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क्या बन गई कैंसर की वैक्सीन, Moderna के ट्रायल में क्या आया सामने, मरीजों को कब मिलेगी?

कैंसर वैक्सीन बनाए जाने की खबर ने तो जैसे दुनिया में हलचल ही मचा दी। क्या है यह कैंसर वैक्सीन जिसे मॉडर्ना विकसित कर रही है? और ट्रायल इस वैक्सीन का प्रभाव कितना होगा, कब तक ये मार्केट में आएगी, इन्हें विस्तार से जानते हैं।

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कैंसर की दवा का ट्रायल, नतीजे सकारात्मक (AI Image)
Authored by: Amit Mandal
Updated Aug 20, 2026, 13:07 IST
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बुधवार 19 अगस्त को मैसाचुसेट्स में स्थित अमेरिकी फार्मास्युटिकल कंपनी मॉडर्ना के लिए ऐतिहासिक दिन था। बायोटेक कंपनी ने न सिर्फ एक कैंसर वैक्सीन ट्रायल में बड़ी सफलता पाई, बल्कि एक ही सत्र में इसके शेयरों में 177 प्रतिशत का उछाल भी आया। शेयरों में आया यह भारी उछाल कंपनी के लिए पूरी तरह से किस्मत बदलने जैसा है, जिसके शेयरों में हाल ही में कोविड-19 वैक्सीन की मांग कम होने के बाद गिरावट देखी गई थी। इस खबर ने तो जैसे दुनिया में हलचल ही मचा दी। क्या है यह कैंसर वैक्सीन जिसे मॉडर्ना विकसित कर रही है? और ट्रायल इस वैक्सीन का प्रभाव कितना होगा, कब तक ये मार्केट में आएगी, इन्हें विस्तार से जानते हैं।

मॉडर्ना की पर्सनलाइज्ड कैंसर वैक्सीन क्या है?

बुधवार को दिग्गज फार्मा कंपनियों मॉडर्ना और मर्क ने घोषणा की कि उनके प्रायोगिक वैक्सीन इलाज ने हाई-रिस्क मेलेनोमा (त्वचा कैंसर) के मरीजों पर किए गए एक अध्ययन में कैंसर को वापस लौटने या फैलने से रोकने के संकेत दिखाए हैं। 'इन्टिसमिरान ऑटोजीन' (Intismeran Autogene) नाम की यह वैक्सीन उसी मेसेंजर राइबोन्यूक्लिक एसिड (mRNA) तकनीक पर आधारित है जो कोविड-19 टीकों के पीछे थी। शोधकर्ता बताते हैं कि इन्टिसमिरान अपनी तरह की पहली ऑटोजीन थेरेपी है जो किसी मरीज के कैंसर म्यूटेशन का अध्ययन करने, उन म्यूटेशन के mRNA सीक्वेंस बनाने और उन्हें वापस मरीज को देने पर निर्भर करती है ताकि उनका इम्यून सिस्टम ट्यूमर के संकेतों को ठीक उसी तरह पहचान सके जैसे वह किसी वायरस को पहचानता है, जिसे थेराप्यूटिक (उपचारात्मक) वैक्सीन के रूप में जाना जाता है।

कैसे करती है ये वैक्सीन काम?

अध्ययन की प्रमुख अन्वेषक, UNSW प्रोफेसर और मेलानोमा इंस्टीट्यूट ऑस्ट्रेलिया की मेडिकल डायरेक्टर जॉर्जीना लॉन्ग ने बताया कि यह वैक्सीन जिस तरह से काम करती है, वह यह है कि यह मरीज के ट्यूमर का एक सैंपल लेती है, उसकी अनूठी म्यूटेशनल पहचान (जिसे फिंगरप्रिंट भी कहा जाता है) की पहचान करती है, और फिर उससे लड़ने के लिए मेसेंजर RNA तकनीक का उपयोग करती है। यह मेसेंजर RNA तकनीक कोविड-19 महामारी के दौरान प्रचलित हुई थी, जब मॉडर्ना और फाइजर ने ऐसे टीके विकसित किए थे जो बीमारी के गंभीर रूपों के खिलाफ अत्यधिक प्रभावी थे।

ट्रायल ने मॉडर्ना वैक्सीन के बारे में क्या खुलासा हुआ?

19 अगस्त को दोनों फार्मा कंपनियों ने अपने ट्रायल के तीसरे चरण के अंतरिम परिणाम जारी किए। दोनों फर्मों ने ध्यान दिलाया कि मेलेनोमा से पीड़ित जिन लोगों को इन्टिसमिरान (जिसे मॉडर्ना और मर्क द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है) और मर्क की पेम्ब्रोलिज़ुमाब (Keytruda) मिली, वे अपने कैंसर की किसी भी पुनरावृत्ति यानी दोबारा होने की संभावना के बिना अधिक समय तक जीवित रहे, साथ ही केवल कीट्रूडा प्राप्त करने वालों की तुलना में उनके कैंसर के फैलने की घटनाएं भी कम हुईं, जो कि मौजूदा मानक इलाज है।

ट्रायल में स्टेज 2b से 4 मेलेनोमा वाले 1,137 उच्च जोखिम वाले मरीजों को नामांकित किया गया था, जिनके ट्यूमर को सर्जिकल रूप से हटा दिया गया था। स्वयंसेवकों को लगभग एक साल के लिए केवल कीट्रूडा के साथ पर्सनलाइज्ड वैक्सीन की नौ खुराक तक प्राप्त करने के लिए रैंडम किया गया था। फिर जनवरी में कंपनियों ने खुलासा किया कि कीट्रूडा के साथ इन्टिसमिरान के संयुक्त इलाज ने पांच वर्षों के बाद कैंसर के दोबारा होने या मौत के जोखिम को 49 प्रतिशत तक कम कर दिया। दवा निर्माता के अनुसार, अध्ययन के विस्तृत परिणाम जारी नहीं किए गए हैं, लेकिन आगामी मेडिकल बैठक में साझा किए जाने की उम्मीद है।

फिर भी परिणाम शोधकर्ताओं और मॉडर्ना के लिए एक सकारात्मक संकेत हैं। मॉडर्ना के मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्टीफन बैंसेल ने सीएनएन को बताया, यह कैंसर की देखभाल में एक नया अध्याय है। बैंसेल ने एक बयान में कहा, कई वर्षों से किसी व्यक्तिगत मरीज के कैंसर के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए mRNA उपचार को बनाने का विचार एक सपना था। हम अब उस दृष्टिकोण को हकीकत में बदलने में मदद कर रहे हैं।

मरीजों के लिए कब उपलब्ध होगी वैक्सीन?

मॉडर्ना के अध्यक्ष स्टीफन होज के अनुसार, हाई-रिस्क मेलेनोमा सर्जरी कराने वाले हजारों मरीजों को 2027 के शुरुआती समय में ही इसका लाभ मिल सकता है। मेलेनोमा — जो कि त्वचा कैंसर का एक प्रकार है, उसके मरीजों के लिए यह एक बहुत राहत बड़ी बात है। 2023 में सिर्फ अमेरिका में ही 1.5 मिलियन (15 लाख) से अधिक लोग कैंसर के इस रूप के साथ जी रहे थे। इसके अलावा, मॉडर्ना के बैंसेल ने टाइम (TIME) को यह भी बताया कि वे स्टेज 1 फेफड़ों के कैंसर में इन्टिसमिरान का प्रयोग कर रहे थे। और हालांकि परीक्षण बहुत शुरुआती चरणों में है, वे आशावादी हैं क्योंकि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ऐसा कोई वैज्ञानिक कारण नहीं है कि यह मेलेनोमा में काम करे और किसी अन्य ट्यूमर प्रकार में काम न करे।

वैक्सीन की खबर पर बाजार ने कैसी प्रतिक्रिया दी?

ट्रायल के नतीजों की खबर घोषित होने के तुरंत बाद, मॉडर्ना के शेयर में लगभग 177 प्रतिशत का उछाल आया। यहां तक कि मर्क के शेयर में भी तेजी देखी गई — यह 12 प्रतिशत चढ़ा। दिग्गजों और वैज्ञानिकों की प्रतिक्रियाइलोन मस्क ने सोशल मीडिया X पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, कोविड के दौरान इसके दुरुपयोग के बावजूद, बीमारियों को ठीक करने में mRNA तकनीक में अपार संभावनाएं हैं। कृत्रिम RNA मूल रूप से बीमारियों के इलाज को एक 'सॉफ्टवेयर प्रॉब्लम' जैसा बना देता है। मॉडर्ना के सीईओ स्टीफन बैंसेल ने कहा, यह कैंसर केयर में एक नया अध्याय है। वर्षों तक किसी मरीज के कैंसर के लिए mRNA ट्रीटमेंट तैयार करना एक सपना था, अब हम उस दृष्टिकोण को हकीकत में बदल रहे हैं। NYU लैंगोन हेल्थ की डॉ. जेनिस मेहनर्ट और फ्लोरिडा यूनिवर्सिटी के डॉ. एलियास सेयूर ने कहा कि यह वैज्ञानिक खोज कैंसर के इलाज की एक नई लहर की शुरुआत करेगी।

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