Akashteer System: पहलगाम आतंकी हमले का बदला जब भारत ने पाकिस्तान में एयर स्ट्राइक कर लिया, तब पाकिस्तान ने मिसाइलों और ड्रोन्स से भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था। पाकिस्तान लाख प्रयास के बाद भी भारत को नुकसान पहुंचाने में कामयाब नहीं रहा था। पाकिस्तान की ओर से आने वाली हर मिसाइल और ड्रोन्स को भारत का एयर डिफेंस सिस्टम हवा में ही ध्वस्त कर दे रहा था, जिसमें आकाशतीर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अब सरकार ने खुद आकाशतीर की जानकारियां शेयर करते हुए बताया है कि कैसे आकाशतीर ने संघर्ष के दौरान हवा में ऐसी अदृश्य दीवार बनाई कि कोई भी ड्रोन्स और मिसाइल भारत की धरती पर पहुंच ही नहीं पाया, हवा में ही ध्वस्त हो गया।
भारत के एक नए योद्धा का आगमन
अंधेरे आसमान में भारत के एक नए योद्धा का आगमन हो गया है। युद्धक विमान की तरह इसकी दहाड़ नहीं है और ना ही इसमें मिसाइल की चमक है। यह केवल सुनता है, अपना लक्ष्य मापता है और सटीकता से उसे नष्ट कर देता है। यह अदृश्य अभेद्य कवच, आकाशतीर, केवल रक्षा पत्रिकाओं में सीमित अवधारणा नहीं है। यह अब भारत की वायु रक्षा का बेहद सुदृढ़ आधार है। यह वह अदृश्य दीवार है जिसने 9 और 10 मई की रात दुश्मन के मिसाइलों और ड्रोन की बौछार को रोक दिया, जब पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य और नागरिक क्षेत्रों पर अपना सबसे घातक हमला किया था।
भारत का पूर्णतया स्वदेश निर्मित हथियार
आकाशतीर भारत का पूर्णतया स्वदेश निर्मित, स्वचालित वायु रक्षा नियंत्रण और रिपोर्टिंग प्रणाली है, जिसने हर आने वाली मिसाइल(प्रक्षेपास्त्र) को रोक कर बेअसर कर दिया। उसके और लक्षित ठिकानों के बीच केवल तकनीक नहीं बल्कि आत्मनिर्भर भारत के लिए वर्षों की प्रतिबद्धता थी। उधर शत्रु पाकिस्तान अपने आयातित एचक्यू-9 और एचक्यू -16 प्रणालियों पर निर्भर था जो भारतीय हमलों का पता लगाने और उन्हें रोकने में बुरी तरह नाकाम रहे, आकाशतीर ने वास्तविक समय के आधार पर स्वचालित वायु रक्षा युद्ध में भारत के वर्चस्व को प्रदर्शित और स्थापित कर दिया।आकाशतीर ने दिखा दिया कि वह दुनिया के किसी भी अस्त्र को अधिक तेजी से देखता है, निर्णय लेता है और हमला निष्फल कर देता है।
कई खूबियों से लैस है आकाशतीर
कई उन्नत उपकरणों के समेकन से युक्त आकाशतीर अपनों पर गोलीबारी की संभावना भी कम करता है। इससे शत्रु के ठिकानों पर तेजी से हमला संभव होते हुए भी हवाई क्षेत्र में अपने विमानों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है। इसमें लगे एकीकृत सेंसर में टैक्टिकल कंट्रोल रडार रिपोर्टर, 3डी टैक्टिकल कंट्रोल रडार, लो-लेवल लाइटवेट रडार और आकाश हथियार प्रणाली रडार शामिल हैं।

आकाशतीर एयर डिफेंस सिस्टम (फोटो- PIB)
निश्चेष्ट रडार से चतुराईपूर्ण युद्ध तक
आकाशतीर घातक हमलावर बल नहीं चतुराईपूर्ण युद्ध कला से युक्त है। यह प्रणाली सभी सक्रिय पक्षों (नियंत्रण कक्ष, रडार और डिफेंस गन) को सामान्य, वास्तविक समय की हवाई तस्वीर प्रदान करती है, जिससे समन्वित वायु रक्षा संचालन संभव होता है। यह शत्रु के विमानों, ड्रोन और मिसाइलों का पता लगाने, ट्रैक करने और उन्हें मार गिराने की स्वचालित प्रणाली है। यह विभिन्न रडार प्रणालियों, सेंसर और संचार तकनीकों को एकल परिचालन ढांचे में समेकित करता है। आकाशतीर कई स्रोतों से डेटा एकत्र कर संसाधित करता है और स्वचालित, वास्तविक समय में मारक निर्णय लेने में सक्षम है। आकाशतीर व्यापक सी4आईएसआर (कमान, नियंत्रण, संचार, कंप्यूटर, बुद्धिमत्ता, सर्विलांस और टोही) प्रणाली का हिस्सा है, जो अन्य प्रणालियों के साथ समन्वय रखते हुए काम करता है। वाहन-आधारित होने से यह प्रणाली गतिमान रहती है और शत्रुतापूर्ण माहौल में इसे सुगमता से संचालित किया जा सकता है।
कहीं भी हो सकता है तैनात
आकाशतीर भारतीय सेना की वायु रक्षा प्रणाली का मूल आधार है। यह भारतीय वायु सेना और भारतीय नौसेना के साथ आसानी से सुमेलित होता है। जिससे युद्ध मैदान में स्पष्ट और वास्तविक समय की तस्वीर हासिल होती है। यह आक्रामक और रक्षात्मक दोनों हथियारों के त्वरित और प्रभावी इस्तेमाल में सक्षम है। आकाशतीर के साथ तीनों सेनाओं का समन्वय रहता है इसलिए अपने ही लक्ष्यों पर गलती से हमला करने का जोखिम भी कम हो जाता है। यह परिस्थितिजन्य जागरूकता बेहतर बनाकर सटीक और शक्तिशाली कार्रवाई में सहायक होता है। वाहन पर रखे जाने के कारण आकाशतीर अत्यधिक गतिशील रहता है और इसलिए दुर्गम और सक्रिय युद्ध क्षेत्रों में तैनाती के लिए यह सर्वोत्तम है।
भारत चुनिंदा देशों में शामिल
दुनिया भर के विशेषज्ञ आकाशतीर को " युद्ध रणनीति में बड़ा बदलाव " मान रहे हैं। इस प्रणाली के साथ, भारत पूरी तरह से एकीकृत, स्वचालित वायु रक्षा कमान और नियंत्रण क्षमता वाले चुनिंदा देशों के समूह में शामिल हो गया है। यह तेजी से देखने, निर्णय लेने और दुनिया भर में किसी भी अन्य प्रणाली की तुलना में तेजी से हमला करने में सक्षम है। आकाशतीर सिर्फ़ तकनीकी कौशल ही नहीं यह असममित युद्ध, मिश्रित हमलों और सीमा पार आतंकवाद से निपटने की भारत की सक्षमता और कुशलता प्रदर्शित करता है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी आक्रमण को बेअसर करने में इसका सफल इस्तेमाल इस बात का प्रमाण है कि भारत का भविष्य आयातित रक्षा सामग्रियों में नहीं, बल्कि स्वयं के नवाचार से तैयार युद्ध सामग्रियों पर निर्भर करेगा जो वास्तविक अर्थों में आत्मनिर्भर होना है।
