वो कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए तब इस सीट पर हुए उपचुनाव में जाटव को शिकस्त झेलनी पड़ी थी। भाजपा ने लाल सिंह आर्य को लगातार 6 बार इस सीट से विधानसभा चुनाव में टिकट दिया है। बता दें, लाल सिंह आर्य वर्तमान में अनुसूचित जाति जनजाति के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। हालांकि सिंधिया के एक और करीबी अदल सिंह कंसाना भाजपा ने सुमावली सीट से मैदान में उतारा है।

दूसरा फैसला). 2018 में हारे हुए 12 नेताओं को दोबारा मिला टिकट

भाजपा ने अपनी पहली लिस्ट में उन 39 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की है, जहां पिछले विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। इन सीटों पर फिलहाल कांग्रेस के विधायक हैं। खास बात तो ये भी है कि इन 39 सीटों में से ज्यादातर सीटों पर भाजपा को पिछले दो या तीन बार से हार का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा की लिस्ट में 12 ऐसे नेताओं के नाम शामिल हैं जिन्हें पिछले विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। नीचे देखिए उन नेताओं के नाम और विधानसभा सीट..

लाल सिंह आर्य को गोहद विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है।

ललिता यादव को छतरपुर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है।

सुरेंद्र सिंह गहरवार को चित्रकूट विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है।

नाना भाऊ मोहोड़ को सौंसर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है।

लखन पटेल को पथरिया विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है।

एंदल सिंह कंसाना को सुमावली विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है।

मधु वर्मा को राऊ विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है।

निर्मला भूरिया को पेटलावद विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है।

ओमप्रकाश धुर्वे को शाहपुरा विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है।

आत्माराम पटेल को कसरावद विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है।

राजेश वर्मा को गुन्नौर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है।

राजकुमार मेव को महेश्वर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है।

तीसरा फैसला). IRS ऑफिसर की पत्नी और पूर्व जज को मैदान में उतारा

भाजपा ने मध्य प्रदेश चुनाव के लिए पहली उम्मीदवारों की इस लिस्ट में 39 में से 5 महिला प्रत्याशियों को शामिल किया है। इस सूची में पूर्व जज, आईआरएस अधिकारी की पत्नी को टिकट मिला है। कमलनाथ का गढ़ कहे जाने वाले छिंदवाड़ा के पांढुर्ना से भाजपा ने पूर्व जज प्रकाश उइके को मैदान में उतारा है। ये विधानसभा सीट अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित है। भाजपा को यहां लंबे वक्त से मजबूत चेहरे की तलाश थी। वहीं दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह की चांचोडा विधानसभा सीट से भाजपा ने IRS ऑफिसर प्रद्युमन सिंह की पत्नी प्रियंका मीणा पर भरोसा जताया है। वहीं इस लिस्ट में भोपाल मध्य सीट से पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे ध्रुव नारायण सिंह को टिकट देकर भी भाजपा ने चौंकाया है। साल 2008 से 2013 तक ध्रुव नारायण भोपाल मध्य सीट से विधायक थे। हत्या के मामले में उनका नाम आने के चलते 2013 में उनका टिकट कट गया था।

देखें मध्य प्रदेश चुनाव के लिए भाजपा की पहली लिस्ट

1. सबलगढ़ विधानसभा सीट से सरला विजेंद्र रावत को टिकट

2. सुमावली विधानसभा सीट से अदल सिंह कंसाना को टिकट

3. गोहद (SC) विधानसभा सीट से लाल सिंह आर्य को टिकट

4. पिछोर विधानसभा सीट से प्रीतम लोधी को टिकट

5. चाचौड़ा विधानसभा सीट से प्रियंका मीणा को टिकट

6. चंदेरी विधानसभा सीट से जगन्नाथ सिंह रघुवंशी को टिकट

7. बंडा विधानसभा सीट से वीरेन्द्र सिंह लम्बरदार को टिकट

8. महाराजपुर विधानसभा सीट से कामाख्या प्रताप सिंह को टिकट

9. छतरपुर विधानसभा सीट से ललिता यादव को टिकट

10. पथरिया विधानसभा सीट से लखन पटेल को टिकट

11. गुन्नौर (SC) विधानसभा सीट से राजेश कुमार वर्मा को टिकट

12. चित्रकूट विधानसभा सीट से सुरेंद्र सिंह गहरवार को टिकट

13. पुष्पराजगढ़ (ST) विधानसभा सीट से हीरासिंह श्याम को टिकट

14. बड़वारा (ST) विधानसभा सीट से धीरेंद्र सिंह को टिकट

15. बरगी विधानसभा सीट से नीरज ठाकुर को टिकट

16. जबलपुर पूर्व (SC) विधानसभा सीट से अंचल सोनकर को टिकट

17. शाहपुरा (ST) विधानसभा सीट से ओमप्रकाश धुर्वे को टिकट

18. बिछिया (ST) विधानसभा सीट से डॉ. विजय आनंद मरावी को टिकट

19. बैहर (ST) विधानसभा सीट से भगत सिंह नेताम को टिकट

20. लांजी विधानसभा सीट से राजकुमार कर्राये को टिकट

21. बरघाट (ST) विधानसभा सीट से कमल मस्कोले को टिकट

22. गोटेगांव (SC) विधानसभा सीट से महेंद्र नागेश को टिकट

23. सौसर विधानसभा सीट से नानाभाऊ मोहोड को टिकट

24. पांढुर्णा (ST) विधानसभा सीट से प्रकाश उइके को टिकट

25. मुल्ताई विधानसभा सीट से चन्द्रशेखर देशमुख को टिकट

26. भैंसदेही (ST) विधानसभा सीट से महेंद्र सिंह चौहान को टिकट

27. भोपाल उत्तर विधानसभा सीट से आलोक शर्मा को टिकट

28. भोपाल मध्य विधानसभा सीट से ध्रुव नारायण सिंह को टिकट

29. सोनकच्छ (SC) विधानसभा सीट से राजेश सोनकर को टिकट

30. महेश्वर (SC) विधानसभा सीट से राजकुमार मेव को टिकट

31. कसरावद विधानसभा सीट से आत्माराम पटेल को टिकट

32. अलीराजपुर (ST) विधानसभा सीट से नागर सिंह चौहान को टिकट

33. झाबुआ (ST) विधानसभा सीट से भानू भूरिया को टिकट

34. पेटलावद (ST) विधानसभा सीट से निर्मला भूरिया को टिकट

35. कुक्षी (ST) विधानसभा सीट से जयदीप पटेल को टिकट

36. धरमपुरी (ST) विधानसभा सीट से कालू सिंह ठाकुर को टिकट

37. राऊ विधानसभा सीट से मधु वर्मा को टिकट

38. तराना (SC) विधानसभा सीट से ताराचंद गोयल को टिकट

39. घटिया (SC) विधानसभा सीट से सतीश मालवीय को टिकट

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article