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संविधान, गांधी परिवार से लेकर केजरीवाल तक... पढ़िए कैसे PM मोदी ने लोकसभा में विपक्ष को दिखाया आईना

पीएम मोदी ने लोकसभा में दिए गए आज के संबोधन पर विपक्ष पर चुन-चुन कर वार किए। पीएम मोदी ने कांग्रेस से लेकर आम आदमी पार्टी तक को सिलसिलेवार तरीके से घेरा।

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पीएम मोदी ने लोकसभा में विपक्ष को घेरा (फोटो-@BJP)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस का जवाब देते हुए आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल से लेकर गांधी परिवार तक पर जमकर हमला बोला। पीएम मोदी के संबोधन ने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू से लेकर वर्तमान नेता विपक्ष राहुल गांधी तक को निशाने पर लिया।

केजरीवाल के शीशमहल पर वार

प्रधानमंत्री मोदी ने केजरीवाल के 'शीशमहल' का जिक्र करते हुए कहा, "आजकल मीडिया में ज्यादा ही चर्चा हो रही है, सोशल मीडिया में ज्यादा ही हो रही है। कुछ नेताओं का फोकस घरों में जकूजी पर, स्टाइलिश शावर पर है, लेकिन हमारा फोकस हर घर जल पहुंचाने पर है। आजादी के 75 साल बाद देश में 70-75 फीसदी, यानी करीब 16 करोड़ पर‍िवारों से भी अधिक लोगों के पास नल का कनेक्शन नहीं था, हमारी सरकार ने पांच साल में 12 करोड़ परिवारों के घरों में नल से जल देने का काम किया है। हमने गरीबों के लिए इतना काम किया है, जिसका जिक्र राष्ट्रपति ने अपने भाषण में विस्तार से किया है।"

कांग्रेस पर साधा निशाना

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "पहले अखबारों की हेडलाइन घोटाले और भ्रष्टाचार से जुड़ी होती थीं। हमें सरकार में रहते 10 साल हो गए हैं, देश के करोड़ों रुपए बचे हैं, जो जनता की सेवा में लगे हैं। हमने कई कदम उठाए हैं, जिससे काफी पैसा बचा है। लेकिन, हमने उस पैसे का इस्तेमाल शीशमहल बनाने के लिए नहीं किया, बल्कि हमने उस पैसे का इस्तेमाल देश बनाने के लिए किया है।"

ओबीसी के लिए कांग्रेस को घेरा

पीएम मोदी ने ओबीसी के मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी को घेरा। उन्होंने कहा, "कुछ लोगों के लिए जाति की बात करना फैशन हो गया है। पिछले 30 साल से सदन में आने वाले ओबीसी समाज के सांसद एक होकर मांग कर रहे थे कि ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा दिया जाए। हमने ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया। पिछड़ा वर्ग आयोग आज संवैधानिक व्यवस्था बन गया।" हमारी सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए काम किया है कि एससी, एसटी और ओबीसी को हर क्षेत्र में अधिकतम अवसर मिलें।

संविधान क्या बोले पीएम

संविधान की चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा, "संविधान में जो धाराएं हैं, उसके साथ-साथ संविधान की एक आत्मा भी है। संविधान को मजबूती देने के लिए उसकी भावना को जीना पड़ता है। इसे मैं आज उदाहरण के साथ बताऊंगा। हमारे यहां परंपरा है कि राष्ट्रपति के संबोधन पर सरकार का ब्यौरा होता है। ऐसे ही गवर्नर राज्य के काम का ब्यौरा देते हैं। जब मैं सीएम था गुजरात के गठन के 50 साल हुए थे। हमने एक निर्णय किया कि इस गोल्डन जुबली ईयर में जितने भी गवर्नर के भाषण हुए, सबको एक पुस्तक के रूप में तैयार किया जाए। आज सभी लाइब्रेरी में वो ग्रंथ है। मैं तो भाजपा वाला था, गुजरात में ज्यादातर कांग्रेस की सरकारें थी, उसे भी प्रसिद्ध कराने का काम भाजपा का मुख्यमंत्री कर रहा था। हम संविधान को समर्पित हैं, उसे जीना जानते हैं, उसकी आत्मा को समझते हैं।"

राहुल गांधी को संविधान के मुद्दे पर घेरा

पीएम मोदी ने आगे कहा, "आज कुछ लोग खुलेआम शहरी नक्सलियों की भाषा बोल रहे हैं, भारतीय राज्य को चुनौती दे रहे हैं और उसके खिलाफ लड़ाई का ऐलान कर रहे हैं। यह भाषा बोलने वाले न तो संविधान को समझते हैं और न ही देश की एकता को। सात दशकों तक जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित रखा गया। यह न केवल संविधान के साथ बल्कि इन क्षेत्रों के लोगों के साथ भी अन्याय था। हम संविधान की भावना से जीते हैं, और इसीलिए हम मजबूत निर्णय लेते हैं। हमारा संविधान भेदभाव का अधिकार नहीं देता। जो लोग संविधान को अपनी जेब में रखकर जीते हैं, उन्हें नहीं पता कि आपने मुस्लिम महिलाओं को किस तरह की कठिनाइयों में रहने के लिए मजबूर किया।"

आर्टिकल 370 पर भी घेरा

पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्रियों का जिक्र करते हुए कहा, "हमने पीएम म्यूजियम बनाया और देश के पहले पीएम से लेकर मेरे पूर्व तक के सभी प्रधानमंत्रियों के जीवन को और उनके कार्यों को बताया गया है। ये होती है संविधान की भावना। हम संविधान को सर्वोपरि रखते हैं, जहर की राजनीति नहीं करते हैं। हम स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनाते हैं। ये देश का दुर्भाग्य है कि आज कल कुछ लोग अर्बन नक्सल की भाषा खुलेआम बोल रहे हैं। ये अर्बन नक्सल की भाषा बोलने वाले न संविधान को समझ सकते हैं और न देश की एकता को समझ सकते हैं। सात दशक तक जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को संविधान के अधिकारों से वंचित रखा गया। ये अन्याय है। हमने आर्टिकल 370 की दीवार गिरा दी।"

राजीव गांधी के बयान की दिलाई याद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पार्टी और पूर्व पीएम राजीव गांधी पर हमला बोला। पीएम मोदी ने कहा, "एक प्रधानमंत्री थे, जिन्हें मिस्टर क्लीन के नाम से जाना जाता था, जिन्होंने कहा था क‍ि दिल्ली से जब एक रुपया चलता है, तो गांवों तक केवल 15 पैसे ही पहुंचते हैं। उस समय पंचायत से लेकर संसद तक एक ही पार्टी का शासन था और आम आदमी आसानी से समझ जाता था कि 85 पैसे कहां गए। देश ने हमें अवसर दिया, हमने समाधान खोजने का प्रयास किया। हमारा मॉडल है- बचत भी विकास भी, जनता का पैसा, जनता के लिए। हमने जनधन, आधार, मोबाइल की जैम ट्रिनिटी बनाई और डायरेक्ट ट्रांसफर करना शुरू किया। हमारे कार्यकाल में हमने 40 लाख करोड़ रुपया सीधे जनता-जनार्दन के खाते में जमा किया।"

कार्टून का किया जिक्र

पीएम मोदी ने लोकसभा में एक पुराने कार्टून का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री पीएम राजीव गांधी पर तंज कसा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "एक पीएम थे जो लगातार 21वीं सदी की बात करते थे, उस वक्त आरके लक्ष्मण ने एक बेहद दिलचस्प कार्टून बनाया था। वो कार्टून उस वक्त तो मजेदार था, लेकिन बाद में सच हो गया। कार्टून काफी दिलचस्प था। इसमें पायलट के साथ एक हवाई जहाज दिखाया गया। अब, उन्होंने पायलट क्यों चुना, मुझे नहीं पता। वहां कुछ यात्री बैठे थे और हवाई जहाज एक ठेले पर रखा हुआ था, जिसे मजदूर धकेल रहे थे, जिस पर 21वीं सदी लिखा हुआ था। उस वक्त ये कार्टून एक मजाक जैसा लग रहा था, लेकिन आखिरकार ये सच साबित हुआ। वो कार्टून एक उदाहरण था कि कैसे प्रधानमंत्री की बातें 'हवा हवाई' और वास्तविकता से दूर थीं।"

सोनिया गांधी को घेरा

पीएम मोदी ने लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान लखपति दीदी की चर्चा की। साथ ही सोनिया गांधी के राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू को 'बेचारी' बोलने पर भी जवाब दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "राष्ट्रपति जी के भाषण के बाद, एक महिला, एक गरीब का सम्मान नहीं क‍िया, आपकी मर्जी है, लेकिन क्या-क्या कहकर उन्हें अपमानित किया जा रहा है। मैं राजनीतिक हताशा समझ सकता हू्ं, लेकिन एक राष्ट्रपति के खिलाफ? क्या कारण है?"

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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